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100 में से 77.84 फीसदी युवा कर रहे हैं ऑनलाइन लर्निंग, क्या सुरक्षित है भविष्य ?

इन दिनों जिसे देखो वही ऑनलाइन लर्निंग की बात कर रहा है। छात्रों में ऑनलाइन लर्निंग का क्रेज देखकर ग्लोबल शेपर्स सर्वे ने छात्रों पर एक सर्वे कराया। उस सर्वे के अनुसार दुनियाभर में करीब 77.8 फीसदी लोगों ने ऑनलाइन कोर्स करने की बात स्वीकारी है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ई-लर्निंग शिक्षा का भविष्य है। हालांकि शिक्षा सस्थांनों की मोटी फीस न दे पाने के कारण इस तरह की ई-लर्निंग को काफी बढ़ावा मिला है अब लोग अपने बच्चों को ई-लर्निंग से कोई भी कोर्स करा सकते हैं। यही नहीं खुद कॉलेज या फिर कहीं पर काम करने वाले छात्र भी किसी नामी कॉलेज में जाने से अच्छा ऑनलाइन लर्निंग लेना ज्यादा अच्छा मानते हैं।

ऑनलाइन कोर्स पढ़ने के लिए डेस्कटॉप या लैपटॉप जैसे डिवाइस के साथ इंटरनेट की भी जरूरत होती है। समय के साथ भारत में इन चीजों तक लोगों की पहुंच लगातार बढ़ रही है। इस बीच लगातार नई कोशिशें भी की जा रही हैं। जैसे हाल में  ऐडैक्स  का मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है जिसकी मदद से आप कोर्स डाउनलोड करके इंटरनेट के बिना भी जब चाहें जहां चाहें उन्हें देख-सुन-पढ़ सकते हैं। भारत में इस समय जितने छात्र हैं, शिक्षा संस्थान उनकी जरूरत पूरा नहीं कर सकते। देशभर में ऐसे छात्र हैं जो प्रतिभावान हैं और उन्हें बस एक मौका चाहिए। जिन छात्रों की पहुंच बेहतरीन स्कूल-कॉलेजों तक नहीं है उनके लिए एमओओएससी एक बेहतरीन विकल्प हैं।

ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफार्म

ऐडैक्स ने भारत में आईआईटी बॉम्बे, आईआईएम बंगलुरु और बिट्स पिलानी जैसे संस्थानों के साथ साझेदारी की है। इनके कोर्स अब वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। एमओओसीएस के जरिए लोगों को रोजगार मिले इसके लिए भारत की प्रमुख एम्प्लॉयबिलिटी सॉल्युशन कंपनी एसपार्इंरग माइंड्स के साथ ऐडैक्स ने करार किया है। ऐसे ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफार्मों की कोशिश है कि रोजगार खोजने वाले और रोजगार देने वाले दोनों की जरूरतें पूरी हों। उसी के हिसाब से पाठ्यक्रम तैयार किए जाते हैं।

हिन्दी में उपलब्ध हैं पाठ्य सामग्री

दुनिया का पहला हिन्दी-अंग्रेजी एमओओसीएस ऐडैक्स ने ही उपलब्ध कराया है। भारत के इतिहास और समाज-विज्ञान पर आधारित ‘एंर्गेंजग इंडिया’ नाम का ये कोर्स 10 हफ़्ते का है। इसे भारत में विशेषज्ञों की मदद से ही तैयार किया गया। इसके अलावा एक कोर्स है, डाटा एनालिसिस टू द मैक्स जो हिन्दी में उपलब्ध है। अंग्रेजी में उपलब्ध कोर्स में आमतौर पर लिखित कैप्शन होते हैं जिससे अनुवाद में आसानी हो। ऐडैक्स दुनियाभर के छात्रों को ध्यान में रखते हुए अन्य भाषाओं में कोर्स प्रस्तुत करने की कोशिश कर रहा है। उम्मीद है भविष्य में भारतीय भाषाओं में और भी कोर्स उपलब्ध होंगे। डिग्रियों की अपनी अहमियत है। एमओओसीएस इन डिग्रियों का वजन और बढ़ाने का जरिया हैं। आने वाले दिनों में ऑनलाइन कोर्स आपको नौकरी दिलाएंगे और इंटरव्यू में काम आएंगे। डिग्रियां अपनी जगह हैं लेकिन एमओओसीएस एक नई क्रांति है।

 

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