इंटरव्यू में असफल हो रहे हैं तो अपनाएं ये टिप्स

कई बार हम सोचते हैं कि हमारा इंटरव्यू तो बहुत अच्छा रहा फिर हमारा चयन कैसे नहीं हुआ। ऐसे में आपको ओवर कॉन्फिडेंस की जगह आत्म मंथन करना चाहिए और सोचना चाहिए कि गलती कहां पर हो रही है। आज हम आपको बताएंगे कि यदि आपको इंटरव्यू में एक के बाद एक असफलता मिल रही है तो क्या करें और कैसे अपने इंटरव्यू को सफल बनाएं।

हम में से कई लोग किसी स्थान विशेष में इंटरव्यू देकर अक्सर वहां नौकरी मिलने की बड़ी उम्मीदें पाल लेते हैं, लेकिन जब वहां से नकारात्मक जवाब आता है तो ठेस लगती है। हमारे देश में अक्सर ऐसा होता है कि प्रत्याशी को इंटरव्यू के नतीजे के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। यहां पर रिजल्ट बताने के लिए कंपनियां न सिर्फ समय लेती हैं बल्कि उस दौरान कई कारवाईयां भी करती हैं। इसलिए कभी-कभार यह लंबी चुप्पी प्रत्याशी के लिए खासी तकलीफदेह होती है। अच्छे इंटरव्यू और लंबे इंतजार के बाद यदि जवाब नकारात्मक रहता है तो उस बारे में अक्सर यह अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है कि आखिर गलती कहां रह गई थी?

रिजल्ट के लिए सकारात्मक रहें

एक नौकरी को पाने के लिए कई लोग इंटरव्यू देते हैं। इसलिए इंटरव्यू देते वक्त सोच लें कि इस नौकरी को पाने वाले आप अकेले नहीं हैं। इसलिए अपना नजरिया सकारात्मक रखें। दरअसल किसी भी संस्थान में रिक्त स्थान के लिए उचित प्रत्याशी को काम पर रखने से जुड़े कारण और फैसले अक्सर इंटरव्यू देने वाले प्रत्याशियों को स्पष्ट नहीं होते। आपके अच्छे प्रदर्शन के बावजूद कुछ ऐसे कारण हो सकते हैं, जिन पर सोचना वहां की मैनेजमेंट के लिए जरूरी होता है।

दूसरे की राय जान लें

यदि आपका इंटरव्यू सही नहीं हुआ है तो मन बनाकर न बैठें। इंटरव्यू का नतीजा आने के कुछ समय बाद आप रिक्रूटर से बहुत विनम्रता के साथ यह जानने के लिए सविस्तार फीडबैक मांग सकते हैं कि आपके किस पक्ष में कमी रही या भविष्य में आप किस तरह अपने प्रदर्शन में सुधार ला सकते हैं। इससे आपके दूसरे आने वाले इंटरव्यू सही होंगे और आप उसमें सफल हो सकते हैं।

एचआर से बात करें

आपका इंटरव्यू कैसा होता है। यह जानने के लिए आप किसी एचआर प्रोफेशनल की भी सलाह ले सकते हैं, जो भावी साक्षात्कारों के अभ्यास के लिए मॉक इंटरव्यू व सकारात्मक आलोचना के जरिए आपकी मदद कर सकता है।

सही नेटवर्किंग पर ध्यान दें

कहा जाता है कि यदि व्यक्ति अंतर्मुखी है तो उसे नेटवर्किंग से दूर रहना चाहिए। यह गलत है। नेटवर्किंग आज की जरूरत है। किसी को जानने के दीर्घकालिक लाभ होते हैं। बेहतर होगा कि अपने टार्गेट एम्प्लॉयर्स पर फोकस करें और उसी दिशा में नेटवर्किंग के कदम बढ़ाएं।

रेफरेंस देने से पहले सोच लें

अक्सर इंटरव्यू के दौरान दिए जाने वाले रेफरेंस वक्त पड़ने पर साथ नहीं निभाते। इसलिए बेहतर होगा कि अपने रेफरेंस के तौर पर जिन व्यक्तियों का नाम लें,उनसे सीधा संपर्क रखें। साथ ही अपने संपर्कों की जानकारी अधिक लोगों से साझा न करें और उन्हें यह जानकारी रहे कि आप किस पद पर और किन उपलब्धियों व क्षमताओं के साथ इंटरव्यू देने जा रहे हैं। यह बात ध्यान रखें कि आप जिन भी लोगों का रिफरेंस दे रहे हैं। वह आपको अच्छे से जानते हों।

Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error:
Close