समयधारा की तरफ से आप सभी को “मकर संक्रांति” की शुभकामनाये

समयधारा ,14 जनवरी:   मकर संक्रांति  भारत के प्रमुख त्‍योंहारों में से एक है और इसे जनवरी महीने में पूरे भारत में मनाया जाता है। इस दिन गुड़–तिल, रेवड़ी, गजक का खाया जाता है और खास तौर पर खिचड़ी बनाई जाती है. पुरे भारत वर्ष में इस दिन को अलग अलग नामों से जाना जाता है ; चलिए आज हम बताते है की पुरे भारत में इस दिन को क्यों महत्वपूर्ण कहा जाता है l 

 नार्थ इंडिया :  हमारी दिल्ली हो या पंजाब या फिर उत्तर प्रदेश या बिहार पुरे उत्तर भारत में 14 जनवरी को हर्शौलाष से मनाया जाता है l इस खास दिन लोग अपने रिश्‍तेदारों और दोस्‍तों से मिलते हैं और उन्‍हें मकर संकांति की बधाइयां देते हैंl है। इस दिन गुड़–तिल, रेवड़ी, गजक का खाया जाता है और खास तौर पर खिचड़ी बनाई जाती हैl यहाँ यह बताना भी जरुरी है की पंजाब का सबसे बढ़ा त्योहार 14 जनवरी के एक दिन पहले आता है जिसे लोहरी कहते है l और यह पंजाब के आस पास दिल्ली बिहार और अब तो पुरे भारत में हर्षोल्लास से मनाया जाता है l 

साउथ इंडिया: इस दिन को यहाँ  पोंगल के नाम से जाना जाता है l पोंगल साउथ इंडिया के एक बढे त्योहारों में से एक है यहाँ घर के सभी लोग एक दुसरे को बधाई देते हैl यह त्योहार 4 दिनों तक मनाया जाता है l 

 पहले दिन को भोगी(BHOGI) कहा जाता है l

दुसरे दिन को पेरुम या सूर्य पोंगल(SURYA PONGAL) कहा जाता है l

मट्टू  पोंगल (MATTU PONGAL ) तीसरे दिन को कहा जाता है l

चौथे दिन को कनून पोंगल  (Kanum PongaL) कहा जाता है l

वेस्ट इंडिया : महाराष्ट्र में इस त्यौहार को बहुत ही हर्षोल्लास से मनाया जाता है लोग एक दुसरे को टिल गुड खिलाकर कहते है “तिल गुड खावा , गोड गोड बोला”: जिसका मतलब है की आप तिल और गुड खाएं और मीठा बोले l 

ईस्ट इंडिया : यहाँ पुरे भारत के जो लोग, यहाँ आकर बसे है वह अपने हिसाब से इस त्यौहार हो मनाते है l  

 

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