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#A R Rahman 52nd Birthday : जब पैसों की तंगी के चलते वाद्ययंत्र तक बेचने पड़े

कुछ ऐसी चीजों को सीखना व निखारना है जिन्हें मैं नहीं जनता : ए.आर.रहमान

नई दिल्ली,6 जनवरी : कुछ ऐसी चीजों को सीखना व निखारना है जिन्हें मैं नहीं जनता – ए.आर.रहमान  

ए.आर. रहमान यानी अल्लाह रक्खा रहमान का जन्म छह जनवरी 1966 को तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में हुआ था।

रहमान को संगीत अपने पिता से विरासत में मिला है। उनके पिता आर.के.शेखर मलयाली फिल्मों में शिक्षा देते थे।

संगीतकार ने संगीत की शिक्षा मास्टर धनराज से प्राप्त की।

रहमान जब नौ साल के थे, तभी उनके पिता का देहांत हो गया और पैसों की खातिर परिवार वालों को वाद्ययंत्र तक बेचने पड़े। 

महज 11 साल की उम्र में रहमान अपने बचपन के दोस्त शिवमणि के साथ ‘रहमान बैंड रुट्स’ के लिए सिंथेसाइजर बजाने का काम करते थे।

चेन्नई के बैंड ‘नेमेसिस एवेन्यू’ की स्थापना में भी रहमान का अहम योगदान रहा। रहमान पियानो, हारमोनयिम, गिटार भी बजा लेते थे।

रहमान सिंथेसाइजर को कला और तकनीक का अद्भुत संगम मानते हैं।

बैंड ग्रुप में ही काम करने के दौरान रहमान को लंदन के ट्रिनिटी कॉलेज से स्कॉलरशिप मिला

और इस कॉलेज से उन्होंने पश्चिमी शास्त्रीय संगीत में तालीम हासिल की।

सन् 1991 में रहमान ने अपना खुद का म्यूजिक रिकॉर्ड करना शुरू किया।

ए आर रहमान ( गूगल साभार )

सन् 1992 में उन्हें फिल्म निर्देशक मणि रत्नम ने ‘रोजा’ में संगीत देने का मौका दिया फिल्म का संगीत जबरदस्त हिट साबित हुआ

और रातोंरात रहमान मशहूर हो गए। पहली ही फिल्म के लिए रहमान को फिल्मफेयर पुरस्कार मिला।

ग्रैमी और अकादमी पुरस्कार विजेता संगीतकार ए.आर. रहमान के पास उपलब्धियों की एक लंबी सूची है।

रविवार को 52 वर्ष के हुए रहमान वापस देने की इच्छा महसूस करते हैं और वह कुछ युवा पीढ़ी को तैयार करना चाहते हैं। 

रहमान ने हिंदी, तमिल, तेलुगू, अंग्रेजी और फारसी फिल्मों को कई चार्टबस्टर्स दिए हैं।

के.एम म्यूजिक कंजर्वेटरी के संस्थापक ने खुद को केवल संगीत तक ही सीमित नहीं रखा,

बल्कि ‘उर्वशी उर्वशी’ के हिटमेकर ने ‘ले मस्क’ का निर्देशन भी किया।

यह पूछे जाने पर कि वह क्या हासिल करना चाहते हैं? रहमान ने एक विशेष साक्षात्कार में आईएएनएस से कहा,

“मैं वापस देने, कुछ युवा पीढ़ियों को तैयार करने और कुछ ऐसी चीजों को सीखने

और निखारने में समय व्यतीत करने की इच्छा है, जिन्हें मैं नहीं जानता।”

उन्होंने कहा, “भारतीय प्रतिभा की नई पीढ़ी को देखना वास्तव में सुखद है। इससे मुझे नई चीजें लिखने की प्रेरणा मिलती है।”

अपने 52वें जन्मदिन के बारे में उन्होंने कहा, “बस परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना है।

मेरे बेटे ए.आर. अमीन का जन्मदिन भी आज ही है।”

आगामी फिल्म ‘द फकीर ऑफ वेनिस’ का गाना ‘कबीर’ रविवार को जारी हो रहा है, जो उनके प्रशंसकों के लिए ट्रीट है।

गीत संत कबीर की एक कविता से हैं। यह एक फकीर की यात्रा और उस किरदार के साथ चीजों के विरोधाभास के बारे में है।

उन्होंने कहा, “हमने सिक्किम में गाने की शूटिंग करने की कोशिश की थी, लेकिन मौसम ने हमारा साथ नहीं दिया।”

अभिनेता-फिल्मकार-गायक फरहान अख्तर के साथ यह रहमान की पहली फिल्म है।

रहमान ने कहा, “उनके साथ यह मेरी पहली फिल्म है। शेड्यूल और विभिन्न कारणों से हम पहले कभी

एक साथ काम नहीं कर सके। एक कलाकार के रूप में वह (फरहान) बोल्ड हैं।”

‘द फकीर ऑफ वेनिस’ में अन्नू कपूर भी प्रमुख भूमिका में हैं।

आईएएनएस

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