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पी.वी.सिंधु की टीम चेन्नई स्मैशर्स ने जीता पीबीएल के दूसरे संस्करण का खिताब

पी.वी.सिंधु

नई दिल्ली, 15 जनवरी : भारत की अग्रणी महिला खिलाड़ी पी.वी.सिंधु की टीम चेन्नई स्मैशर्स ने प्रीमियर बैडमिंटन लीग (पीबीएल) के दूसरे संस्करण का खिताब अपने नाम किया है। सिरी फोर्ट इंडोर स्टेडियम में खेले गए फाइनल में शनिवार को रोचक मुकाबले में चेन्नई ने मुंबई रॉकेट्स को 4-3 से मात दी और ट्रॉफी के साथ छह करोड़ रुपये की इनामी राशि पर कब्जा जमाया। उपविजेता मुंबई को ट्रॉफी और तीन करोड़ रुपये इनाम में मिलेंगे।

चेन्नई और मुंबई के बीच मुकाबला बेहद रोचक रहा। मुंबई की टीम एक समय 0-3 से पीछे चल रही थी। चेन्नई ने अपने शुरुआती दो मुकाबले जीतते हुए उस पर बढ़त ले ली थी। लेकिन मुंबई ने वापसी की और स्कोर 3-3 कर दिया। आखिरी मुकाबले पर विजेता का फैसला निर्भर था जहां चेन्नई ने मुंबई को मात देते हुए जीत हासिल की।

पहला मैच मिश्रित युगल का था। यह चेन्नई का ट्रम्प मैच भी था। इस मैच में चेन्नई की क्रिस एडकॉक और गैब्ररिएल एडकॉक की जोड़ी ने मुंबई की निपथफोन फ्यांगफ्यूफेट और नादिजेद जिएब की जोड़ी को 11-9, 11-6 से मात देते हुए अपनी टीम का खाता दो अंकों से खोला।

पीबीएल में ट्रम्प मैच जीतने वाली टीम को दो अंक मिलते हैं जबकि हारने वाली टीम के हिस्से से एक अंक की कटौती की जाती है।

रियो ओलम्पिक-2016 में भारत को रजत पदक दिलाने वाली सिंधु और इस लीग में मुंबई के लिए खेल रहीं दक्षिण कोरिया की सुंग जी ह्यून के मुकाबले पर सबकी नजरें थीं। सिंधु ने यह मुकाबला 11-8, 11-8 से अपने नाम करते हुए अपनी टीम को 3-0 से आगे कर दिया था।

जैसी की उम्मीद थी, सिंधु को अपनी प्रतिद्वंद्वी से अच्छी टक्कर मिली। पहला सेट चुनौतीपूर्ण रहा। दूसरे सेट में ह्यून से वापसी की उम्मीद थी। सिंधु ने पहला अंक अपने खाते में डाला और फिर 5-3 से बढ़त ले ली। ह्यून ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए वापसी की और स्कोर 5-5 से बराबर कर लिया।

स्कोर बराबर होने के बाद सिंधु पूरी तरह से अपनी विपक्षी पर हावी हो गईं। आक्रामक सिंधु ने लगातार चार अंक लेते हुए ह्यून की वापसी मुश्किल कर दी। बावजूद इसके ह्यून ने तीन अंक जुटाए लेकिन सिंधु बाकी के दो अंक जुटाते हुए मैच जीत ले गईं। चेन्नई की टीम 3-0 से आगे हो गई।

मुंबई ने पिछड़ने के बाद भी हार नहीं मानी। अगला मुकाबला पुरुष युगल का था जो मुंबई का ट्रम्प मैच था। मुंबई ने यह दांव ली योंग डे और निपथफोन की जोड़ी पर खेला। इस जोड़ी ने अपनी टीम को निराश नहीं किया और चेन्नई की क्रिस एडकॉक और मैड्स पियर कोल्डिंग को 12-10, 11-6 से मात देते हुए अपनी टीम के हिस्से में दो अंक डाले। चेन्नई अभी भी मुंबई से 3-2 से आगे थी।

इस मैच के बाद पुरुष एकल के मुकाबले में भारत के दो शीर्ष खिलाड़ी आमने-सामने थे। मुंबई की तरफ से यह मुकाबला खेलने एच.एस.प्रनॉय उतरे तो चेन्नई ने परुपल्ली कश्यप को कोर्ट पर उतारा। दोनों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। आक्रामक खेल रहे दोनों खिलाड़ी हार के लिए तैयार नहीं थे।

प्रनॉय ने पहला गेम 11-4 से अपने नाम किया, लेकिन कश्यप ने हार नहीं मानी और दूसरा गेम 11-8 से जीतते हुए मैच तीसरे गेम में ले गए। तीसरे गेम में प्रनॉय ने बाजी मारी और 11-8 से गेम जीतते हुए मैच अपने नाम कर ले गए।

इस जीत से मुंबई ने मुकाबले में वापसी की और स्कोर 3-3 से बराबर हो गया। सभी की नजरें पुरुष एकल के अगले मुकाबले पर थीं क्योंकि विजेता का फैसला इसी मैच पर निर्भर था।

मुंबई की तरफ से अजय जयराम कोर्ट पर उतरे थे तो चेन्नई की तरफ से तानोनसाक सेनसोमवुनसुक उनका सामना करने आए थे। यह मैच भी बेहत प्रतिस्पर्धात्मक रहा। तानोनसाक ने जयराम को 9-11, 11-7, 11-3 से मात देते हुए अपनी टीम को विजेता बनाया।

पहला गेम जयराम ने अपने नाम करते हुए मुंबई की जीत की उम्मीदों को बढ़ा दिया। लेकिन तानोनसाक ने अगले दो गेमों में जबरदस्त खेल दिखाते हुए जयराम को एकतरफा मात दी।

–आईएएनएस

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समय धारा

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