साइरस मिस्त्री ने टाटा बोर्ड को भेजा ईमेल; रतन टाटा पर लगाएं आरोप

नई दिल्ली: टाटा समूह से यकायक हटाएं गए साइरस मिस्त्री ने टाटा बोर्ड मेंबर्स को एक ईमेल भेजा और कहा कि उन्हें जिस तरह अचानक हटाया गया है, उससे वह शॉक्ड है। उन्होंने कहा कि बोर्ड का यह फैसला अप्रशंसनीय है और उन्हें अपने बचाव के लिए मौका तक नहीं मिला।

साइरस मिस्त्री ने पांच पेजेस की ईमेल में लगातार रतन टाटा को निशाने पर लिया है और उनपर अनुचित हस्तक्षेप का आरोप लगाया है। साइरस ने कहा कि बतौर चेयरमैन उनकी हैसियत कमतर की गई। उन्होंने टाटा ग्रुप को आगाह किया कि घाटे में चल रही कंपनियों में इन्वेस्टमेंट करने से 18 अरब डॉलर की कीमत का नुकसान होने की संभावना है। ध्यान दें कि टाटा समूह का कर्जभार बढ़कर 30 अरब हो गया है।

साइरस मिस्त्री ने आगे कहा कि घाटे में चल रहे टाटा नैनो के प्रोजेक्ट को भी ग्रुप ने बंद करने से मना किया और इसे केवल भावनात्मक कारणों से नहीं रोका गया।

गौरतलब है कि साइरस मिस्त्री को निकाले जाने के बाद टाटा ग्रुप ने रतन टाटा को अंतरिम चेयरमैन 4 महीनों के लिए बनाया है और सर्च कमेटी नए चेयरमैन का नाम तय करेगी।

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