सपा का चुनाव चिन्ह ‘साइकिल’ की दौड़ में कौन है आगे और क्यों..?

नई दिल्ली, 14 जनवरी: आज मकर सक्रांति के शुभ अवसर पर हम हमारे सभी पाठको को शुभकामनाये देते है l उनके जीवन की सारी  परेशानियों का अंत हो और एक नयी सुबह की शुरूवात हो l  

निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के चुनाव चिन्ह ‘साइकिल’ को आवंटित करने पर अपना फैसला सुरक्षित रखा। उम्मीद है कि वह अपना निर्णय सोमवार को सुनाएगा। समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव की वकील गौरी नौलांकर ने आयोग में सुनवाई के बाद  कहा, “आयोग ने अपना फैसला आज (शुक्रवार को) सुरक्षित रख लिया। वह पार्टी के चुनाव चिन्ह के बारे में सोमवार को निर्णय सुनाएगा।”

उन्होंने कहा, “आयोग ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।”

और हम बात उत्तर प्रदेश की करें तो  इस समय सारे देश की निगाहें उत्तर प्रदेश पर टिकी हुई  है और हो भी क्यों नहीं चुनाव नजदीक है और अभी तक सपा का चुनाव चिन्ह ही किसका है पता नहीं चला है। इसका फैसला सोमवार को आने वाला है पर उसके पहले अटकलों का बाजार गर्म है l सब गुटों के अपने अपने तर्क है और इन तर्कों के पीछे अपने-अपने दावें l ये तो आने वाला वक़्त ही बताएगा की  ‘साइकिल’ किसकी है l हमारे एक्सपर्ट्स और बहुत से लोग की राय से हमने जो ‘यूपी-सार’ निकाला है वो इस प्रकार है l  

शुक्रवार को हुई सुनवाई की संक्षिप्त जानकारी देते हुए अधिवक्ता गौरी ने कहा, “मुलायम जी ने कहा कि शुरुआत से ही वह पार्टी के वैधानिक अध्यक्ष हैं, इसलिए कोई भी व्यक्ति अवैधानिक रूप से सम्मेलन बुलाकर उन्हें उनके पद से नहीं हटा सकता है।”

गौरी के अनुसार, मुलायम ने आयोग से कहा कि पार्टी के संविधान के मुताबिक वह उसके पदस्थ अध्यक्ष हैं।

अधिवक्ता ने कहा कि मुलायम के पुत्र और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर से पेश वकील कपिल सिब्बल ने मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी से कहा कि यह अखिलेश की पार्टी की है।

आयोग में सुनवाई के बाद सिब्बल ने भी संवाददाताओं से कहा कि आयोग ने दोनों गुटों की बातें सुनीं और किसी एक पक्ष को चुनाव चिन्ह देने को लेकर फैसला सुरक्षित रख लिया।

उधर, मुख्यमंत्री के वकील सुमन राघव ने आईएएनएस से कहा, “मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी के समक्ष हमारे अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने हमारा पक्ष प्रस्तुत किया है। उन्होंने आयोग को सूचित किया कि पार्टी के अधिकांश सांसद और विधायक अखिलेश के साथ हैं, इसलिए साइकिल चुनाव चिन्ह हमलोगों को मिलना चाहिए।”

राघव ने कहा, “हम आश्वस्त हैं कि निर्णय हमारे पक्ष में होगा।”

सुनवाई के लिए हालांकि मुख्यमंत्री यहां नहीं आए थे, लेकिन उनके सिपहसलार रामगोपाल यादव, नरेश अग्रवाल, किरणमय नंदा और नीरज शेखर उपस्थित थे।

मुलायम के साथ उनके भाई शिवपाल यादव, आशु मलिक और संजय सेठ थे।

निर्वाचन आयोग में शुक्रवार को सुनवाई करीब चार घंटे तक चली।

(इनपुट आईएएनएस से भी )

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