शायरी – गुलाब नहीं केसर जैसा है इश्क मेरा,

Ishq-Sayari Shayaris Love-Shayri गुलाब नहीं केसर जैसा है इश्क मेरा बीते समय के साथ ज्यादा महकता है शायरी : देखकर आपकी मुस्कुराहट.. हम होश गवा बैठे.. देखकर आपकी मुस्कुराहट.. हम होश गवा बैठे.. हम होश में आने ही वाले थे कि.. आप फिर मुस्कुरा बैठे.. शायरी : एक खिलौना ही तो हूँ. मैं आपके हाथों … Continue reading शायरी – गुलाब नहीं केसर जैसा है इश्क मेरा,