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नाम गुम जाएगा

जनता नाम बदले जाने से पहले अनेक समस्याओं का हल चाहती है। “इन समस्याओं से हमें बचाइए नेताजी, नाम का क्या है, नाम तो गुम जाएगा।” (Photo: IANS)

कभी अपराधियों के नामों पर नज़र डालें तो पाएंगे कि ज़्यादातर अपराधियों के नाम हमारे सम्माननीय ईश्वर के विभिन्न स्वरूपों के नामों पर आधारित हैं। राम कुमार, राम प्रकाश, इंद्र कुमार, सुरेन्द्र कोहली, जगन्नाथ मिस्र, हरी शंकर ,मुन्ना बजरंगी… अरे ठहरिए… ठहरिए… सिर्फ हिन्दू धर्म के अपराधियों के नामों की ही हम चर्चा नहीं कर रहे बल्कि अगर आतंकवादियों के नामों पर नज़र डालें तो हम पाएंगे कि ज़्यादातर अपराधियों के नाम मुहम्मद यानि भगवान के विभिन्न नामों से ही जुड़ें हैं। यदि सम्मानजनक नाम रख देना ही इंसान के व्यक्तित्व को सम्मानजनक बना देने के लिए पर्याप्त होता तो कभी ईश्वर के विभिन्न नामों वाले लोग अपराधी न बनते।

अब कुछ और नामों पर नज़र डालते हैं। अमिताभ बच्चन, महेंद्र सिंह धोनी, दीपिका पादुकोण, शोभा डे, सचिन तेंदुलकर आदि नामों के व्यक्ति आज सफलता के नए मुकाम हासिल कर रहे हैं। “बच्चन”, “धोनी”, “पादुकोण”, “डे”, “तेंदुलकर” आदि शब्दों का इनके नाम से जुड़ा होना इनकी प्रतिभा में कोई कमी नहीं ला पाया। निष्कर्ष के तौर पर ये कह सकते हैं कि नाम बदलने से इंसान की काबिलियत में कोई बदलाव नहीं आ सकता, तो फिर हाल में ही हमारे देश में विभिन्न शहरों और सड़कों का नाम क्यों बदला जा रहा है? गुड़गांव का नाम बदल कर गुरुग्राम, मेवात का नाम बदलकर नूह रख देने से क्या इन जगहों की मूलभूत कमियों और अव्यवस्थाओं की भरपाई हो सकेगी?

दिल्ली एवं समीपवर्ती राज्यों में तो नाम बदलने की होड़ सी लगी है। अनेक जगहों के नाम बदले जा रहे हैं जैसे तुगलकाबाद का नाम बदलकर तुगलकाबाद स्टेशन, बदरपुर का नाम बदलकर बदरपुर बार्डर ,ओखला का नाम बदलकर हरकेश नगर ओखला … राजधानी दिल्ली में तो अभी कई और जगहों के नाम बदलने के प्रस्ताव रखे गए हैं। माननीय मंत्री श्री महेश गिरि जी ने औरंगजेब रोड का नाम बदलकर ए॰ पी॰ जे॰ अब्दुल कलाम रोड रखने का प्रस्ताव रखकर काफी वाहवाही बटोरी है। ठीक भी है कि औरंगजेब, जो एक क्रूर और तानाशाह शासक था, उसके नाम पर किसी सड़क का नाम रखने का भला क्या तात्पर्य? गिरि जी ने ये प्रस्ताव रखकर इतिहास की गलतियाँ सुधारने की बात कही है, जिसे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वीकार भी कर लिया है। ए॰ पी॰ जे॰ अब्दुल कलाम देश के राष्ट्रपति होने के साथ-साथ देश की रक्षा में भी सक्रिय रूप से कार्यरत थे। अनेक पुस्तकों के माध्यम से उन्होने देश की भावी पीढ़ी को सफलता के अनेक मंत्र बताए हैं। जीतेजी देशसेवा में तत्पर रहते हुए मरणोपरांत भी समाज कल्याण के अनेक मार्ग प्रशस्त किए हैं, ऐसे महान व्यक्ति के नाम पर सड़क का नाम रखा जाना प्रशंसनीय है, लेकिन क्या स्थानीय लोग औरंगजेब रोड का नाम आते ही क्रूर शासक का नाम याद करने लगते हैं? जी नहीं, किसी के लिए औरंगजेब रोड उसके दादा के घर का पता है, तो किसी के लिए उसके किसी प्रिय मित्र का। एक जमाने से औरंगजेब रोड बोलते हुए ये उनके लिए सिर्फ एक जगह का नाम है, क्रूर शासक के नाम से उनका कोई लेना देना नहीं है इसलिए जगह का नाम बदला जाना, ये सिर्फ उनके लिए भ्रमित करने वाला साबित होगा।

एक और महत्वपूर्ण नाम बदला है, प्रधानमंत्री के सरकारी आवास का। लंबे समय से 7 आर॰सी॰आर यानि 7 रेस कोर्स रोड कहलाने वाली सड़क अब 7 लोक कल्याण मार्ग के नाम से जानी जाएगी। नई दिल्ली की नगर पालिका परिषद की बी॰जे॰पी॰ सांसद मीनाक्षी लेखी पहले इस मार्ग का नाम बदल कर एकात्म मार्ग रखने का प्रस्ताव रख चुकी हैं। दिल्ली कैंट के आम आदमी पार्टी के विधायक सुरिन्दर सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट निर्मलजीत के नाम पर इस मार्ग का नाम रखना चाहते थे। लेकिन आखिरकार मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी भी इस मार्ग का नाम “लोक कल्याण मार्ग” रखने पर सहमत हुए। वैसे इस मार्ग का ऑफिशियल नाम “पंचवटी” है।

एक अरसे से दिल्ली और समीपवर्ती राज्य विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। कभी पानी की समस्या, तो कभी बिजली की समस्या, कभी डेंगू, कभी मलेरिया तो कभी चिकनगुनिया, बारिश का मौसम आते ही जगह-जगह सड़कों पर गड्ढे बन जाना और जल भराव की समस्या, कड़कती ठंड में फुटपाथ पर सोने वालों के लिए आवास की समस्या, महिलाओं की सुरक्षा की समस्या … गिनने बैठ गए तो हमारा देश समस्याओं से भरा नज़र आएगा, ऐसे में इन मूलभूत समस्याओं को दूर करने के बजाय नेताजी सड़कों का नाम बदलने पर सरकारी खज़ाना लुटा रहे हैं, ये स्थिति सचमुच हास्यास्पद लगती है।

अगर आम जनता की पुकार मंत्रियों तक पहुँच पाती तो वो सुन पाते कि आम जनता नाम बदले जाने से पहले अनेक समस्याओं का हल चाहती है। “इन समस्याओं से हमें बचाइए नेताजी, नाम का क्या है, नाम तो गुम जाएगा।”

लेखिका: भावना गौर

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समय धारा

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