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संपादकीय : आखिर क्या है कारण मोदी के खिलाफ प्रियंका के चुनाव न लड़ने के

जानियें आखिर क्यों प्रियंका गांधी - नरेंद्र मोदी का महा मुकाबला नहीं हुआ

Know why Priyanka Gandhi – Modi did not fight, Editor opinion on Priyanka contest election

नई दिल्ली, 26 अप्रैल (समयधारा) : जानियें आखिर क्यों प्रियंका गांधी नरेंद्र मोदी का महा मुकाबला नहीं हुआ l

देश के सबसे ख्यातिप्राप्त संसदीय क्षेत्र वाराणसी से सांसद देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर वाराणसी से लोकसभा चुनाव लड़ रहे है l

उनके सामने कांग्रेस ने एक बार फिर अजय राय को उतारा है l कहा जा रहा था कि इस सीट से कांग्रेस प्रियंका गांधी को मैदान में उतारेगीl

पर अंत समय में उनका नाम वाराणसी से नहीं आया l उनकी जगह कांग्रेस के अजय राय चुनाव लड़ रहे है l

यह वही अजय राय है जो पिछली बार मोदी के सामने लड़े थे l जो 75000 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर आये थे l

दूसरे नंबर पर अरविंद केजरीवाल 2 लाख वोटों के साथ थे l पर इस बार मुकाबला रोचक हो सकता था l

अगर कांग्रेस ने प्रियंका गांधी को मैदान में उतारा होता l

आखिर क्या वजह रही की अंतिम समय में कांग्रेस की प्रियंका गांधी को टिकट नहीं दिया गया l

सियासी हल्कों में इसके कई कारण बताएं जा रहे है पर चुनावी विशेषज्ञ की माने तो इसके पीछे तीन मुख्य कारण हैl

संपादकीय : आखिर क्या है कारण मोदी के खिलाफ प्रियंका के चुनाव न लड़ने के
संपादकीय : आखिर क्या है कारण मोदी के खिलाफ प्रियंका के चुनाव न लड़ने के

(1) पहला कारण उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव :

मोदी के सामने लड़ने से ज्यादा कांग्रेस के लिए उत्तर प्रदेश में अपनी जड़े तलाश करने की जहोजद्द है l

कांग्रेस की जड़े जो खत्म हो चुकी है l प्रियंका के आने से उनमे नई ऊर्जा का संचार हुआ है l

अगर प्रियंका लोकसभा चुनाव वाराणसी से लडती तो शायद वह अपना पूरा ध्यान पार्टी को मजबूत करने में नहीं लगा पाती l

इस समय जो हवा प्रियंका की उत्तर प्रदेश में बह रही है उससे उनका ज्यादा से ज्यादा उपयोग पार्टी को संघठित करने में लगना चाहियें l

इसका फायदा उसे विधानसभा चुनाव में देखने को मिल सकता है l

पर अगर लोकसभा चुनाव में वह लडती तो उसकी राजनीतिक पारी पर ही बड़ा सवाल उठ सकता था l

संभावित हार कार्यकर्ताओं के मनोबल तोड़ने का काम कर सकता थी l 

(2) दूसरा कारण लोकसभा चुनाव में प्रियंका पर प्रचार की बड़ी जिम्मेदारी : 

लोकसभा चुनाव 2019 में अगर प्रियंका का मुकाबला मोदी से होता तो प्रियंका को प्रचार करने के लिए वाराणसी का दौरा करना होता l

लोकसभा चुनाव में इस समय राहुल गांधी के बाद कांग्रेस  में कोई सबसे ज्यादा रोड शो कर रही है तो वह प्रियंका गांधी l

प्रियंका गांधी के रोड शो में काफी लोग आ रहे है l लोगो से मिली प्रतिक्रिया कांग्रेस के लिए काफी सुखदायक है l 

देश भर में प्रियंका गांधी के प्रचार के लिए डिमांड आ रही है l लोग उनमें इंदिरा गांधी की छवि देखते है l

इन सब के चलते प्रियंका को लोकसभा चुनाव नहीं लड़ाने का फैसला लिया गया होगा l 

(3) तीसरा कारण वाराणसी में संभावित बड़ी हार का खतरा l 

एक हार आप के करियर के लिए कितनी जरुरी होती है इसका उदाहरण इतिहास में देखा जा सकता है l

अगर देखा जाएँ तो प्रियंका गांधी के राजनीतिक करियर के लिए हार-जीत बहुत ही महत्वपूर्ण है l

बीजेपी प्रियंका की हार को विधानसभा में भुना सकती है l कांग्रेस 1989 के बाद पहली बार अपनी खोयी हुई जमीन उत्तर प्रदेश में तलाश कर रही है l

शायद प्रियंका के चलते वह इसमें सफल हो जाएँ पर अगर प्रियंका लडती और हार जाती तो

कांग्रेस के पुराने  लोग जो नए संगठित हो रहे युवा जो राहुल गांधी के साथ आना चाहते है उनमे संशय जग जाता l

जो प्रियंका के आने से पार्टी में जान आये है वो बेजान हो जाती

इसी वजह से शायद कांग्रेस ने प्रियंका को मोदी के खिलाफ नहीं लड़ाने का फैसला लिया l 

पर इस डिसिशन से कांग्रेस के लिए वो स्थिति हो गयी कि एक तरफ कुआं तो एक तरफ खाई l

कैसे … अगर प्रियंका को चुनाव लड़ाना ही नहीं था तो प्रियंका के लड़ने की खबर को मीडिया में इतनी हवा क्यों दी गयी l

खुद कांग्रेस के नेताओं ने इस पर संशय बनायें रखा l इससे हुआ क्या प्रियंका की छवि को नुकसान ही पहुंचा l

अगर वह लड़ती तो चुनाव हारने के बावजूद वह मनोवैज्ञानिक लड़ाई जीत जाती l हार-जीत चुनाव का एक हिस्सा है l 

 

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