breaking_newsअन्य ताजा खबरेंदेशदेश की अन्य ताजा खबरेंबिजनेसबिजनेस न्यूज
Trending

सरकार BPCL को बेचेगी निजी हाथों में,चुपके से रद्द किया ये कानून, #ChowkidarChorHai हुआ ट्रेंड

मोदी सरकार बीपीसीएल में अपनी पूरी 53.3 प्रतिशत हिस्सेदारी निजी और विदेशी हाथों में बेचने की तैयारी कर रही है

नई दिल्ली: BPCL privatisation process start- सरकार ने भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (BPCL) को निजी हाथों में बेचने की पूरी तरह तैयारी कर ली है।

सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम विपणन कंपनी बीपीसीएल को अब सरकार प्राइवेट (private) करने

का प्लान कर रही है चूंकि इसके राष्ट्रीयकरण कानून (nationalisation) को सरकार ने ‘चुपके से’

2016 में ही रद्द कर (govt repealed the legislation in 2016) दिया था।

इस कानून को रद्द किए जाने से अब सरकार बीपीसीएल (BPCL) को किसी प्राइवेट या फिर विदेशी कंपनी

को बिना संसद की मंजूरी के बेच सकती (BPCL privatisation process start) है। जबकि पहले

बताया जा रहा था कि बीपीसीएल का निजीकरण (BPCL privatisation)  करने के लिए पहले

संसद की मंजूरी लेनी होगी।

इस खबर के सोशल मीडिया पर फैलते ही लोगों का गुस्सा ट्विटर (Twitter) पर फूट पड़ा और उन्होंने ट्विटर पर हैशटैग #ChowkidarChorHai टॉप पर ट्रेंड किया।

ध्यान दें कि मोदी सरकार ने निरसन एवं संशोधन कानून, 2016 (Repealing and Amending Act) के तहत 187 बेकार और पुराने कानूनों को समाप्त कर दिया था।

निरस्त किए गए कानूनों में 1976 कानून भी सम्मिलित था। इसके अंतर्गत ही बरमाह शेल (वर्तमान में बीपीसीएल) का राष्ट्रीयकरण हुआ था।

खबर है कि मोदी सरकार (Modi government) बीपीसीएल (BPCL) में अपनी पूरी 53.3 प्रतिशत हिस्सेदारी निजी और विदेशी हाथों में बेचने की तैयारी कर रही है।

प्राप्त मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, निरसन एवं संशोधन कानून, 2016 को समाप्त करने से अब सरकार को बीपीसीएल की रणनीतिक बिक्री के लिए संसद (Parliament) की मंजूरी लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

सूत्रों से पता चला है कि सरकार घरेलू ईंधन खुदरा कारोबार में बहुराष्ट्रीय कंपनियों को लाना चाहती है, जिससे कंप्टीशन बढ़ाया जा सके।

सरकार द्वारा कंपनी का राष्ट्रीयकरण करने वाले कानून को निरस्त करने के बाद बीपीसीएल के शेयरों (BPCL shares drop) में सोमवार को 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई।

गवर्नमेंट की ओर से बीपीसीएल को बेचने की तैयारियां पूरी कर ली गई (BPCL privatisation process start) है और संभवत: नवंबर के पहले सप्ताह में सरकार निविदा निकालेगी। इसके बाद प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

गौरतलब है कि BPCL का निजीकरण होने से देश के घरेलू ईंधन खुदरा बिक्री कारोबार में काफी उतार-चढ़ाव आ सकता है।

सालों से इस सेक्टर पर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों का अर्थात सरकारी कंपनियों का ही होल्ड रहा है।

बीपीसीएल की नेटवर्थ है-55 हजार करोड़

सरकारी कंपनी बीपीसीएल की फिलहाल नेटवर्थ 55 हजार करोड़ रुपये है। सरकार इसकी 53.3 फीसदी

हिस्सेदारी बेचकर 65 हजार करोड़ रुपये उगाहने का लक्ष्य हासिल करना चाहती है। अब संसद से

भी इसके लिए अनुमति लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

याद रहें कि सरकार ने बीते वर्ष ओएनजीसी (ONGC) पर एचपीसीएल (HPCL) के टेकओवर के लिए

दबाव बनाया था। फिर इसके बाद परेशानी में फंसे IDBI Bank के लिए इनवेस्टर नहीं मिलने पर

सरकार ने बीते फाइनेंशियल ईयर में LIC को बैंक का अधिग्रहण करने के लिए कहा था।

सरकार विनिवेश प्रक्रिया (Disinvestment process) के अंतर्गत संसाधन जुटाने के लिए

एक्सचेंज ट्रेडिड फंड (ETF) का भी सहारा लेती रही है।

गौरतलब है कि वर्ष 2003 सितंबर में सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने व्यवस्था की थी कि बीपीसीएल (BPCL)

और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. ( HPCL) का निजीकरण (Privatisation) संसद

(Parliament) द्वारा कानून के संशोधन से ही किया जा सकता है। पूर्व में संसद में कानून

पारित करके ही इन दोनों कंपनियों का राष्ट्रीयकरण किया गया था।

इसके बाबत अधिकारियों ने बताया है कि अब सुप्रीम कोर्ट की इस व्यवस्था को पूरा

करने की आवश्यकता नहीं है। चूंकि राष्ट्रपति ने निरसन एवं संशोधन कानून, 2016

को अनुमति दे दी है और इस विषय में अधिसूचना जारी की जा चुकी है।

BPCL privatisation process start

 

 

(इनपुट एजेंसी से भी)

Tags

Reena Arya

रीना आर्य एक ज्वलंत और साहसी पत्रकार व लेखिका है। वे समयधारा.कॉम की एडिटर-इन-चीफ और फाउंडर भी है। लेखन के प्रति अपने जुनून की बदौलत रीना आर्य ने न केवल बड़े-बड़े ब्रांड्स में अपने काम के बल पर अपनी पहचान बनाई बल्कि अपनी काबलियत को प्रूव करते हुए पत्रकारिता के पांच से छह साल के सफर में ही अपने बल खुद एक नए ब्रैंड www.samaydhara.com की नींव रखी।रीना आर्य हर मुद्दे पर अपनी बेबाक राय रखने पर विश्वास करती है और अपने लेखन को लगभग हर विधा में आजमा चुकी है

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: