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World Aids Day: आज विश्व एड्स दिवस पर जानें HIV/AIDS के कारण व बचाव

इस वर्ष विश्व एड्स दिवस 2019 की थीम है-कम्युनिटीज मेक द डिफरेंस..

नई दिल्ली: World AIDS Day 2019 today- आज विश्वभर में एड्स दिवस (World AIDS Day 2019 today) मनाया जा रहा है। विश्व एड्स दिवस  (World AIDS Day) मनाने का मुख्य उद्देश्य है-लोगों को एचआईवी (HIV) संक्रमण के प्रति जागरुक करना।

एड्स के प्रति लोगों को शिक्षित,जागरुक व सचेत करने के लिए ही प्रत्येक वर्ष 1 दिसंबर का दिन विश्व एड्स दिवस (World AIDS Day) के रुप में मनाया जाता है।

विश्व में सबसे पहले एड्स दिवस मनाने की शुरूआत डब्ल्यूएचओ (WHO) के एड्स अवेयरनेस कैंपेन से जुड़े जेम्स डब्ल्यू बुन और थॉमस नेटर नामक दो शख्सियतों ने वर्ष 1987 अगस्त में की थी।

आज रविवार, 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस (World AIDS Day 2019 today) पर सोशल मीडिया में भी हैशटैग #WorldAIDSDay टॉप पर ट्रेंड कर रहा है। 

विश्व एड्स दिवस को मनाने का क्या है कारण?

HIV संक्रमण किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। विश्व एड्स दिवस (World AIDS Day) को मनाने का प्रमुख उद्देश्य भी HIV संक्रमण के कारण होने वाली जानलेवा बीमारी एड्स के बारे में सभी को जागरूक करना है।

आधुनिक युग में एड्स (Aids) एक महामारी के रूप में उभरी है। एड्स से न केवल आपकी हेल्थ प्रभावित होती है बल्कि सामाजिक,आर्थिक ताना-बाना और भावनात्मक रिश्ते भी प्रभावित होते है।

इसलिए जरूरी है कि कम से कम विश्व एड्स दिवस (World AIDS Day 2019 today) पर आप जाने क्या है एचआईवी (HIV) होने के कारण और उनसे बचने के तरीके:

किसी भी बीमारी से बचने के लिए उसके संबंध में संपूर्ण जानकारी होना अनिवार्य है। लापरवाह लाइफस्टाइल और बेपरवाह स्वास्थ्यशैली आपको कब एचआईवी संक्रमण से ग्रसित कर देगी आपको भी पता नहीं चलेगा।

तो चलिए सबसे पहले बताते है कि क्या है एचआईवी एड्स (HIV/AIDS)-

1.एचआईवी (HIV) की फुल फॉर्म है ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस। यह एक तरीके का जानलेवा संक्रमण या इंफेक्शन है।

सरल शब्दों में आमजन इसे एड्स (AIDS) अर्थात एक्वायर्ड इम्यून डेफिशिएंसी सिंड्रोम कहते है। इस जानलेवा संक्रमण (infection) से व्यक्ति गंभीर रुप से बीमार रहने लगता है।

2.उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यून सिस्टम) कमजोर हो जाता है। नतीजतन एचआईवी से संक्रमित व्यक्ति का शरीर साधारण सी दिखने वाली बीमारियो से लड़ने की भी क्षमता खोने लगता है।

ध्यान दें कि एचआईवी का संक्रमण तीन स्टेप्स में होता है- पहला चरण, मेडिकल विलंबता होना और तीसरा एड्स)

एड्स फैलने के कारण- AIDS/HIV reasons 

1.आमधारणा है कि एड्स केवल शारीरिक संबंधों से फैलता है लेकिन यह सरासर गलत है। दरअसल, उचित बचाव के बिना एक से ज्यादा लोगों के साथ संभोग करने से एड्स होने की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ जाती है।

2.लेकिन एड्स (AIDS) होने के और भी कई अन्य कारण है जैसे कि- अगर एक ही सीरिंज या सुई का प्रयोग बार-बार किया जाए तो भी एचआईवी (HIV) का संक्रमण शरीर में  फैलने का खतरा बढ़ जाता है और एड्स होने की संभावना दोगुनी हो जाती है।

3.इसके अतिरिक्त यदि किसी व्यक्ति को एचआईवी से ग्रसित खून चढ़ा दिया जाता  है तो भी आपको एड्स होने का खतरा बढ़ जाता है।

