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मोदी सरकार 2.0 का पहला बजट 2019-20 आज, निर्मला सीतारमण करेंगी पेश,इन पर रहेगा जोर

Union Budget 2019-2020 में वित्तमंत्री एक ओर चुनाव में जनता से किए अपने वादों को पूरा करने की दिशा में जरूरी कदम उठा सकती है तो दूसरी ओर राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने पर जोर रहेगा

नई दिल्ली,5जुलाई:Union Budget 2019-2020- देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण आज शुक्रवार (5 जुलाई 2019) को थोड़ी देर में मोदी सरकार 2.0 का पहला बजट (financial budget) पेश करने जा रही है।

इस बजट 2019-20 (Union Budget 2019-2020) में जहां एक ओर सरकार का जोर वैश्विक स्तर मंदी से निपटने की ओर रहेगा तो वहीं दूसरी और आर्थिक वृद्धि और देश में बढ़ी बेरोजगारी से निपटने के लिए रोजगार सृजन पर मुख्यतौर पर ध्यान केंद्रित रहने की उम्मीद है।

आज बजट में राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने पर जोर रह सकता है और इसके लिए टैक्स का दायरा बढ़ाने और अनुपालन को अच्छा करने के लिए जो लोग 10 करोड़ रुपये से अधिक कमाते है उनपर चालीस प्रतिशत की एक नई दर से टैक्स लगाया जा सकता है।

नौकरी करने वालों के लिए इनकम टैक्स स्लैब में महत्वूर्ण बदलाव किए जाने की उम्मीद है। ध्यान दें कि मोदी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल के अंतरिम बजट 2019-20 (interim budget 2019-20) में 5 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स (Income tax) या कर छूट देने का एलान किया था।

अभी 2.5 लाख रुपये से 5 लाख रुपये तक की इनकम पर 5 फीसदी,5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक की इनकम पर 20 फीसदी और 10 लाख रुपये से ज्यादा की इनकम पर टैक्स (Income tax) की दर 30 फीसदी है।

Union Budget 2019-2020 के ये रहेंगे मुख्य बिंदु- Budget 2019 highlights

1.आज बजट 2019-20 (Union budget 2019-20) उन हालातों में पेश हो रहा है जब एक ओर देश में ज्यादातर इलाकों में मानसून में गिरावट है और वैश्विक आर्थिक नरमी है।

2.पिछले साल वित्त वर्ष 2018-19 में इकोनॉमिक ग्रोथ पांच साल के न्यूनतम स्तर 6.8 तक गिर चुकी है। अब चालू वित्तवर्ष में इसे दोबारा से 7 प्रतिशत से ज्यादा तक पहुंचाने के प्रयासों पर इस बजट (Budget) में जोर होगा।

3. Union Budget 2019-2020 में वित्तमंत्री एक ओर चुनाव में जनता से किए अपने वादों को पूरा करने की दिशा में जरूरी कदम उठा सकती है तो दूसरी ओर राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने पर जोर रहेगा।

4.आर्थिक वृद्धि दर को तेजी देने के लिए इनवेस्टमेंट को आकर्षित करने के लिए नीतिनियमों को उदार बनाने का प्रस्ताव दिया जा सकता है।

5.गुरुवार को संसद में वित्तवर्ष 2018-19 की आर्थिक समीक्षा पेश की गई। इसके अंतर्गत कहा गया कि आगामी वर्ष 2024-25 तक देश की अर्थव्यवस्था 5,000 अरब डालर बनाने के लिए निरतंर 8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर को छूने का लक्ष्य रखने की जरूरत होगी।

6.इस रिव्यू रिपोर्ट में प्राइवेट एरिया का इनवेस्टमेंट,डिमांड और निर्यात बढ़ाने पर विशेषरूप से जोर दिया गया है।

7.राष्ट्रीय राजमार्गों, हवाई अड्डों और रेल मार्गों के क्षेत्र में निवेश वृद्धि की पहल जीसएटी के अंतर्गत रजिस्टर सभी स्मॉल बिजनेसमैन को दस लाख का एक्सीडेंट बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड की तरह रजिस्टर बिजनेसमैन या कारोबारियों को व्यापार क्रेडिट कार्ड इत्यादि देने की घोषणा की है।

8.इसके अतिरिक्त बिजनेस वर्ल्ड की सभी कंपनियों के लिए कार्पोरेट टैक्स की दर 25 फीसदी पर लाने की मांग है। वैसे अभी 250 करोड़ रुपये तक के बिजनेस वाली कंपनियों के लिये कंपनी कर दर 25 फीसदी है जबकि अन्य के लिये 30 फीसदी पर है।

9. बजट (Union Budget 2019-2020) में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए टैक्स पॉलिसी को और युक्तिसंगत बनाने का प्रस्ताव दिए जाने की उम्मीद है।

10.एससी/एसटी,ओबीसी या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के द्वारा शुरू किए गए उद्यमों को सहायता देने की पहल भी बजट में की जा सकती है। चूंकि भाजपा ने अपने घोषणापत्र में इसका वादा किया था।

11. भाजपा ने लोकसभा चुनावों में जारी अपने संकल्पपत्र में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का फायदा किसानों को देने और सीमांत व लघु किसानों को साठ साल तक की उम्र के बाद पेंशन देने का वादा किया था। वैसे मोदी सरकार ने अपनी दूसरी पारी की पहली मंत्रिमंडल बैठक में इस ओर कदम बढ़ा दिए है।

12.देश में घटते जलस्तर पर नियंत्रण के लिए जल संरक्षण पर सरकार बजट (Union Budget 2019-2020) में जोर दे सकती है। वर्ष 2024 तक प्रत्येक घर में नल से पानी प्रदान कराने की महत्वकांक्षी योजना पर बजट में कई महत्वपूर्ण कदम उठाये जा सकते है।

13.एक्सपर्ट्स के अनुसार, खाद्य सब्सिडी को सीमित करने के लिए बजट (Budget 2019-20) में मोदी सरकार कई प्रयास कर सकती है। रोजगार सृजने करने वाली इकाईयों को प्रोत्साहित किया जा सकता है।

जो इकाइयां केवल वित्तीय सहायता के लिए काम करती है उन्हें हतोत्साहित करने के लिए कई कदम उठाएं जा सकते है।

 

(इनपुट एजेंसी से भी)

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Reena Arya

रीना आर्य एक ज्वलंत और साहसी पत्रकार व लेखिका है। वे समयधारा.कॉम की एडिटर-इन-चीफ और फाउंडर भी है। लेखन के प्रति अपने जुनून की बदौलत रीना आर्य ने न केवल बड़े-बड़े ब्रांड्स में अपने काम के बल पर अपनी पहचान बनाई बल्कि अपनी काबलियत को प्रूव करते हुए पत्रकारिता के पांच से छह साल के सफर में ही अपने बल खुद एक नए ब्रैंड www.samaydhara.com की नींव रखी।रीना आर्य हर मुद्दे पर अपनी बेबाक राय रखने पर विश्वास करती है और अपने लेखन को लगभग हर विधा में आजमा चुकी है

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