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सर्दियों में प्रदूषित वायु से 30 फीसदी बढ़ जाता है स्ट्रोक का खतरा,ऐसे बचें

सर्दियों के दौरान वायु काफी हद तक प्रदूषित रहती है। प्रदूषित वायु के कारण लोगों की छाती और हृदय की स्थिति और भी बिगड़ जाती है

नई दिल्ली,30 अक्टूबर : stroke riskसर्दियों का मौसम आते ही स्ट्रोक की संभावनाएं 30 प्रतिशत तक बढ़ जाती हैं। नई दिल्ली स्थित पीएसआरआई अस्पताल के एक अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है। पीएसआरआई अस्पताल ने इस संबंध में एक स्ट्रोक हेल्पलाइन भी लॉन्च की है।

पीएसआरआई अस्पताल के न्यूरोसाइंसेज विभाग के डॉ. अमित वास्तव ने कहा कि ठंड के महीनों में सभी प्रकार के स्ट्रोक के मामलों में वृद्धि हो सकती है।

सर्दियों में इस कारण होता है स्ट्रोक

पहले हुए कई अध्ययनों के अनुसार सर्दियों के महीनों में इंफेक्शन की दर में वृद्धि, व्यायाम की कमी और हाई ब्लड प्रैशर, स्ट्रोक की बढ़ी हुई घटनाओं का कारण थे। सर्दियों के दौरान वायु काफी हद तक प्रदूषित रहती है। प्रदूषित वायु के कारण लोगों की छाती और हृदय की स्थिति और भी बिगड़ जाती है।

डॉ. राहुल गुप्ता ने कहा, “समय पर समुचित इलाज की मदद से स्ट्रोक के मरीज पूरी तरह से ठीक हो सकते हैं। स्ट्रोक पर विजय पाने वाले ये मरीज इस बात के सबूत हैं।”

डॉ. राहुल ने कहा, “स्ट्रोक किसी भी व्यक्ति को, किसी भी उम्र में हो सकता है। यह महिला और पुरुष दोनों को हो सकता है। आज चिंता की बात यह है कि स्ट्रोक के मामले बढ़ रहे हैं और स्ट्रोक होने की उम्र घट रही है। आज स्ट्रोक के 12 प्रतिशत मरीज 40 साल से कम उम्र के होते हैं। जो लोग उच्च रक्तचाप, मधुमेह, उच्च रक्त कालेस्ट्रॉल से ग्रस्त हैं, उन्हें स्ट्रोक होने का खतरा अधिक हो सकता है। गर्भनिरोधक दवाइयां लेने वाली महिलाओं को इसका अधिक खतरा होता है।” 

कैसे बचे स्ट्रोक से?

1.स्ट्रोक से खुद को कैसे बचाया जाए और विकलांगता को रोकने के लिए क्या उपचार करने चाहिए, इस पर डॉ. सुमित गोयल ने कहा कि ऐसी अवधि में किसी भी व्यक्ति को अगर सही इलाज मिले तो उसमें काफी सुधार हो सकता है।

2.किसी भी व्यक्ति को अगर हाथ में कमजोरी या कभी बोलने में कठिनाई होती है तो बिल्कुल सतर्क रहना चाहिए। ऐसी स्थिति में रोगी को किसी पास के अस्पताल में ले जाना चाहिए, जहां 24 गुना 7 सीटी स्कैन, एमआरआई की सेवा उपलब्ध हो। लक्षण के शुरुआती घंटे के भीतर उसका इलाज कर बचाया जा सकता है।

3.अस्पताल ने बताया है कि आपात स्थिति के मामले में स्ट्रोक हेल्पलाइन नंबर 7303449595 से भी संपर्क किया जा सकता है ताकि रोगी को तुरंत इलाज दिया जा सके। यह हेल्पलाइन स्ट्रोक से होने वाले जोखिम से संबंधित प्रश्नों का भी उत्तर प्रदान करेगी।

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–आईएएनएस

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