रूस अमेरिका से नहीं लेगा बदला, जवाबी कार्रवाई के रूप में नहीं निकाले जाएंगे अमेरिकी राजनयिक : पुतिन

मास्को, 31 दिसम्बर : रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को अपने विदेश मंत्रालय के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया कि अमेरिका द्वारा रूसी राजनयिकों को देश से निकालने के जवाब में रूस को भी 35 अमेरिकी राजनयिकों को देश से निकाल देना चाहिए। आरटी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन ने कहा कि जल्द ही राष्ट्रपति पद का कार्यकाल पूरा करने जा रहे बराक ओबामा की कोशिश जवाबी कार्रवाई के लिए उकसाने की है, लेकिन रूस इस प्रलोभन में नहीं फंसेगा।

पुतिन ने एक बयान में कहा, “हम जवाबी कार्रवाई का अधिकार रखते हैं। लेकिन, हम इस स्तर की गैर जिम्मेदार ‘किचेन कूटनीति’ तक गिरने के लिए तैयार नहीं हैं। हम नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के आधार पर रूस-अमेरिका संबंधों के लिए कदम उठाएंगे।”

इससे पहले रूसी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को 35 अमेरिकी राजनयिकों को देश से निकालने का प्रस्ताव दिया था।

विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा था, “रूस के विदेश मंत्रालय और अन्य एजेंसियों के उनके सहयोगियों ने प्रस्ताव दिया है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मॉस्को स्थित अमेरिकी दूतावास के 31 और सेंट पीटर्सबर्ग स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के चार राजनयिकों की घोषणा अवांछित व्यक्ति के रूप में करें।”

लावरोव के अनुसार, प्रस्ताव में मॉस्को में अमेरिकी राजनयिकों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे एक मनोरंजन और भंडारण सुविधा केंद्र पर प्रतिबंध लगाना भी शामिल है।

उन्होंने कहा था, “हम उम्मीद करते हैं कि इन प्रस्तावों की समीक्षा यथाशीघ्र की जाएगी।”

इसी के साथ रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मरिया जखरोवा ने सीएनएन की एक रिपोर्ट का खंडन किया कि रूस अंग्रेजी भाषी राजनयिकों के बच्चों के लिए एक स्कूल को बंद करेगा।

टीवी चैनल सीएनएन की रिपोर्ट में कहा गया था कि रूसी अधिकारियों ने अमेरिका से 35 रूसी राजनयिकों के निष्कासन के जवाब में मॉस्को के एंग्लो-अमेरिकन स्कूल को बंद करने का आदेश दिया है।

रिपोर्ट में कहा गया था, “स्कूल अमेरिकी, ब्रिटिश और कनाडाई दूतावासों के राजनयिकों, अमेरिकी और विदेशी नागरिकों के बच्चों के लिए है।”

चैनल ने अनाम अमेरिकी अधिकारी को अपनी इस सूचना का सूत्र बताया था।

जखरोवा ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा, “यह झूठ है। स्पष्ट रूप से व्हाइट हाउस पागल हो गया है और अपने ही बच्चों पर प्रतिबंध लगाने का तरीका इजाद करने की शुरुआत कर दी है।”

–आईएएनएस

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