क्लाउड कम्प्यूटिंग में सेव करें अपना भविष्य

कहने को तो क्लाउड कम्प्यूटिंग पर भारत में 2005 से काम हो रहा है, लेकिन पिछले दो-तीन सालों में जिस तरह इस सेक्टर ने तेजी पकड़ी है उसे देखकर कहा जा सकता है कि इसमें छात्रों को सफल भविष्य की गारंटी मिल सकती है। इडंस्ट्री से मिले आकंड़ों की मानें तो क्लाउड कम्प्यूटिंग अपनाने वाली कंपनियों की संख्या बढ़ने के साथ 2015 से 2016 तक भारत में 20 लाख से ज्यादा नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।

डिजिटल इंडिया की तर्ज पर आईआई सेक्टर में तेजी से ग्रोथ हो रही है और इसी ग्रोथ में क्लाउड कम्प्यूटिंग इस सेक्टर में एक उभरता हुआ क्षेत्र बनकर सामने आ रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो यह मांग आने वाले समय में दोगुनी होने वाली है।

क्या है क्लाउड कम्प्यूटिंग

वेब सर्च इंजन हो या कोई भी अन्य साइट सभी क्लाउड कम्प्यूटिंग के माध्यम से ही यूजर तक पहुंचती हैं। गूगल सर्च हो या याहू मेल या फिर फोटो शेयर करने वाली साइट, क्लाउड कम्प्यूटिंग के बिना कुछ भी संभव नहीं है।

क्लाउड कम्प्यूटिंग वास्तव में इंटरनेट-आधारित प्रक्रिया और कम्प्यूटर एप्लीकेशन का इस्तेमाल है। गूगल एप्स क्लाउड कम्प्यूटिंग का ही एक उदाहरण है, जो बिजनेस एप्लीकेशन ऑनलाइन मुहैया कराता है और वेब ब्राउजर का इस्तेमाल कर इस तक पहुंचा जा सकता है। इंटरनेट सुविधा और इनमें मौजूद अलग-अलग फीचर्स क्लाउड कम्प्यूटिंग के जरिए ही काम करते हैं।

इनसे बढ़ी है क्लाउड कम्प्यूटिंग की मांग

क्लाउड कम्प्यूटिंग इन दिनों काफी लोकप्रिय हो रही है, क्योंकि तकनीक के रूप में इसके कई फायदे हैं। इसका सबसे पहले फायदा यह है कि अब कंपनियों को पहले की तरह डेटा और बैकअप रखने के लिए बडे-बडे सर्वर नहीं रखने पड़ते हैं, क्योंकि अब क्लाउड कंपनियां ही स्टोरज की उस समस्या को खत्म कर देती हैं। इसका सीधा फायदा कंपनी के बिजनेस पर पड़ता है, क्योंकि अब वह उस अपने बैकअप और डाटा के बारे में न सोचकर सिर्फ अपने बिजनेस और सर्विस पर ध्यान देना होता है।

टेक्निकल स्किल्स में स्मार्ट हों

किसी भी क्लाउड कम्प्यूटिंग में काम करने वाले प्रोफेशनल के पास एचटीएमएल, पास (प्लेटफॉर्म एस ए सर्विस), वर्चुअलाइजेशन टेक्नोलॉजी जैसी क्लाउड कम्प्यूटिंग का बेसिक और जावा, सी प्लस प्लस, नेट जैसी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की जानकारी होनी चाहिए। इसके बिना वह काम नहीं कर सकता है।

बिजनेस एंड फाइनेंशियल स्किल्स

क्लाउड कम्प्यूटिंग में जहां तकनीकी रूप से मजबूत होना पड़ता है वहीं, बिजनेस एंड फाइनेंशियल नॉलेज भी रखनी पड़ती है। इसमें बिजनेस केस, ऑनलाइन मार्र्केंटग स्ट्रेटजी और फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी की जानकारी होनी जरूरी है।

ये पद मिलते हैं

 क्लाउड सॉफ्टवेयर इंजीनियर

क्लाउड प्रोजेक्ट मैनेजर

क्लाउड बिजनेस एनालिस्ट

क्लाउड नेटवर्क आर्किटेक्ट/ प्लानर

क्लाउड प्रोडक्ट मैनेजर

क्लाउड सेल्स एग्जिक्यूटिव

क्लाउड डेवलेपर/ प्रोग्रामर

क्लाउड कंसलटेंट

क्लाउड सिस्टम इंजीनियर

क्लाउड सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर

क्लाउड नेटवर्क इंजीनियर

इधर मिलती है नौकरी

आज पूरी दुनिया में ऐसी कंपनियां हैं जो क्लाउड कम्प्यूटिंग प्रोफेशनल के अपने यहां लाखों की सैलरी में नौकरी आफर कर रहे हैं। इनमे से प्रमुख हैं माइक्रोसोफ्ट, आईबीएम, एमोजन, गूगल , हैविड पैकर्ड और क्लाउड सिग्मा। यह सभी कंपनियां जितनी मशहूर हैं उसी हिसाब से हायरिंग करती हैं।

योग्यता

क्लाउड कम्प्यूटिंग में काम पाने के लिए कोई खास डिग्री नहीं है, लेकिन इस फील्ड में इंजीनिरंग की डिग्री और कम्प्यूटर सांइस की डिग्री रखने वाले छात्रों को आसानी से नौकरी मिल जाती है। साथ ही आईटी और कम्प्यूटर से संबंधित बैकग्राउड वाले छात्रों को भी प्राथमिकता दी जाती है।

ये भी है जरूरी

 डाटाबेस, डाटामाइनिंग और ईआरपी (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग) सिस्टम की जानकारी होना अनिवार्य है।

इंटरनेट सिक्योरिटी, ऑथोराइजेशन एंड सिक्योरिटी प्रोटोकॉल्स की बेहतरीन जानकारी हो।

क्लाउड कम्प्यूटिंग में कई प्रकार की भूमिकाएं शामिल होती हैं। ये मैनेजमेंट, आईटी सिस्टम, एंड यूजर सपोर्ट,एप्लीकेशन डेवलेपमेंट, बिजनेस एनालिसिस, नेटवर्क, सिक्योरिटी और वेब डेवलेपमेंट से संबंधित हो सकती हैं।

क्लाउड कम्प्यूटिंग में स्पेशलिस्ट बनाने के लिए कराए जाने वाले सर्टिफिकेशन कोर्स

ईएमसी क्लाउड आर्किटेक्ट (ईएमसीसीए)

ईएमसी क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर एंड सर्विस सर्टिफिकेशन (एसोशिएट लेवल)

ईएमसी वर्चुअलाइज्ड डाटा सेंटर एंड क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्टिफिकेशन (स्पेशलिस्ट लेवल)

वीेएमवेयर क्लाउड सर्टिफिकेशन

सर्टिफिकेट ऑफ क्लाउड सिक्योरिटी नॉलेज

आईबीएम सर्टिफाइड सॉल्युशन आर्किटेक्ट

एचपी एक्सपर्टवन क्लाउड सर्टिफिकेशन

 

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