जैन धर्म के सबसे बड़े दिन “संवत्सरी” पर हर जैनी क्षमा मांग कर कर्मों से होता है मुक्त

jain dharma paryushan mahaparv samvatsari micchami dukkadam मुंबई (समयधारा) : जैन धर्म में अहिंसा को सर्वपरी माना गया है l और हिंसा सिर्फ किसी को मारना या शारीरिक रूप से परेशान करना ही नहीं होता l मानसिक रूप से परेशान करना व वाणी द्वारा बोली गयी कड़वी और चुभती बातें भी जैन धर्म में हिंसा … Continue reading जैन धर्म के सबसे बड़े दिन “संवत्सरी” पर हर जैनी क्षमा मांग कर कर्मों से होता है मुक्त