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दुनिया में अगर आप किसी चीज को बांधकर नहीं रख सकते तो वह है-समय। समय के साथ सभी की जिंदगी में उतार-चढ़ाव आते है। फिर चाहे बात एक व्यक्ति की जिंदगी की हो, परिवार की, समाज की, देश की या फिर दुनिया की। उतार-चढ़ाव सभी की जिंदगी का अभिन्न हिस्सा रहते है। समय बड़ा बलवान है और हम भी समय के हाथों बंधे हुए हैl समय ने ही हमें एक-दूसरे के साथ बांध रखा हैl अच्छा हो या बुरा, दूर हो या पास, साथ हो या फिर अलग… हमेशा आप रहते है समय के साथ, इसलिए जब हमने हमारे समयधारा परिवार की बुनियाद रखने की सोची तो इससे बेहतर नाम हमें नहीं सूझा।

 बात आज की हो या फिर बीते कल और आने वाले कल की, समय के हर पल की धारा आपके अनुभवों की अपनी समयधारा है। इसलिए व्यक्ति, समाज, देश-विदेश के हर पल में घटित होने वाले घटनाक्रमों की सटीक खबरें देने का बीड़ा उठाया- समयधारा ने। समयधारा डिजिटल वर्ल्ड में नया जरूर है,लेकिन इसकी नींव रखने के पीछे एक अनुभवी शख्सियत का हाथ है। इस शख्सियत का नाम है-रीना आर्य। जी हां, रीना आर्य जी ने 2011 से अपनी पत्रकारिता की शुरूआत की थी। बतौर इंटर्न दूरदर्शन से अपने करियर की शुरूआत करने वाली रीना आर्य ने प्रिंट, इलेक्ट्रोनिक और डिजिटल यानि मीडिया के तीनों स्तंभों में अनुभव अर्जित किया। रीना आर्य जी के लिए जर्नलिज्म केवल पैसा कमाने का जरिया भर नहीं रहा, बल्कि जर्नलिज्म उनके लिए एक जुनून की तरह है और यही कारण है कि उन्होंने इसकी हर विधा की बारीकियां सीखी…फिर बात चाहे प्रिंट में रिपोर्टिंग करने की हो, चैनल में प्रोग्रामिंग, आउटपुट या फिर बतौर एंकर अपनी पहली जॉब पाना रहा हो। रीना आर्य जी ने मीडिया में अपनी पहचान अपने काम के दम पर बनाने के लिए हर उस विधा को सीखा,जिसे समय ने उनके सामने रखा। उनका मानना है कि अपनी क्षमताओं को कभी सीमित नहीं समझना चाहिए और हमेशा खुद को चैलेंज करते रहना चाहिए क्योंकि जिंदगी एक संघर्ष है और संघर्ष ही इंसान को सफल बनाता है।

रीना आर्य ने अपने पिछले कई सालो के पत्रकारिता के सफर में समय के साथ इतने उतार-चढ़ाव देखें कि आज अगर हम उनकी जिंदगी को एक नजर पीछे मुड़कर देखते है तो यकीन ही नहीं होता कि एक आम मध्यमवर्गीय परिवार की लड़की, अपने कई सालों के करियर में अंतत: खुद के बल पर अपनी एक न्यूज वेबसाइट समयधारा.कॉम(www.samaydhara.com) खड़ी कर सकती है,लेकिन कहते है न कि इरादे बुलंद हो तो आपको आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता। छोटे-बड़े कई मीडिया हाउसेज में काम कर चुकी मिस रीना आर्य जी ने एक सपना देखा और उन्होंने उस सपने को संजोकर रखाधीरे -धीरे यह सपना बड़ा होता गया l सपना बड़ा होता गया और जिम्मेदारी भी बढ़ती गई l फिर अपने सपने को पूरा करने के लिए 2013 में उन्होंने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया l उन्होंने www.samaydhara.com की नींव और अंतत: इस बुनियाद को रीना आर्य जी ने समयधारा की इमारत के रूप में हकीकत में तब्दील कर दिया।

