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स्टॉक मार्केट में इन्वेस्टमेंट करने के Tips-Tricks-Ideas

मुंबई, 26 अक्टूबर : हम जब अपने पैसो को सही जगह लगाने की बात करते है,

तो सबसे ज्यादा हम शेयर बाजार से डरते है, स्वाभाविक भी है।

कौन अपनी मेहनत से कमाएं हुए पैसो का यूं ही नुकसान करना चाहेगा।

हमने बहुत से ऐसे किस्से सुने है की फलां व्यक्ति की सारी जिंदगी भर की कमाई

शेयर बाजार में डूब गयी या शेयर बाजार में नुकसान के कारण इसने आत्महत्या की …l

लेकिन सोचने वाली बात है कि इन सबकी वजह क्या है।

वजह है – सिर्फ और सिर्फ नासमझी या जरुरत से ज्यादा किसी पर विश्वास करना या किसी के कहने पर अपनी

जिंदगी भर की गाड़ी खून पसीने की कमाई को बिना सोचे समझे बाजार में लगा देना l

नतीजा 100 में से 95% लोग अपना नुकसान कर लेते है, कारण सीधा सा है सिर्फ और सिर्फ लापरवाही…

आगे के बहुत सारे लेखों में हम बताएँगे की किस तरह आप लोग सिर्फ

अपनी छोटी-छोटी समझदारी से अपना बड़ा नुकसान होने से बचा सकते है,

इसके अलावा आप अच्छा- खासा मुनाफा भी कमा सकते है।

यहाँ मैं एक छोटा सा उदाहरण देकर ये समझाने की कोशिश करूँगा की

कहां, कब, कितना और किस समय बाजार में पैसा लगाना चाहिए

उस दिन रविवार का दिन था l घर पर कोई नहीं था। बीवी बचे सब ससुराल गए हुए थे l

काफी दिनों बाद मुझे आज अपने लिए समय मिला था। मैं काफी खुश था।

सुबह सुबह ही तैयार हो मैं घर से निकल गया था। सोचा था आज तो बस मजा ही मजा है आज मैं पूरे दिन मस्ती करूँगा l

शादी के करीब -करीब 6 साल बाद ऐसा सुनहरा मौका मिला था।

इतनी व्यस्त जिंदगी में अपने लिए समय निकलने के लिए मुझे 6 साल लग गए !

घर से निकलते ही अपने बचपन के दोस्त राहुल को मोबाइल घुमाया … घंटी बजी कुछ देर बाद राहुल ने फ़ोन उठाया।

बड़ी तत्परता से मैंने उसका हालचाल जाना व उसे अपने साथ फिल्म देखने और बाहर खाने का प्रोग्राम बताया,

पर उसके जवाब ने मेरी सारी उत्सुकता पर लगाम लगा दियाl वह ससुराल में अपने ससुर जी के यहां बैठा था

वह  भी किसी फैमिली गैदरिंग के लिए। खैर, मैंने तुरंत फोन रखा व अपने दूसरे सखा संजय को फ़ोन घुमाया।

संजय की उम्र मेरी जितनी होने के बावाजूद उसकी  शादी नहीं हुए थीऔर अक्सर वह रविवार के दिन फ्री रहता था।

कभी- कभी मेरे घर नाश्ता या खाना- खाने भी आ जाता था और मुझे पूरा विश्वास था की वो मेरे साथ जरुर चलेगा।

यहाँ भी फ़ोन लगा एक बेल के बाद फ़ोन कट गया, मुझे लगा नेटवर्क की समस्या होगी।

मैंने फिर फ़ोन मिलाया, फिर फ़ोन बजा पर …फिर एक दो बेल के बाद फ़ोन काट दिया।

मुझे थोडा गुस्सा आया यह क्या मजाक है।

संजय क्यों ऐसा कर रहा है..?यह सवाल मन में घूम ही रहा था की तभी मोबाइल पर संजय का मैसेज आया।

उसमे लिखा था की वह जरूरी काम से शहर के बाहर गया हुआ है। दो दिन बाद लौटेगा।

अब थोड़ा सा अपने आप पर  गुस्सा आया और सोचा क्यों मैं लोगो के भरोसे अपनी ख़ुशी का प्रोग्राम बनाऊं।

क्यों न मैं खुद ही फिल्म देखने चला जाऊं, पैसे भी बचेंगे व मजा भी आ जायेगा।

अब मेरे पैर बड़ी तेजी से सिनेमा हॉल की तरफ बढ़ रहे थे। अपने सुपरस्टार सलमान खान की फिल्म लगी थी।

सिनेमा हाल के बहार बड़ी लम्बी कतार लगी थी, थोडा सा रुका की बाप रे इतनी लम्बी कतार …

पर अकेले होने की वजह से मैंने कतार में खड़े होना ही बेहतर समझा….

