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नोटबंदी का बचाव करते भावुक हो गए मोदी

नई दिल्ली, 23 नवंबर : भाजपा सांसदों के समक्ष अपने भावुक संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नोटबंदी का जोरदार बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह लोगों के फायदे के लिए किया गया है। भाजपा संसदीय दल को संबोधित करते हुए मोदी ने सांसदों से अनुरोध किया कि वह विपक्षी पार्टियों द्वारा 500 और 1,000 रुपये के नोट बंद किए जाने पर फैलाई जा रही भ्रांतियों को दूर करें।

संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने प्रधानमंत्री के भाषण के हवाले से कहा, “हम स्वयं के लिए नहीं, गरीबों के लिए सत्ता में आएं हैं।”

उन्होंने कहा कि गरीब, निम्न मध्यम वर्ग और मध्य वर्ग बीते 70 सालों से भ्रष्टाचार और कालेधन से पीड़ित है।

अनंत कुमार ने प्रधानमंत्री के भाषण के हवाले से कहा, “यह निर्णय लोगों के हित में और कालेधन, भ्रष्टाचार, नकली नोटों के खिलाफ लिया गया है। हमारा लक्ष्य इनके खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ने का है।”

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा कि नोटबंदी का फैसला भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ सरकार की सिर्फ एक शुरुआत है, इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

सूत्रों ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने नोटबंदी के लिए पार्टी के नेताओं से सर्जिकल कार्रवाई शब्द का इस्तेमाल नहीं करने को कहा।

एक सूत्र ने मोदी के भाषण के हवाले से कहा,”इसे सर्जिकल कार्रवाई नहीं कहिए। सिर्फ एक सैनिक ही वह कार्य कर सकता है।”

संयोग से, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह ने नोटबंदी पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे कालेधन पर भ्रष्टाचार पर सर्जिकल कार्रवाई कहा था।

संसदीय दल ने सरकार के नोटबंदी के फैसले के समर्थन में एक प्रस्ताव पारित किया। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह द्वारा यह प्रस्ताव लाया गया।

अनंत कुमार ने मीडिया से कहा, “संसदीय दल ने आठ नवंबर के नोटबंदी के ऐतिहासिक फैसले पर सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया।”

प्रस्ताव में कहा गया, “संसदीय दल सर्वसम्मति से प्रधानमंत्री के 500 और 1000 रुपये के नोटों के अमान्य किए जाने की ऐतिहासिक घोषणा का स्वागत करती है। इसके लिए प्रधानमंत्री, सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक को बधाई देती है।”

इसमें कहा गया, “संसदीय दल को पूर्ण विश्वास है कि यह साहसिक पहल अपने उद्देश्यों को हासिल करेगी। इससे आतंकवादियों और कट्टरपंथी संगठनों को आर्थिक मदद रोकने, नकली नोटों की समस्या को खत्म करने के अलावा बेहिसाब राशि की जांच और भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को गंभीर चेतावनी दी जा सकेगी।”

प्रस्ताव में कुछ राजनीतिक पार्टियों के ‘दुर्भावनापूर्ण प्रयासों’ की आलोचना की गई है, जो ‘हिंसा और अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रही हैं। सरकार के इस कदम का लोगों ने बड़े स्तर पर समर्थन किया है। राजनीतिक दल संसद में एक के बाद एक बहाने कर कार्यवाही में व्यवधान पैदा करने की कोशिश न करें।

भाजपा संसदीय दल ने आम लोगों से कठिनाइयों का सामना करने के बजाय धैर्य बनाए रखने की बात कही।

प्रस्ताव में कहा गया है, “वे एक बेहतर भारत के लिए कतार में खड़े हैं।”

–आईएएनएस

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समय धारा

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