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पंजाबी फिल्म ‘सरवन’ आपको बना सकती है आधुनिक युग का ‘श्रवण कुमार’

पंजाबी फिल्म 'सरवन'

नई दिल्ली, 13 जनवरी: हिंदी फिल्मों के बाद हॉलीवुड में पहचान बना चुकीं स्टार अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा पंजाबी फिल्म ‘सरवन’ के साथ निर्माता के रूप में एक नई पारी शुरू कर रही हैं।

यह फिल्म एक शरारती और बिगड़ैल पंजाबी युवक की कहानी है जिसे आगे चलकर अपनी गलती का अहसास होता है और वह श्रवण कुमार बनने की जद्दोजहद शुरू कर देता है। फिल्म के निर्देशक करण गुइलानी ने आईएएनएस के साथ बातचीत में फिल्म से जुड़े तमाम पहलुओं पर चर्चा की।

पंजाबी फिल्म से निर्देशक की कमान संभालने वाले करण ने कहा, “मैं प्रियंका चोपड़ा के पास एक हिंदी फिल्म की पटकथा लेकर गया था, लेकिन उस समय वह अमेरिकी धारावाहिक ‘क्वांटिको’ की शूटिंग में व्यस्त थीं। इस बीच हमें पंजाबी फिल्म करने का ख्याल आया। जब हमने इस संदर्भ में फिल्म की पटकथा प्रियंका की मां मधु चोपड़ा को बताई तो उन्हें यह पसंद आई।”

गुइलानी ने कहा, “प्रियंका ने भी पटकथा सुनने के बाद इसके निर्माण में हाथ डालने पर हामी भर दी। दरअसल वह इस फिल्म के जरिए पूरी दुनिया में पंजाबी संस्कृति को पहुंचाना चाहती थीं।”

पंजाबी मेरी मातृभाषा है तो मैं हमेशा से ही चाहता था कि मेरी शुरुआत पंजाबी फिल्मों से ही हो। फिल्म के लिए एक लोकप्रिय चेहरे की जरूरत थी तो हमने सबसे पहले मुख्य किरदार के लिए अमरिंदर गिल को चुना, दूसरे मुख्य किरदार के लिए रंजीत भावा पहली पसंद थे। उनका एक वीडियो रोटी और डॉलर मुझे खासा पसंद आया था।

आमतौर पर क्षेत्रीय भाषी फिल्में एक विशेष क्षेत्र के दायरे में सिमट कर रह जाती हैं, ऐसे में पंजाबी फिल्मों से शुरुआत करना थोड़ा जोखिम भरा नहीं लगा? इसके जवाब में करण कहते हैं, “मैं भाग्यशाली हूं कि सरवन की रिलीज अन्य पंजाबी फिल्मों की तुलना में खासे बड़े स्तर पर हो रही है। यह बेंगलुरू, कोलकाता और मध्य प्रदेश के बिलासपुर में भी रिलीज हो रही है। विदेश की बात करें तो यह कनाडा, अमेरिका, आस्ट्रेलिया, मलेशिया, सिंगापुर, लंदन, संयुक्त अरब अमीरात और कुछ यूरोपीय देशों में भी रिलीज हो रही है।”

फिल्म की कहानी के बारे में पूछने पर करण कहते हैं, “यह हर उस आम युवा लड़के की कहानी है जो उम्र के इस पड़ाव में अपने मां-बाप को दुश्मन मानने लगता है। लेकिन उम्र बढ़ने के साथ उसमें यह समझ पैदा होती है कि मां-बाप आपका हमेशा भला ही सोचते हैं, और फिर शुरू होता है श्रवण कुमार बनने का सफर।”

फिल्म से जुड़े किसी यादगार लम्हे के बारे में पूछने पर करण ने बताया, “अमरिंदर गिल पंजाब में उतने ही लोकप्रिय हैं जितने रजनीकांत दक्षिण भारत में। हम लोग रात में पंजाब में एक सीन फिल्मा रहे थे। जब गांव वालों को अमरिंदर गिल का पता चला कि वह यहां शूटिंग कर रहे हैं, तो पूरा पंजाब उमड़ पड़ा। उस रात अमरिंदर को 800 सेल्फी गांव वालों के साथ खिचवानी पड़ी।”

यह पूछने पर कि प्रियंका ने फिल्म में कोई आइटम नंबर क्यों नहीं किया? उन्होंने कहा, “हमने फिल्म में कोई भी गाना जबरदस्ती नहीं ठूसा है। प्रियंका का मानना था कि वह जबरदस्ती कोई गाना फिल्म में नहीं रखना चाहतीं। इसलिए न ही उन्होंने फिल्म में कोई आइटम नंबर किया और न ही कोई प्रमोशनल गाना शूट किया। हमारी फिल्म का हर गाना कहानी की मांग पर बनाया गया है और यह कहानी को आगे ले जाता है।”

करण अपने ड्रीम प्रोजेक्ट के बारे में बात करते हुए कहते हैं, “मेरे पास ढेरों कहानियां हैं जो मैं अपनी फिल्मों के जरिए दुनिया को बताना चाहता हूं। बायोपिक की जहां तक बात है तो मैं एक सैनिक के जीवन पर आधारित फिल्म बनाना चाहता हूं, ताकि देश के नौजवानों को सैनिक बनने के लिए प्रेरित कर सकूं।”

प्रियंका और करण की यह फिल्म 13 जनवरी को रिलीज होने के लिए तैयार है।

–आईएएनएस

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समय धारा

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