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तिमाही नतीजें,मॉनसून की चाल, वैश्विक बाजारों के रुख, आदि पर निर्भर होंगी बाजार की चाल

इंडियाबुल्स रियल एस्टेट, आयल इंडिया आदि कंपनीयों के तिमाही नतीजे पर होगी निवेशकों की नजर

मुंबई, 12 अगस्त :  

तिमाही नतीजें,मॉनसून की चाल, वैश्विक बाजारों के रुख, आदि पर निर्भर होंगी बाजार की चाल l 

अगले सप्ताह शेयर बाजार की चाल घरेलू और वैश्विक व्यापक आर्थिक आंकड़े,

प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजे, मॉनसून की चाल, वैश्विक बाजारों के रुख,

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) और घरेलू संस्थापक निवेशकों (डीआईआई)

द्वारा किए गए निवेश, डॉलर के खिलाफ रुपये की चाल और कच्चे तेल की कीमतों का प्रदर्शन मिलकर तय करेंगे।

बुधवार (15 अगस्त) को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शेयर बाजार बंद रहेंगे।

अगले सप्ताह घरेलू जिन कंपनियों के तिमाही नतीजे जारी होंगे,

उनमें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और एनबीसीसी (इंडिया) ने

अपनी अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे शनिवार (11 अगस्त) को जारी की,

जिसका असर इन कंपनियों के शेयरों पर सोमवार को बाजार खुलने पर दिखेगा।

ऑयल इंडिया अपनी अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे सोमवार (13 अगस्त) को जारी करेगी।

इंडियाबुल्स रियल एस्टेट अपनी अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे मंगलवार (14 अगस्त) को जारी करेगी।

आर्थिक मोर्चे पर, देश के औद्योगिक उत्पादन का मार्च का आंकड़ा

सोमवार (13 अगस्त) को शेयर बाजार के बंद होने के बाद जारी किया जाएगा।

देश के औद्योगिक उत्पादन में जून में सात फीसदी तेजी दर्ज की गई है।

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक,

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में जून में साल-दर-साल आधार

और क्रमिक आधार पर दोनों हिसाब से तेजी दर्ज की गई। 

इस सूचकांक में मई में 3.20 फीसदी की तेजी दर्ज की गई थी।

हालांकि पिछले साल के मई में इसमें 0.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी। 

मंत्रालय ने आईआईपी के त्वरित अनुमान में कहा,

“वित्तवर्ष 2018-19 की अप्रैल-जून अवधि के दौरान आईआईपी की वृद्धि दर 5.2 फीसदी रही।”

थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित मुद्रास्फीति के

जुलाई के आंकड़े मंगलवार (14 अगस्त) को जारी किए जाएंगे।

विनिर्मित वस्तुओं की कीमतों में आई तेजी के साथ खाने-पीने की वस्तुओं और ईंधन महंगा होने के कारण

देश का थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) जून में बढ़कर 5.77 फीसदी रहा,

जोकि इसके पिछले महीने 4.43 फीसदी था। 

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक,

जून में डब्ल्यूपीआई की दर साल-दर-साल आधार पर 2017 के जून की तुलना में 0.90 फीसदी अधिक रही। 

मंत्रालय ने कहा, “मासिक डब्ल्यूपीआई पर आधारित मुद्रास्फीति की सालाना दर इस साल जून में 5.77 फीसदी (अनंतिम) रही,

जबकि पिछले महीने यह 4.43 फीसदी थी। चालू वित्त वर्ष में अब तक बिल्ट अप मुद्रास्फीति दर 2.49 फीसदी रही है,

जबकि पिछले साल की समान अवधि में इसमें 0.44 फीसदी की गिरावट रही थी।”

वैश्विक मोर्चे पर, अमेरिका के खुदरा कारोबार की बिक्री के आंकड़े बुधवार (15 अगस्त) को जारी किए जाएंगे।

जून में अमेरिका के खुदरा कारोबार में माह-दर-माह आधार पर 0.5 फीसदी

की वृद्धि दर्ज की गई और मई में इसमें 1.3 फीसदी की वृद्धि हुई थी।

जापान के व्यापार संतुलन का जुलाई का आंकड़ा गुरुवार (16 अगस्त) को जारी किया जाएगा। 

–आईएएनएस

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