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बिहार में चमकी बुखार से हाहाकार,आप न हो शिकार,जानें बचने के उपाय

इलाज से बेहतर है बचाव और बचाव के लिए लक्षणों को पता होना जरूरी है। जानें चमकी बुखार के लक्षण

नई दिल्ली, 19 जून: Chamki fever treatment- बिहार (Bihar) में महामारी के रूप में तेजी से फैल चुका है चमकी बुखार (Chamki fever)। सरकारी अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार अभी तक पूरे बिहार में 126 बच्चों की मौत हो चुकी है और ये आंकड़ा संभव है खबर लिखने तक और बढ़ गया हो।

तेज गर्मी ने इस बुखार को और बढ़ा दिया है। चमकी बुखार या एईस (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) (Acute encephalitis syndrome) से कई लोग व जिले ग्रसित हो चुके है।

वैसे चमकी बुखार (Chamki fever) हर साल बिहार (Bihar) में ज्यादातर फैलता है लेकिन अब पूर्वी चंपारण में भी दिमागी या चमकी बुखार से ग्रस्त बच्चों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है।

यहां भी तकरीबन 36 बच्चे एईएस से पीड़ित हो गए है और उनका इलाज मुजफ्फरपुर पूर्वी चंपारण के विभिन्न अन्य अस्पतालों में चल रहा है।

ऐसे में जरूरी है कि डॉक्टर की सलाह से जाना जाएं कि आखिर इस चमकी बुखार से बचने के उपाय क्या (chamki bukhar se kaise bache) है

तो चलिए आपको बताते है चमकी बुखार से बचने के उपाय: Chamki fever treatment

  1. ज्यादा पानी पिलाएं- तेज गर्मी के कारण बच्चों के शरीर मे पानी की कमी हो जाती है इसलिए चमकी बुखार से बचने के लिए बच्चों के ज्यादा से ज्यादा पानी पिलाएं ताकि शरीर में पानी की कमी न हो सकें और यह बीमारी अटैक न कर सकें।

2.बच्चों को गर्मी से बचाएं- रिकॉर्ड तोड़ गर्मी बिहार में चमकी बुखार के मामले बढ़ा रही है। इसलिए जरूरी है कि आप अपने बच्चों को गर्मी और उमस से बचाकर रखें। संभव हो तो उन्हें धूप में खेलने जाने से या बाहर निकलने से रोक दें।

3.ज्यादा से ज्यादा नहलाएं- तेज धूप और गर्मी के कारण शरीर का तापमान बढ़ जाता है। इसलिए अपने बच्चों को जितना ज्यादा हो सकें नहलाओं। कम से कम बच्चों को दिन में दो बार नहलाएं।

4.नमक-चीनी का घोल पिलाएं- अपने बच्चों को चीनी,नमक और पानी के मिश्रण का घोल बनाकर पिलाएं। जैसे ही चमकी बुखार के लक्षण नजर आए तो फौरन डॉक्टर के पास जाए और उनके परामर्श से दवाई और खाना खिलाएं।

5.भूखा न रहने दें- गर्मी में यह बुखार ज्यादा देर तक भूखा रहने के कारण भी हो जाता है। इसलिए केवल पिएं ही नहीं बल्कि बच्चों को संतुलित खाना जरूर खिलाएं। उन्हें भूखा बिल्कुल न रहने दें।

अगर आपको इनमे से कोई भी लक्षण नजर आ रहे हो, तो तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करे और उनसे मिलकर जांच कराएं, जैसे की –निम्न में से कोई भी लक्षण अगर बच्चों में दिखाई दें तो संभव है कि वे चमकी बुखार (chamki bukhar) की चपेट में आ गए है।

इसलिए इलाज से बेहतर है बचाव और बचाव के लिए लक्षणों को पता होना जरूरी है।

चमकी बुखार के लक्षण- Chamki fever symptoms

1.शरीर में चमक या ऐंठन होना।

2.तेज बुखार आना।

3.बेहोशी का एहसास होना।

4.बच्चों की एनर्जी खत्म होना और सुस्त पड़ जाना।

5.दांत पर दांत चढ़ना।

ये सभी चमकी बुखार के लक्षण (Chamki fever symptoms) हो सकते है, इसलिए इन लक्षणों के नजर आते ही इन्हें हल्के में न लें और तुरंत डॉक्टर से चेकअप कराएं और चमकी बुखार का इलाज (Chamki fever treatment)लें।

 

 

 

(इनपुट एजेंसी से भी)

 

 

 

 

 

 

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Reena Arya

रीना आर्य एक ज्वलंत और साहसी पत्रकार व लेखिका है। वे समयधारा.कॉम की एडिटर-इन-चीफ और फाउंडर भी है। लेखन के प्रति अपने जुनून की बदौलत रीना आर्य ने न केवल बड़े-बड़े ब्रांड्स में अपने काम के बल पर अपनी पहचान बनाई बल्कि अपनी काबलियत को प्रूव करते हुए पत्रकारिता के पांच से छह साल के सफर में ही अपने बल खुद एक नए ब्रैंड www.samaydhara.com की नींव रखी।रीना आर्य हर मुद्दे पर अपनी बेबाक राय रखने पर विश्वास करती है और अपने लेखन को लगभग हर विधा में आजमा चुकी है

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