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‘मेरा भारत महान’ : गोरक्षक हमले नहीं कर रहे है बल्कि गोरक्षकों पर ही हमले हो रहे है – मोहन भागवत

आरएसएस संघ प्रमुख मोहन भागवत (साभार-गूगल)

नागपुर, 30 सितम्बर :  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को गोरक्षकों के सांप्रदायिक हिंसा में लिप्त होने की खबरों का खंडन किया और कहा कि इसके विपरीत संवैधानिक ढांचे के भीतर रहकर गायों की रक्षा करने वालों पर हमले किए जा रहे हैं और उनकी हत्या की जा रही है। भागवत ने सरकार से कहा कि वह गोरक्षा पर तथ्यों को गलत तरीके से पेश न करे और यह सुनिश्चित करे कि अपराधियों को सजा मिले और निर्दोष लोगों को नुकसान न पहुंचे। क्योंकि आने वाले समय में गोरक्षा जैसे अच्छे काम और आगे बढ़ेंगे।

नागपुर में अपने वार्षिक विजयदशमी भाषण में आरएसएस कार्यकर्ताओं की भीड़ को संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा कि हिंदू समूह और अन्य संगठनों के स्वयंसेवक गोरक्षा अभियान में शांतिपूर्वक शामिल हैं, जोकि हमारे संविधान के निर्देशक सिद्धांतों में भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि गायों की तस्करी हर राज्य में एक गंभीर समस्या है और खासकर बांग्लादेश सीमा पर, जिसके कारण गोरक्षा का काम ‘अधिक मूल्यवान’ बन गया है। 

भागवत ने कहा कि हाल में हुई हिंसक घटनाओं और गोरक्षकों द्वारा किए गए अत्याचारों पर हुई जांच से यह साबित हुआ है कि ये कार्यकर्ता उन हिंसक घटनाओं में शामिल नहीं थे।

उन्होंने अपने भाषण में कहा, “इसके विपरीत शांतिपूर्वक गाय की रक्षा में शामिल गोरक्षकों पर हमले किए गए और उन्हें मारा गया। इन मुद्दों पर न चर्चा हुई और न ही इनकी जांच की गई। गोरक्षकों और गोरक्षा की घटनाओं को हिंसक घटनाओं या सांप्रदायिक भावनाओं से जोड़कर देखना सही नहीं है।”

आरएसएस प्रमुख ने कहा कि गोरक्षा, गौपालन को बढ़ावा देने और गौशालाओं के प्रबंधन में शामिल कई मुसलमानों ने उन्हें बताया कि भारत में विभिन्न धर्मो के लोगों के बीच तनाव पैदा करने के लिए ऐसी नापाक घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। 

भागवत ने गाय के नाम पर हिंसा के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दी गई सख्त चेतावनी के परोक्ष संदर्भ में कहा कि गोरक्षा से पवित्रता के साथ जुड़े स्वयंसेवक सरकार के उच्च पदस्थ व्यक्तियों के बयानों और पीट-पीट कर की जाने वाली हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए सरकारों को सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों से न घबराएं।

उन्होंने कहा, “जो लोग अपराधी हैं और हिंसक घटनाओं में शामिल हैं, उन्हें इसकी चिंता करने की जरूरत है।”

भागवत ने सरकार से कहा कि इस तरह की गलत जानकारियों से बचे और यह सुनिश्चित करे कि अपराधियों को कड़ी सजा दे और निर्दोषों को परेशान न करें।

उन्होंने कहा कि भारतीय नस्ल की गाय की उपयोगिता वैज्ञानिक रूप से मनुष्यों के लिए गोबर और मूत्र के औषधीय मूल्य द्वारा सिद्ध की जा चुकी है।

–आईएएनएस

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समय धारा

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