4.किसी एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के रक्त से संक्रमित मेडिकल उपकरण या दूषित सुई का प्रयोग किसी सामान्य व्यक्ति पर कर दिया जाए तो भी उसे एड्स होने की संभावना बढ़ जाती है।

5.एचआईवी से संक्रमित वीर्य, योनि स्राव या फिर खुले जख्मों के कॉन्टैक्ट में आने से भी एड्स फैलता है। यदि एड्स से संक्रमित महिला शिशु को स्तनपान कराती है तो बच्चे को भी यह बीमारी हो सकती है।

एड्स या एचआईवी से बचने के क्या है तरीके?(AIDS/HIV protection tips)

1.एड्स से सुरक्षा (AIDS protection) के लिए सर्वप्रथम जरुरी है कि आप सुरक्षित संभोग करें और अपने पार्टनर के प्रति पूरी तरह ईमानदार रहें। यह बात महिला और पुरुष दोनों पर पूरी तरह लागू होती है।

2.जब कभी भी आपको रक्त चढ़ाने या ब्लड टेस्ट (Blood test) कराने की नौबत आएं तो ध्यान दें कि आपका डॉक्टर सीलबंद सीरिंज या अच्छी तरह से स्टरलाइज किए गए उपकरणों का प्रयोग कर रहा हो।

3.ब्लड बैंक से ब्लड लेने से पहले उसकी पूरी तरह जांच करवा लें कि वो एचआईवी (HIV) से संक्रमित तो नहीं है। इसके लिए ब्लड केवल मान्यताप्राप्त ब्लड बैंक से ही लें। सस्ते के चक्कर में अपनी जान को खतरे में न डालें।

4.एचआईवी से संक्रमित व्यक्ति के साथ खाने-पीने से एड्स (AIDS) नहीं फैलता। आप बस अपने बर्तन और अपना खाना अलग थाली में लेकर उनके साथ बैठकर आराम से खा सकते है।

5.एचआईवी से संक्रमित व्यक्ति जरूरी नहीं कि एड्स से ग्रसित हो ही जाएं। यह बात निर्भर करती है कि एचआईवी होने के बाद वो इसकी रोकथाम के लिए क्या जीवनशैली और दवाईयां ले रहा है।

एड्स के इलाज में एंटी रेट्रोवाइरल थेरपी और दवाइयों का प्रयोग किया जाता है।

6.HIV का प्रभाव कम करने के उद्देश्य से इन दवाइयों को प्रयोग किया जाता है। ताकि शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो सकें और साधारण रोग गंभीर रूप ने ले सकें।

7.एड्स से बचाव व सुरक्षा को लेकर नित नए अभियान चलाये जाते है। आप इनका हिस्सा बनकर या एड्स के विषय में प्रामाणिक जानकारी पढ़कर भी अपना बचाव कर सकते है।

8.अपने डॉक्टर से रेगुलर चेकअप कराकर या फिर एचआईवी का टेस्ट कराकर भी आप जान सकते है कि कहीं आप एड्स की चपेट में तो नहीं आने वाले।

9.अच्छा खानपान, व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली आपको एड्स से बचा सकती है।

क्या है इस बार विश एड्स दिवस 2019 की थीम-World AIDS Day 2019 today

प्रत्येक वर्ष वर्ल्ड एड्स डे पर एक थीम बनाई जाती है। इस वर्ष विश्व एड्स दिवस 2019 (World AIDS Day 2019 today) की थीम है-कम्युनिटीज मेक द डिफरेंस। बीते वर्ष विश्व एड्स दिवस 2018 की थीम थी- अपनी स्थिति को जाने।

गौरतलब है  कि यूनीसेफ (UNICEF) ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि   36.9 मिलियन लोग HIV के शिकार हो चुके हैं।भारत सरकार के आकड़ों के अनुसार लगभग 2.1 मिलियन भारतीय एचआईवी (HIV) से संक्रमित है।

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Reena Arya

रीना आर्य एक ज्वलंत और साहसी पत्रकार व लेखिका है। वे समयधारा.कॉम की एडिटर-इन-चीफ और फाउंडर भी है। लेखन के प्रति अपने जुनून की बदौलत रीना आर्य ने न केवल बड़े-बड़े ब्रांड्स में अपने काम के बल पर अपनी पहचान बनाई बल्कि अपनी काबलियत को प्रूव करते हुए पत्रकारिता के पांच से छह साल के सफर में ही अपने बल खुद एक नए ब्रैंड www.samaydhara.com की नींव रखी।रीना आर्य हर मुद्दे पर अपनी बेबाक राय रखने पर विश्वास करती है और अपने लेखन को लगभग हर विधा में आजमा चुकी है

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