breaking_newsHome sliderबिजनेसबिजनेस न्यूज

देश के वार्षिक बजट के 96.1% (5.25 लाख करोड़) तक पहुंचा राजकोषीय घाटा

नई दिल्ली, 30 नवंबर :  देश का राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 2017-18 के प्रथम सात महीनों में ही पूरे साल के बजटीय लक्ष्य का 96.1 फीसदी तक पहुंच चुका है, जो 5.25 लाख करोड़ रुपये है। जबकि पूरे वर्ष का लक्ष्य 5.46 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। महालेखा नियंत्रक (सीजीए) द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले वर्ष की समान अवधि में राजकोषीय घाटा कुल लक्ष्य का 79.3 फीसदी था।

सीजीए के आंकड़ों के मुताबिक, समीक्षाधीन अवधि में कर से प्राप्त राजस्व 6.33 लाख करोड़ रुपये रहा है, जो कि अनुमान का 51.6 फीसदी है।

वित्त वर्ष के प्रथम सात महीनों के दौरान राजस्व और गैर-ऋण पूंजी से सरकार को कुल 7.67 लाख करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई, जो कि वर्तमान वित्त वर्ष के अनुमान का 48 फीसदी है।

आंकड़ों से पता चलता है कि अप्रैल से अक्टूबर की अवधि में कुल राजस्व और पूंजी पर खर्च 12.92 लाख करोड़ रुपये या पूरे वित्त वर्ष के लिए बजटीय लक्ष्य का 60.2 फीसदी रहा।

वित्त वर्ष 2017-18 के लिए कुल 5.46 लाख करोड़ रुपये के राजकोषीय घाटे (राजस्व और खर्च के बीच का अंतर) का अनुमान लगाया गया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 5.34 लाख करोड़ रुपये था।

–आईएएनएस

Tags

समयधारा

समयधारा एक तेजी से उभरती हिंदी न्यूज पोर्टल है। जिसका उद्देश्य सटीक, सच्ची और प्रामाणिक खबरों व लेखों को जनता तक पहुंचाना है। समयधारा ने अपने लगभग महज चार साल के सफर में बिना मूल्यों से समझौता किए क्वांटिटी से ज्यादा क्वालिटी कंटेंट पर हमेशा ज़ोर दिया है। एक आम मध्मय वर्गीय परिवार से निकली लड़की रीना आर्य के सपनों की साकार डिजिटल मूर्ति है- समयधारा। रीना आर्य समयधारा की फाउंडर, एडिटर-इन-चीफ और डायरेक्टर भी है। उनके साथ समयधारा को संपूर्ण बनाने में अहम भूमिका निभाई है समयधारा के को-फाउंडर-धर्मेश जैन ने। एक आम मध्यमवर्गीय परिवार में जन्में धर्मेश जैन पेशे से बिजनेसमैन रहे है और लेखन में अपने जुनूूून के प्रति उन्होंने समयधारा की नींव रखने में अहम रोल अदा किया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: