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घरेलू कारोबारियों को दिवाली तोहफा! आर्थिक मंदी से उबारने को सरकार ने घटाया कॉरपोरेट टैक्स

आर्थिक मंदी से उबारने को सरकार ने कारोबारियों को दी कॉरपोरेट टैक्स में भारी छूट

पणजी: FM Nirmala Sitharaman reduce Corporate tax by 25.17 percent- देश की अर्थव्यवस्था आर्थिक मंदी (economic slowdown) से जूझ रही है। इसे उबारने के लिए शुक्रवार को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कारोबारियों को बड़ी राहत देते हुए कॉरपोरेट टैक्स (Corporate Tax) घटाने का ऐलान (FM Nirmala Sitharaman reduce Corporate tax by 25.17 percent)किया।

वित्तमंत्री ने गोवा में जीएसटी काउंसिल (GST Council Meeting) की बैठक से पहले कॉरपोरेट टैक्स (Corporate Tax) में कटौती की घोषणा की है।

इस घोषणा के असर के कारण ही आज शेयर मार्केट (Share Market) में भारी उछाल आया। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बताया अब घरेलू कंपनियों के लिए कॉरपोरेट टैक्स (Corporate Tax) की प्रभावी दर 25.17 प्रतिशत होगी (FM Nirmala Sitharaman reduce Corporate tax by 25.17 percent)

वित्तमंत्री के इस ऐलान के साथ ही सेंसेक्स में 1800 से ज्‍यादा अंकों का जबरदस्त उछाल देखने को मिला। हालांकि घरेलू कारोबारियों (domestic companies)  की दी जा रही इस भारी छूट से सरकार पर 145000 करोड़ रुपये का अतिरिक्‍त बोझ पड़ेगा।

सरकार ने आर्थिक वृद्धि दर (Economic Growth) को गति देने के लिये बड़ी घोषणा करते हुए शुक्रवार को कॉरपोरेट कर (corporate tax) की प्रभावी दर घटा दी।

अब घरेलू कंपनियों (domestic companies) के लिये सभी अधिशेषों (all surpluses) और उपकर (cess) समेत कॉरपोरेट कर (corporate tax) की प्रभावी दर 25.17 प्रतिशत होगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (FM Nirmala Sitharaman)  ने कहा कि नयी दर इस वित्त वर्ष के एक अप्रैल से प्रभावी होगी।

उन्होंने कहा कि दर कम करने तथा अन्य घोषणाओं से राजस्व में सालाना 1.45 लाख करोड़ रुपये की कमी का अनुमान है।

सीतारमण ने कहा कि निवेश और आर्थिक वृद्धि दर को गति देने के लिये ये कदम उठाये गये हैं।

यदि कोई घरेलू कंपनी किसी भी प्रोत्साहन का लाभ नहीं लें तो उनके लिये कॉरपोरेट कर की दर 22 प्रतिशत होगी।

उन्होंने कहा कि आयकर अधिनियम तथा वित्त अधिनियम में किये गये बदलाव अध्यादेश के जरिये अमल में लाये जाएंगे।

उन्होंने कहा कि 22 प्रतिशत की दर से आयकर भुगतान करने का विकल्प चुनने वाली कंपनियों को न्यूनतम वैकल्पिक कर देने की जरूरत नहीं होगी।

वित्तमंत्री ने कहा कि एक अक्टूबर के बाद बनने वाली घरेलू विनिर्माण कंपनियां बिना किसी प्रोत्साहन के 15 प्रतिशत की दर से आयकर भुगतान कर सकेंगी।

इनके लिये अधिशेषों और उपकर समेत कॉरपोरेट कर की प्रभावी दर 17.01 प्रतिशत होगी।

उन्होंने कहा कि छूट का लाभ उठा रही कंपनियां इनकी अवधि समाप्त होने के बाद कम दर पर कर का भुगतान करने का विकल्प चुन सकती हैं।

सरकार ने प्रतिभूति लेन-देन कर की देनदारी वाली कंपनियों के शेयरों की बिक्री से हुए पूंजीगत लाभ पर बजट में प्रस्तावित उपकर को भी वापस लेने का निर्णय लिया है।

इसके साथ ही विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिये डेरिवेटिव समेत प्रतिभूतियों की बिक्री से होने वाले पूंजीगत लाभ पर धनाढ्य-उपकर समाप्त करने का भी निर्णय लिया गया है।

वित्तमंत्री ने एक अन्य राहत देते हुए कहा कि जिन सूचीबद्ध कंपनियों ने पांच जुलाई से पहले शेयरों की पुनर्खरीद की घोषणा की है, उन्हें भी धनाढ्य-उपकर नहीं देना होगा।

कंपनियों को अब दो प्रतिशत कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) इनक्यूबेशन, आईआईटी, एनआईटी और राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं पर खर्च करने की भी छूट दी गयी है।

सीतारमण ने कर में छूट से मेक इन इंडिया (Make in India) में निवेश आने तथा रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने का भरोसा जाहिर किया। उन्होंने कहा कि इससे अधिक राजस्व प्राप्त होगा।

 

FM Nirmala Sitharaman reduce Corporate tax by 25.17 percent

 

(इनपुट एजेंसी से भी)

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