 देश के प्रतिष्ठित ब्रैंड्स के साथ काम कर चुकी रीना आर्य जी के अंत: मन में हमेशा एक कसक रहती थी कि उन्होंने पत्रकारिता इसलिए कि थी कि इसके द्वारा वह देश और समाज में कुछ बदलाव लाने का प्रयास कर सकेंगी, लेकिन बड़े ब्रैंड्स की कैट-फाइट में उन्हें यह समझते देर न लगी कि अगर बदलाव लाना है, तो खुद का कुछ शुरू करना होगा और खुद का कुछ शुरू करने के लिए आपके पास अनुभव का खजाना होना अत्यंत जरूरी है।यही कारण है कि रीना आर्य जी ने कैमरा के आगे-पीछे, फिल्ड पर और न्यूज डेस्क पर सभी जगह पहले अनुभव अर्जित किया। फिर बात चाहे उनके रिपोर्टिंग की हो, एंकर बनने की, कंटेंट राइटर या फिर वेब एडिटर बनने की, प्रत्येक जिम्मेदारी को रीना आर्य जी ने पूरी शिद्दत के साथ निभाया और उन्हीं अनुभवों का परिणाम है आज आप सभी के सामने www.samaydhara.com के रूप में है।

 रीना आर्य जी ने समयधारा को केवल एक पारंपरिक न्यूज वेबसाइट के रूप में नहीं लांच किया बल्कि उन्होंने समय के साथ, सटीक और प्रमाणिक खबरों को पाठकों तक पहुंचाने और समयधारा के द्वारा समाज व देश में बदलाव की बयार लाने का बीड़ा उठाया है, इसका नतीजा है कि रीना आर्य जी ने कानून की कलम सेसरीखा एक नवीन कॉलम समयधारा में शुरू किया है, जिसका मकसद आम लोगों को कानून की पेचीदा समस्याओं का समाधान देना है।

 इसके साथ-साथ समयधारा में देश-दुनिया की राजनीतिक, सामाजिक,आर्थिक व सांस्कृतिक खबरों को सटीक रूप में परोसा गया है, इतना ही नहीं पाठक समयधारा में मनोरंजन,टेक्नोलॉजी, ओटोमोबाइल, खेलकूद, बिजनेस, एजुकेशन, हेल्थ,लाइफस्टाइल,जोक्स-शायरी और ये क्या सरीखे सेक्शन्स के माध्यम से सभी प्रकार की सटीक खबरें व जानकारियां प्राप्त कर सकता है। प्रिंट, इलेक्ट्रोनिक और डिजिटल में खबरों के अनुभव का निचोड़ आपको समयधारा में मिलता है। तीन सालों की अथक मेहनत का नतीजा ही है कि आज आप एक ऐसे डिजिटल न्यूज़ पोर्टल पर सटीक खबरे पड़ रहे है, जिसे किसी बिजनेस क्लास या पारंपरिक ब्रैंड ने नहीं बनाया, बल्कि आप ही के बीच से निकली एक आम लड़की रीना आर्य जी ने इस खास न्यूज वेबसाइट को निर्मित किया है।आपके सुझाव, आपके प्यार और आप सभी के आशीर्वाद की वजह से आज हम इस मुकाम पर पहुंचे है

 रीना आर्य जी ने अपने संपूर्ण पत्रकारिता करियर में मीडिया के तीनों स्तंभों के द्वारा जो भी अनुभव अर्जित किया वह समयधारा के रूप में आपके समक्ष रखने का प्रयास मात्र किया है क्योंकि कहते है न- अनुभव ही इंसान को परफेक्ट बनता हैl और इसी अनुभव की बदौलत रीना आर्य जी ने समयधारा को एक अलग पहचान देने की कोशिश की है,लेकिन एक मध्यमवर्गीय लड़की के लिए समयधारा की नींव रखना आसान नहीं था,खासकर जब पारिवारिक जिम्मेदारियां सिर पर हो। अपनी अपाहिज माँ का ध्यान रखते हुए  रीना आर्य जी ने काम के साथ साथ समयधारा की तरफ भी ध्यान दिया और इसी कारण 2013 में देखे गए सपने को मूर्त रूप देने में तीन साल लग गए।

 लेकिन कहते है कि देर आये दुरुस्त आये,बस इसी कहावत के साथ पूरी तरह से न्याय किया है रीना आर्य जी ने l उनकी जिंदगी में कितनी मुश्किलें आई… कभी एक्सीडेंट, तो कभी माँ की वजह से बड़े -बड़े मीडिया हाउस से काम छोड़ना पड़ा उनको..! परेशानियां और रीना आर्य जी का चोली -दामन का साथ रहा हैl उन्होंने हर परेशानी का डटकर सामना किया l लाख मुसीबतें आई लेकिन फिर भी उन्होंने हौसला नहीं छोड़ा l इस आम मध्यमवर्गीय लड़की रीना आर्य ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी ऑनर्स में स्नातक की डिग्री ली और पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी अधिकृत संस्थान से जर्नलिज्म व मास-मीडिया में पोस्ट-ग्रेजुएशन किया। मीडिया में रीना आर्य जी का सफर आसान नहीं था। प्रत्येक नॉन-मीडिया बैकग्राउंडर की तरह उन्हें भी हर कदम पर भेदभाव का सामना करना पड़ा।लोगों ने उन्हें पीछे करने के लिए क्या नहीं किया सारे तरीके अपनाएं… पर रीना आर्य जी का हौसला नहीं तोड़ पाएं l प्रत्येक मीडिया संस्थान में रीना आर्य जी ने अपने काम के बल पर अपनी एक अलग पहचान बनाई,लेकिन पारंपरिक भेदभाव पूर्ण रवैये से रीना आर्य जी भी अछूती नहीं रही और उनके अंदर का जनूनी शख्स अपनी काबलियत को दुनिया के सामने लाने के लिए हर पल, हर कदम छटपटाता रहा।अपनी जॉब के सफर को याद करते हुए रीना आर्य जी बताती है कि उन्हें ये तक कहा गया कि एक बॉस ही आपकी किस्मत बना सकता है और तुम खुद के दम पर कुछ नहीं कर सकती,लेकिन जिस लड़की का पूरा जीवन ही संघर्ष और चुनौतियों से परिपूर्ण रहा हो, उसके हौसलें ऐसे शब्द कभी तोड़ न सकें बल्कि वह और बुलंद होकर उन्हें साकार करने में जुट गई। रीना आर्य जी ने गलत के आगे कभी घुटने नहीं टेके, फिर चाहे इसके लिए उन्हें अपनी नौकरी तक क्यों न छोड़नी पड़ी हो। रीना आर्य जी को मीडिया में कुछ लोगों ने यह भी समझाया कि आपको हालात के साथ समझौता करना ही होगा,लेकिन रीना जी ने न हालात के साथ समझौता किया, किसी पर भरोसा। बस प्रतिकूल हालातों में भी अपने सपने को जिंदा रखा और बिना किसी की परवाह किए केवल अपने काम पर भरोसा रखा और मेहनत करती गई। उनकी लड़ाई स्वंय से थी, स्वंय के हालातों से थी, उन प्रतिकूल परिस्थितियों को खुद के अनुकूल बनाने के लिए थी। रीना  जी की यह लड़ाई अपने आप को समाज में उस मुकाम पर पहुंचाने के लिए थी, जहां लोग उन्हें सम्मान की नजर से देखिं और उनकी पहचान उनके काम के बल पर हो न कि असंख्य चाटुकर लोगों की तरह। लीक से अलग हटकर जीवन जीने वाली रीना आर्य जी ने पारिवारिक और प्रोफेशनल दोनों फ्रंटों पर संघर्ष करते हुए आज समयधारा सरीखा न्यूज पोर्टल दुनिया के समक्ष रखा है।

 उनके परिवार और दोस्तों को उनपर नाज है क्योंकि उन्होंने समाज के समक्ष यह उदाहरण रख दिया है कि अगर आपके अंदर कुछ कर गुजरने का हौंसला बरकरार है तो सैंकड़ों परेशानियां भले ही आएं सफलता एक दिन आपके कदम जरूर चूमती है।सपने देखना ही नहीं, उन्हें पूरा करना भी जरुरी होता है और वही किया रीना आर्य जी ने l उन्होंने सपने देखें, उन्हें पूरा किया और लोगो से जुड़ने का एक जरिया बनाया समयधारा.कॉमl

 हमारी समयधारा सिर्फ एक न्यूज वेबसाइट है बल्कि यह आपकी अपनी खबरों का सही स्थान है l समाज में जो गलत या सही हो रहा है , उसका एक आइना है- समयधारा l इस न्यूज पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत है कि यह सिर्फ एक पारंपरिक न्यूज वेबसाइट नहीं है बल्कि देश और समाज में बदलाव लाने, बड़े-बड़े मीडिया हाउसेज की राजनीति से इतर बेधड़क,बेखौफ,सच्ची बात सटीकता के साथ कहने का माद्दा रखने वाला डिजिटल प्लेटफॉर्म है,जिसकी नींव एक मध्यमवर्गीय आम लड़की ने खास सपना संजोकर रखी है।

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