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कोरोना को लेकर मिनिस्ट्री ने जारी की नई गाइडलाइंस, अब हर कोई करा सकता है COVID 19 टेस्ट

union-health-ministry-has issued new guidelines regarding Corona, now everyone can get COVID 19 test

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भारत में कोरोना वायरस महामारी से अब तक 40 लाख से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं और करीब 70 हजार लोगों की मौत हुई है।

देश में पिछले एक महीने से लगातार वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।

पिछले 24 घंटे में 87,115 नए मामले सामने आए हैं। हालांकि, देश में कोरोना टेस्टिंग भी काफी बड़े पैमाने पर की जा रही है।

स्थित की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 के लिए जारी एडवाइजरी में बदलाव किया है।

नई एडवाइजरी में ऑन-डिमांड कोरोना टेस्टिंग (on-demand corona testing) का प्रावधान किया गया है।

यानी अब लोगों को कोरोना वायरस टेस्ट कराने के लिए किसी डॉक्टर के प्रीस्क्रिप्शन की जरूरत नहीं पड़ेगी।

वे अपनी मर्जी से जब चाहें कोविड-19 टेस्ट करा सकते हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 टेस्टिंग को लेकर जारी दिशा-निर्देश में सुधार करते हुए लोगों को यह अधिकार दिया है।

पहले के गाइलडलाइंस के तहत कोरोना जांच के लिए किसी उपयुक्त डॉक्टर के प्रीस्क्रिप्शन की जरूरत पड़ती थी।

अब स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपना कोरोना टेस्ट करवाना चाहता है तो टेस्ट करने वाला लैब

उससे डॉक्टर के प्रीस्क्रिप्शन की जिद नहीं करेगा।

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अगर किसी व्यक्ति के पास डॉक्टर का प्रेसक्रिप्शन नहीं है तो भी कोई लैब उसका सैंपल लेने और उसकी जांच करने से इनकार नहीं कर सकता है।

कोरोना टेस्ट की नए गाइडलाइन के मुताबिक, गैर कंटेनमेंट जोन में नियमित निगरानी के लिए कहा गया है।

इसमें यह भी सलाह दी गई है कि कंटेनमेंट जोन में रह रहे 100% लोगों की रैपिड एंटीजन जांच की जानी चाहिए,

खासतौर पर उन शहरों में जहां बड़े पैमाने पर संक्रमण फैला है।

आईसीएमआर (ICMR) ने जोर दिया कि जांच नहीं होने के आधार पर आपात सेवा में देरी नहीं जानी चाहिए।

गर्भवती महिलाओं को जांच की सुविधा नहीं होने के आधार पर रेफर नहीं किया जाना चाहिए।

ICMR ने कहा कि संक्रमम की पुष्टि के लिए सिंगल RT-PCR, TrueNat, CBNAAT या फिर RAT test की जानी चाहिए।

ICMR के मुताबिक, रैपिड एंटीजन जांच की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद लक्षण सामने आते हैं तो दोबारा रैपिड एंटीजन जांच या आरटी-पीसीआर (RT-PCR) जांच की जानी चाहिए।

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shweta sharma

श्वेता शर्मा एक उभरती लेखिका है। पत्रकारिता जगत में कई ब्रैंड्स के साथ बतौर फ्रीलांसर काम किया है। लेकिन अब अपने लेखन में रूचि के चलते समयधारा के साथ जुड़ी हुई है। श्वेता शर्मा मुख्य रूप से मनोरंजन, हेल्थ और जरा हटके से संबंधित लेख लिखती है लेकिन साथ-साथ लेखन में प्रयोगात्मक चुनौतियां का सामना करने के लिए भी तत्पर रहती है।

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