breaking_news Home slider अन्य ताजा खबरें अपराध देश

पंजाब जेलकांड : खालसा के सरगना हरमिंदर सिंह मिंटू समेत 6 खूंखार कैदी फरार, 1 बेकसूर लड़की की पुलिस द्वारा हत्या

पंजाब के डायरेक्टर ऑफ जनरल पुलिस सुरेश अरोड़ा नाभा जेल कांड पर प्रेस को संबोधित करते हुए (Photo: IANS)

नाभा (पंजाब), 28 नवंबर : पंजाब की अतिसुरक्षित नाभा जेल पर रविवार को हमला कर खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के सरगना हरमिंदर सिंह मिंटू सहित दो आतंकवादियों और चार अन्य गैंगस्टर्स को भगाने वाले हथियार बंद हमलावरों में शामिल एक हमलावर को उत्तर प्रदेश के शामली से गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य फरार आतंकवादियों और गैंगस्टर्स सहित हमलावरों की तलाश के लिए व्यापक अभियान शुरू कर दिया गया है और पूरे पंजाब और पड़ोसी राज्य हरियाणा में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

इस बीच पुलिस ने हरियाणा की ओर जाने वाली पटियाला-चीका मार्ग पर फरार कैदियों को पकड़ने के लिए लगाए गए एक बैरिकेड पर न रुकने पर एक वाहन पर गोलीबारी की, जिसमें एक महिला की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पहचान में हुई गलती के चलते यह घटना हुई।

उप्र के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) दलजीत चौधरी ने कैदियों को जेल से भगाने के आरोपी परमिंदर सिंह के शामली जिले के कैराना से गिरफ्तारी की पुष्टि की है। पुलिस के मुताबिक, “परमिंदर सिंह को शामली से उस वक्त गिरफ्तार किया गया, जब वह गाड़ी बदलकर भागने की फिराक में था।”

दलजीत सिंह ने कहा, “परमिंदर सिंह से पूछताछ की जा रही है। उसके पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए हैं। एक एसएलआर, तीन रायफल सहित काफी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं।”

पंजाब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके की घेरेबंदी कर ली है। पंजाब की हरियाणा और राजस्थान से सटी सीमा के अलावा पाकिस्तान से सटी अंतर्राष्ट्रीय सीमा को भी सीलबंद करने के आदेश दे दिए गए हैं।

पंजाब सरकार ने इस बीच घटना के संबंध में ठोस जानकारी देने वाले को 25 लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की है।

पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सुरेश अरोड़ा ने इस बीच जेल की सुरक्षा में चूक और हमले में मिलीभगत की बात स्वीकार की है।

अरोड़ा ने उच्च सुरक्षा वाली इस जेल के बाहर मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा, “इसमें चूक हुई है। यह एक साजिश है, जैसा कि हम देख सकते हैं। हम हर चीज की जांच करेंगे। हम मिलीभगत के कोण की भी जांच करेंगे।”

जेल अधिकारियों ने पुलिस को बताया कि हमलावर बाहरी सुरक्षाकर्मियों को यह कहकर जेल परिसर में घुस गए कि वे एक कैदी को सत्यापन के लिए लाए हैं।

जेल से सुबह फरार हुए कैदियों में मिंटू के अलावा कश्मीर गलवाडी, विकी गोंडर, गुरप्रीत सेखोन, नीता देओल और विक्रमजीत भी शामिल है। मिंटू को 2014 में गिरफ्तार किया गया था और उसके खिलाफ 10 मामले चल रहे हैं। मिंटू कई बार पाकिस्तान जा चुका है और कथित तौर पर इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) से प्रशिक्षण प्राप्त है।

घटना के बाद तत्काल जेल के दौरे पर पहुंचे राज्य के उप-मुख्यमंत्री और गृह मंत्री सुखबीर सिंह बादल ने ट्वीट किया, “सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान आतंकवाद फैलाने को आतुर है। जेल पर हमले के पीछे भी वही हो सकता है। हम जेल पर हुए हमले के पीछे की साजिश को हर कीमत पर सामने लाएंगे।”

जेल दौरे को दौरान सुखबीर सिंह बादल ने संवाददाताओं को बताया, “हमने डीजीपी (जेल) को निलंबित कर दिया है और जेल अधीक्षक तथा उपाधीक्षक को बर्खास्त कर दिया है।”

जेल अधिकारियों ने कहा कि पुलिस की वर्दी में आए हमलावरों ने सुनियोजित हमले के दौरान 100 के करीब गोलियां चलाईं। इतनी गोलीबारी के बावजूद जेल में कोई भी घायल नहीं हुआ है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जेल में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने जवाबी गोलीबारी नहीं की, जिससे संदेह पैदा होता है। हमलावरों ने जेल के सुरक्षाकर्मियों की एक एसएलआर (सेल्फ लोडिंग राइफल) भी छीन ली।

हथियारों से लैस करीब 10-12 हमलावर एक टोयोटा फॉर्च्यूनर एसयूवी सहित दो कारों से जेल परिसर में घुसे थे।

जेल सूत्रों के मुताबिक, जब कैदियों को सुबह के दैनिक कार्यो के लिए उनके बैरकों से बाहर लाया गया, तभी यह हमला हुआ।

जेल के करीब के गांव के रहने वाले एक व्यक्ति ने पत्रकारों को बताया, “मैं अपनी मोटरसाइकिल से जा रहा था, तभी मैंने जेल के अंदर 2-3 कार देखे, जिसमें बैठे व्यक्तियों के पास हथियार थे। वे पुलिस की वर्दी में थे और हवा में गोलियां चला रहे थे।”

सुखबीर बादल ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से बात की और उन्हें फरार कैदियों और हमलावरों की तलाश के लिए उठाए गए कदमों से अवगत कराया।

पंजाब सरकार ने अतिरिक्त मुख्य गृह सचिव जगपाल सिंह संधू से जेल की सुरक्षा में हुई चूक की जांच के लिए कहा है।

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह ने जेल तोड़ने में बादल सरकार की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा, “इस घटना से राज्य में कानून-व्यवस्था की बिगड़ी हालत का पता चलता है और साथ ही विधानसभा चुनाव से पहले फिर से आतंकवाद के पनपने की आशंका बढ़ गई है।”

गौरतलब है कि पंजाब में दो महीने बाद ही विधानसभा चुनाव होने हैं।

आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, “इससे पता चलता है कि पंजाब में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। पंजाब के गृह मंत्री को जेल तोड़कर कैदियों के फरार होने तथा पंजाब पुलिस द्वारा एक निर्दोष बच्ची की हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।”

–आईएएनएस

 

About the author

समय धारा

Add Comment

Click here to post a comment