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SEBI का बड़ा फैसला, NDTV के प्रमोटर प्रणय व राधिका रॉय पर 2 साल का बैन

सेबी ने उन्हें दो साल के लिए NDTV में प्रबंधन (Management Positions) के किसी भी पद पर रहने से भी रोक दिया है

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मुंबई, 15 जून (समयधारा) :  मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने

NDTV के प्रमोटर प्रणय रॉय और उनकी पत्नी राधिका रॉय को दो साल की अवधि के लिए

प्रतिभूति बाजार(SECURITIES MARKET) तक पहुंचने से रोक दिया है।

वही सेबी ने उन्हें दो साल के लिए NDTV में प्रबंधन (Management Positions) के किसी भी पद पर रहने से रोक दिया है।

सेबी ने यह आदेश इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों के कथित उल्लंघन के लिए पारित किया  है।

प्रणय रॉय का NDTV में 15.94 प्रतिशत जबकि राधिका रॉय का 16.33 प्रतिशत का हिस्सा है ।

NDTV में कुल प्रवर्तकों की हिस्सेदारी जून 2009 को समाप्त तिमाही के अंत में 63.17 प्रतिशत थी जो तब से अपरिवर्तित बनी हुई है।

क्वांटम सिक्योरिटीज (Quantum Securities) जो NDTV का एक शेयरधारक है इनसे प्राप्त एक शिकायत  पर सेबी ने यह कार्रवाई की है l 

क्वांटम सिक्योरिटीज (Quantum Securities) ने शिकायत में  आरोप लगाया है कि प्रणॉय और राधिका रॉय – NDTV के सभी प्रमोटर्स – ने

सेबी के मानदंडों का उल्लंघन करते हुए शेयरधारकों को ऋण समझौतों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी नहीं दी

जो उन्होंने  विश्वप्रधान कमर्शियल (VCPL) में निवेश किया था l 

जुलाई 2019 को समाप्त होने वाले 10 साल के कर्ज में VCPL को अलग-अलग क्लॉज़

में इस  मीडिया फर्म में 52 प्रतिशत हिस्सेदारी तक का नियंत्रण दिया था l  

इससे पहले सेबी ने  VCPL को आदेश दिया था कि वह अपने नियमों के अनुसार

सार्वजनिक शेयरधारकों से NDTV में 26 प्रतिशत तक के लिए खुला प्रस्ताव दे।

NDTV प्रमोटरों पर यह आरोप लगा है कि उन्होंने ICICI बैंक से 375 करोड़ रुपये का ऋण लिया था,

जिसे 21 जुलाई, 2009 में VCPL से 350 करोड़ रुपये का ऋण लेकर  चूका दिया l 

सेबी के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए, राधिका और प्रणय रॉय ने कहा कि उनका मानना ​​है कि

‘सेबी के आदेश ने उन्हें निदेशकों के रूप में पद छोड़ने और NDTV में कोई प्रबंधन पद नहीं रखने के लिए कहा है,

यह गलत मूल्यांकन पर आधारित है और यह एक बहुत ही असामान्य और गलत है।’ सेबी ने यह आदेश देने में  देरी की  है

और उन मुद्दों पर निष्कर्ष पर पहुंचत  है जो कारण बताओ नोटिस में नहीं उठाए गए थे।

वे अगले कुछ दिनों के भीतर क़ानूनी सलाह के अनुसार तत्काल कानूनी कार्रवाई करेंगे। ‘

( इनपुट एजेंसी से )

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