आज  6 साल बाद आये इस  मौके को मैं हाथ से गंवाना नहीं चाहता था। कतार में खड़े-खड़े करीब-करीब 1.30  घंटे बाद मेरा नंबर आया

लेकिन यह क्या अभी तो सुबह के सिर्फ 11.30 बजे थे और 12.00 बजे से 5.00 बजे तक के सारे शो फुल हो गए थे।

बस 5 बजे के बाद के शो उपलब्ध थे। क्या करता आज तो फिल्म देखनी ही थी। 5.45 के शो की एक टिकट ली।

अब आगे बड़ा। सबसे बड़ी समस्या यह थी की अब यह 5.30 घंटे कहां गुजारे जाए..?

निकला सोचा मॉल- शॉल में थोड़ा घूम कर लंच -वंच करके आता हूं। समय का पता भी नहीं चलेगा।

बस फिर गया मॉल में। सेल लगी हुई थी। थोड़ी विंडो शोपिंग की और लंच किया व सिनेमा हॉल की तरफ गया।

जेब में हाथ डाला टिकट निकालने के लिए …पर ये क्या जेब में टिकट नहीं थी।

थोड़ा अपने आप को संभाला और सोचा कहीं पर्स में तो नहीं रख दी थी। पर्स निकाला पर टिकट वहां भी नहीं मिली।

अब अपने आप पर बहुत गुस्सा आया की यह क्या लापरवाही है।

झुंझलाहट में शॉपिंग किये हुए सारे सामान को एक तरफ रख सारीा जेबें टटोली लेकिन टिकट का कहीं नामो- निशान न मिला..

चेहरा गुस्से से तमतमाया हुआ था। अब कांटो तो खून नहीं वाला हाल मेरा हो गया था।

सुबह से कुछ न कुछ बुरा ही चल रहा था … सिनेमा हॉल के बाहर से बिना फिल्म देखे निकला,

ऐसा लग रहा था की पूरा खाना सामने पड़ा था पर भूख लगने के बावजूद किसी ने खाना छीन लिया था

या मेरी लापरवाही की वजह से में खा नहीं पा रहा हूं l इतना लाचार मैंने अपने आपको कभी भी नहीं पाया था l

कहानी अभी बहुत थी पर मैं इस कहानी के द्वारा जो आप से बात कहना चाहता हूं वह सीधी व सरल है।

हम में से बहुत से लोग कड़ी मेहनत करके, थोड़े पैसे बचाकर अपने भविष्य के लिए सपने संजोते है

और उन पैसों को किसी सेफ जगह पर इन्वेस्ट करना चाहते है

और क्यों न हो अपने भविष्य के लिए सोचना भी जरूरी है,

परंतु सही मार्गदर्शन न होने की वजह से हमारी बचत, हमारे बहुत बड़े नुकसान में बदल जाती है।

जैसे कि इस एक  वाकिये ने किस तरह मेरे जीवन में बदलाव लाया, उस रविवार के दिन मेरे साथ क्या हुआ।

यह बात मैंने आप लोगों को बताई। अब उस वाकिये के दूसरे पहलू पर गौर करें कि मुझसे गलतियां क्या हुई …?

और उन्हीं से सीख लेकर किस तरह मैनें अपनी जिंदगी की बचत को बचाया। चलिए जानते है…

1.अचानक घर से निकलना=बिना सोचे-समझे बाजार में इन्वेस्ट करना।

2. किसी पर भी विश्वास करना= किसी भी कंपनी में पैसा लगाना।

3. दूसरे के भरोसे अपना सोचना= किसी दूसरे के कहने पर पैसा लगाना।

4. समय  का सदुपयोग न करना= सही कंपनी की, सही जानकारी, सही समय पर न लेना।

5. लापरवाही करना= सही समय पर न निकलना।

इन 5 बातो ने मेरी जिंदगी के बचत में बहुत सहायता की… कैसे?

