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‘चौरो के राजा’ ‘लखन’ जिसने ‘मेरी जंग’ की फिल्मो में,’मिस्टर इंडिया’ को जन्मदिन की बधाईयाँ

नई दिल्ली, 24 दिसंबर:  फिल्म निर्माता-निर्देशक उमेश मेहरा की फिल्म ‘हमारे तुम्हारे’ से 1979 में एक सहायक अभिनेता के किरदार से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत करने वाले बॉलीवुड के अभिनेता अनिल कपूर पिछले चार दशकों से फिल्मी पर्दे पर अपने अभिनय का डंका बजा रहे हैं। सोनम, हर्षवर्धन और रिया के ‘झक्कास’ पिता पर तो उम्र का कोई असर ही नहीं दिखता!

24 दिसंबर, 1959 को महाराष्ट्र के चेम्बूर में जन्मे अनिल ने अपने करियर में एक के बाद एक कई सुपरहिट फिल्में दी हैं।

प्रसिद्ध फिल्म निर्माता सुरेंद्र कपूर के बेटे अनिल कपूर तीन भाइयों में बीच के हैं। उनके बड़े भाई बोनी कपूर भी प्रसिद्ध फिल्म निर्माता हैं और छोटे भाई संजय कपूर भी अभिनेता हैं। अपने करियर के शुरुआती दौर में ही उन्होंने मॉडल सुनीता से शादी के बंधन में बंध गए थे, जिससे उनके तीन बच्चे हैं- सोनम कपूर, हर्षवर्धन कपूर और रिया कपूर।

अनिल की बड़ी बेटी सोनम बॉलीवुड की प्रसिद्ध अभिनेत्री के रूप में खुद को स्थापित कर चुकी हैं, तो वहीं हर्षवर्धन ने भी इस साल राकेश ओम प्रकाश मेहरा की फिल्म ‘मिर्जिया’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की है।

100 से ज्यादा फिल्में करने वाले अनिल कपूर का शुरुआती सफर इतना आसान नहीं रहा। सन् 1980 की ‘हम पांच’ और 1982 की ‘शक्ति’ में कुछ छोटी भूमिकाओं के बाद उन्हें 1983 में आई फिल्म ‘वो सात दिन’ में पहली बार मुख्य किरदार निभाने का मौका मिला, जिसने अनिल को बतौर अभिनेता के रूप में पहचान दिलाई।

बहुत कम लोग जानते हैं कि अनिल ने दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी हाथ आजमाया। वह तेलुगू फिल्म ‘वम्सावृक्षं’ और कन्नड़ फिल्म ‘पल्लवी अनुपल्लवी’ में काम कर चुके हैं।

अनिल कपूर को फिल्म ‘पुकार’ के लिए वर्ष 2001 में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

वर्ष 1984 में यश चोपड़ा की ‘मशाल’ में अनिल ने वहीदा रहमान, रति अग्निहोत्री और दिलीप कुमार जैसे दिग्गज कलाकारों के बीच अपने अभिनय का हुनर दिखाया, तो वहीं 1985 की फिल्म ‘मेरी जंग’ में न्याय के लिए लड़ने वाले एक नाराज युवा वकील के किरदार में अनिल ने जान फूंककर उसे हमेशा के लिए यादगार बना दिया।

इस फिल्म ने अनिल को एक परिपक्व अभिनेता के रूप में स्थापित कराया। इसके बाद ‘कर्मा’, ‘मिस्टर इंडिया’, ‘तेजाब’, ‘राम लखन’ जैसी फिल्मों ने अनिल को अभिनय की बुलंदियों पर पहुंचा दिया।

अनिल बॉलीवुड के साथ ही हॉलीवुड में भी अपने अभिनय का लोहा मनवा चुके हैं। हॉलीवुड फिल्म ‘स्लमडॉग मिलेनियर’ ने अनिल को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलवाई। अनिल की फिल्म ‘स्लमडॉग मिलियनियर’ ने ऑस्कर अवार्ड हासिल किया था। अनिल हॉलीवुड की टेलीविजन श्रंखला ’24’ का भारतीय रूपांतरण भी छोटे पर्दे पर ला चुके हैं।

अनिल कपूर ने अभिनय के साथ ही गायिकी में भी अपना हाथ आजमाया है। वह अपनी फिल्म ‘वो सात दिन’ के गीत ‘तेरे बिना मैं नहीं’ और फिल्म ‘चमेली की शादी’ में अपनी आवाज का जादू चला चुके हैं। अनिल अपने समय के अभिनेताओं से एक दम अलग अंदाज में जाने जाते थे। अनिल का अंदाज, पहनावा और डॉयलॉग बोलने का तरीका उनके दौर के युवाओं में काफी प्रचलित रहा है।

अनिल का डायलॉग ‘झक्कास’ आज भी लोगों की जुबां पर चढ़ा हुआ है और उन्हें बॉलीवुड का ‘झक्कास’ अभिनेता भी कहा जाता है। अपने इतने लंबे करियर में अनिल ने कई सुपरहिट फिल्में दी हैं। वह उन सदाबहार अभिनेताओं में से हैं, जो उम्र को पीछे छोड़ अब भी बदस्तूर फिल्मों में अपने अभिनय कौशल दिखा रहे हैं। उन्हें जन्मदिन की बधाई!

–आईएएनएस

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