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सेंसेक्स में 1850अंक व निफ्टी 614अंक नीच बंद, RBI की चाल, रुपये बेहाल, निवेशकों का बुरा हाल

इस सप्ताह शेयर बाजार लगभग 5% नीचे बाजार में रिकॉर्ड गिरावट

मुंबई, 6 अक्टूबर : भारतीय शेयर बाजार में इस सप्ताह निराशा का माहौल हावी रहा।

सप्ताह के आखिर में भारतीय रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों को यथावत रखने का फैसला कर बाजार को हैरत में डाल दिया।

सप्ताह के महज तीन कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 2,100 अंकों से ज्यादा लुढ़का

और निफ्टी छह महीने के निचले स्तर पर आ गया। शेयर बाजार में लगातार

तीन सत्रों में दर्ज की गई भारी गिरावट के पीछे अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम में आई तेजी,

देसी मुद्रा रुपये में कमजोरी और विदेशी निवेशकों की बिकवाली प्रमुख वजहें रहीं।

इसके साथ ही विदेशी बाजार के संकेतों का भी असर बना रहा। कारोबारी सप्ताह के आखिर में

रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति के रुख में बदलाव से शेयर बाजार में गिरावट और बढ़ गई। 

मौद्रिक नीति को लेकर आरबीआई के रुख में आए बदलवाव से भी बाजार में नकारात्मक रुझान पैदा हुआ।

आरबीआई ने ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं को खारिज कर दिया,

जिसके बाद अब दो ही स्थितियां होंगी कि आरबीआई या तो ब्याज दर में वृद्धि करे या उसे यथावत रखे।

आरबीआई ने द्विमासिक मौद्रिक समीक्षा बैठक के बाद शुक्रवार को रेपो रेट 6.50 फीसदी पर कायम रखा। 

बंबई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सप्ताह के मुकाबले

इस सप्ताह 1,850.15 अंकों यानी 5.1 फीसदी की गिरावट के साथ 34,376.99 पर बंद हुआ।

वहीं, 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 614 अंकों यानी 5.61 फीसदी की गिरावट के साथ 10,316.45 पर बंद हुआ। 

बीएसई का मिड कैप सूचकांक 759.39 अंकों यानी 5.14 फीसदी गिरावट के साथ 14,003.81 पर बंद हुआ।

वहीं, बीएसई का स्मॉल कैप सूचकांक 590.42 अंकों यानी 4.09 फीसदी गिरावट के साथ 13,840.26 पर बंद हुआ। 

घरेलू शेयर बाजार में इस कारोबारी सप्ताह की शुरुआत सोमवार को मजबूती के साथ हुई

और सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने पिछले कारोबारी सत्र के मुकाबले बढ़त बनाई।

सेंसेक्स सोमवार को 299 अंकों यानी 0.83 फीसदी बढ़त के साथ 35,526.14 पर बंद हुआ,

जबकि निफ्टी पिछले सत्र के मुकाबले 77.85 अंकों यानी 0.71 फीसदी बढ़त के साथ 11,008.30 के स्तर पर बंद हुआ। 

अगले दिन दो अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती का अवकाश होने के कारण

मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार बंद थे। सप्ताह के दूसरे कारोबारी सत्र में बुधवार को

बिकवाली का दबाव बढ़ने से शेयर बाजार में मंदी का माहौल छा गया और सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने गोते लगाए।

कच्चे तेल के दाम में आया उछाल और रुपये की कमजोरी का बाजार पर जबरदस्त असर दिखा।

निफ्टी 11,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को बनाए रखने में विफल रहा।

सेंसेक्स 550.51 अंकों यानी 1.51 फीसदी गिरावट के साथ 35,975.63 पर बंद हुआ।

वहीं निफ्टी 150.05 अंकों यानी 1.36 फीसदी लुढ़ककर 10,858.25 पर बंद हुआ। 

सप्ताह के तीसरे कारोबारी सत्र के दौरान गुरुवार को बिकवाली दबाव और बढ़ गया

और सेंसेक्स 806.47 अंकों यानी 2.24 फीसदी की भारी गिरावट के साथ 35,169.16 पर बंद हुआ।

इसी प्रकार निफ्टी ने भी गोते लगाए और 309.85 अंकों यानी 2.85 फीसदी लुढ़ककर 10,548.40 पर बंद हुआ। 

कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन शुक्रवार को तीसरे दिन भारतीय शेयर बाजार में गिरावट जारी रही।

पेट्रोल और डीजल के दाम में कटौती से तेल कंपनियों के शेयरों में गिरावट आई।

ओएनजीसी का शेयर भी 15.93 फीसदी लुढ़का। 

वहीं, आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा में सख्त रुख अख्तियार करने से बाजार की आकांक्षाओं को धक्का लगा,

क्योंकि बाजार को उम्मीद थी कि आरबीआई प्रमुख ब्याज दर में कटौती कर सकता है।

सेंसेक्स 792.17 अंकों यानी 2.25 फीसदी गिरावट के साथ 34,376.99 पर बंद हुआ

और निफ्टी 282.80 अंकों यानी 2.67 फीसदी गिरावट के साथ 10,316.45 पर रहा। 

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड इस हफ्ते 86 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चला गया,

जोकि पिछले चार साल का ऊपरी स्तर है। हालांकि शुक्रवार को बाद में थोड़ी नरमी के साथ

यह 84.03 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ।

उधर, डॉलर के मुकाबले रुपया अंतिम कारोबारी सत्र में लुढ़क कर रिकॉर्ड 74.24 के स्तर पर चला गया। 

आईएएनएस

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