देखिएं…उस दिन अगर मैंने घर से निकलने से पहले सोच समझकर अपना प्लान बनाया होता,

चाहे वो दोस्तों के साथ हो या नहीं, यानि अगर किसी भी कंपनी में पैसा लगाने से

पहले थोड़ा सोचेंगे तो बहुत बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।

हम लोगों में से ज्यादातार लोग जब घर से बाहर निकलते है तो यह मान लेते है की फलां व्यक्ति हमारे साथ चलेगा

या बाजार की भाषा में कहें तो हर कंपनी जिस पर हम इन्वेस्ट करते है, वह हमें हमेशा अच्छा रिटर्न देगी ….

नहीं ऐसा नहीं है इस प्रतियोगिता वाले माहौल में आप किसी भी कंपनी पर विशवास नहीं कर सकते l

हम ज्यादातर अपने छोटे -छोटे फैसले भी दूसरो के कहने पर लेते है जैसे- काफी सालों बाद मैं फिल्म देखने गया

और यह सब जो मेरे दिमाग में डाला था वह मेरे एक सहायक (कार्य स्थल) द्वारा

मुझे रोज- रोज यह कहकर की अपने लिए समय निकालो…

इस वजह से मैंने अपने लिए समय निकाला और हम ऐसा ही करते है फलां व्यक्ति ने कह दिया कि

इस कंपनी में पैसा लगाओ… बहुत जल्दी ही आपका पैसा दोगना – तिगुना हो जायेगा और हम ऐसा ही करते है।

अपने से ज्यादा दूसरों पर भरोसा करना l

उस दिन अगर मैंने अपने समय का सही सदुपयोग किया होता तो शायद मै फिल्म भी देख लेता व खुश होकर घर लौटता।

घर से निकलने से पहले ही कहां, कब, किसके साथ जाना है, कौन सी फिल्म देखनी है,

सिनेमा हॉल में टिकट उपलब्ध है कि नहीं …आदि आदि। सही समय रहते जिस कंपनी में मुझे पैसा लगाना है

उसके बारे में सही जानकारी लेना व सही समय पर उस कंपनी में पैसा लगाना एक समझदार,

बुद्धिमान व सफल इन्वेस्टर की पहचान होती है। इसलिए जब भी पैसा लगाने की बात हो तो जहां आप पैसा लगा रहे है,

उसकी सही जानकारी होना बहुत जरुरी होता है। यह ठीक उसी तरह से होता है-

जैसे अगर आप को ट्रेन से कहीं जाना है, तो पहले जहां जाना है उसका सही टिकट,

सही ट्रेन व सही समय का पता होना जरुरी है। अगर ऐसा न हुआ तो आप कभी भी सही मंजिल तक नहीं पहुच पायेंगे।

एक भी टिकट ट्रेन या समय आपको अपनी मंजिल से दूर कर देंगे l

सबसे आखिरी व बहुत ही महत्वपूर्ण बात। अक्सर हमारे सारे काम हमारी लापरवाही की वजह से नहीं होते।

अगर उस दिन मैंने इतनी मुश्किल से मिली टिकट को संभलकर रखा होता तो शायद मुझे उतना दुःख न होता।

मेरी लापरवाही की वजह से न सिर्फ मुझे नुकसान हुआ,

बल्कि पूरे 6 साल बाद आया सुनहरा मौका भी मैंने यूं ही गंवा दिया।

आप भी कभी भी जिस जगह भी पैसा लगाएं, वहां की पल -पल की जानकारी अपने पास रखें।

क्योंकि कल क्या होने वाला है आपको या मुझे पता नहींl

आपकी एक लापरवाही आपका बहुत बड़ा नुकसान करवा सकती है।

सिर्फ एक छोटी सी लापरवाही आपकी जिंदगी भर की कमाई को मिट्टी में मिला सकती है

इसलिए कम से कम इन्वेस्ट करने से पहले इन सब बातों का धयान रखेंl

सही समय, सही जगह, सही जानकारी …… आपका जेब रखेगी हमेशा भारी।

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