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कालेधन पर नकेल कसने के लिए लोकसभा में पास हुआ आयकर संशोधन विधेयक

वित्तमंत्री अरुण जेटली(साभार-गूगल)

नई दिल्ली, 29 नवंबर : सदन लोकसभा में मंगलवार को कराधान कानून (द्वितीय संशोधन) विधेयक पारित हो गया, जो आयकर अधिनियम 1961 तथा वित्तीय अधिनियम, 2016 में संशोधन करता है। विधेयक को केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने पेश किया, जिसे नोटबंदी के मुद्दे पर विपक्ष के हंगामे के बीच ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।

कराधान कानून (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2016 के तहत घोषणाकर्ता को 60 फीसदी कर चुकाने के बाद कर का 25 फीसदी अतिरिक्त सरचार्ज (आय का 15 फीसदी) चुकाना होगा, जिसका अर्थ है कि कुल लगभग 75 फीसदी कर चुकाना होगा।

संशोधित कानून कर मूल्यांकन अधिकारी को कुल कर का 10 फीसदी तक अधिक जुर्माना लगाने की शक्ति प्रदान करता है, इस प्रकार अघोषित आय पर कुल कर 82.5 फीसदी (75 फीसदी तथा इस राशि का 10 फीसदी) तक पहुंच जाता है। इस राशि पर किसी तरह की छूट नहीं दी जाएगी।

दरअसल, सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेवाई) 2016 के नाम से एक आय प्रकटीकरण योजना पेश की है, जो लोगों को अपने खातों में पैसे जमा करने की मंजूरी प्रदान करेगा, जिसके लिए उन्हें एक अप्रैल, 2017 तक कुल राशि का 50 फीसदी- 30 फीसदी कर, 10 फीसदी जुर्माना तथा कर राशि का 33 फीसदी, जो कि 10 फीसदी होगा, गरीब कल्याण सेस के रूप में चुकाना होगा।

इस योजना की अवधि की घोषणा बाद में होगी। घोषणाकर्ता को किसी भी कानून से सुरक्षा मिलेगी।

वैसे लोग जिनपर मादक पदार्थ रोधी अधिनियम, प्रीवेंशन ऑफ लॉड्रिंग एक्ट या बेनामी संपत्ति रखने, तथा तस्करी के लिए मुकदमा चला हो, वैसे लोग अपनी अघोषित आय के लिए इस योजना का लाभ नहीं उठा सकेंगे।

इसके अलावा, इस योजना के तहत, 25 फीसदी राशि चार वर्षो तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण जमा योजना में लॉक रहेगी।

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, “यह राशि सिंचाई, हाउसिंग, शौचालय, अवसंरचना, प्राथमिक शिक्षा, प्राथमिक स्वास्थ्य तथ आजीविका के लिए प्रस्तावित है।”

इस नई आय घोषणा योजना (पीएमजीकेवाई) के तहत घोषित कुल राशि घोषणाकर्ता की कुल आय में नहीं शामिल की जाएगी।

अघोषित आय वालों के लिए एक और मौका करार देते हुए ट्रेडिंग बेल्स के सह-संस्थापक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमित गुप्ता ने आईएएनएस से कहा, “यह पहले की ही तरह आय घोषणा योजना के समान है, लेकिन इसमें जुर्माने का अधिक प्रावधान है। यह एक अच्छा कदम है, क्योंकि इस आय प्रकटीकरण योजना से काला धन अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनेगा।”

आयकर की तलाशी के दौरान पाई गई अघोषित आय पर आयकर विभाग नियमित कर के अलावा, 30 फीसदी जुर्माना भी लगाएगा। यह तभी होगा, जब तलाशी लेने वाला अघोषित आय मिलना स्वीकार करता है और यह साबित करता है कि किन परिस्थितियों में अघोषित आय पाई गई।

अगर जांचकर्ता ऐसा नहीं करता है, तो कर के अलावा, जुर्माना बढ़ाकर 60 फीसदी कर दिया जाएगा।

इस योजना के उद्देश्यों व कारणों के बारे में वित्तमंत्री ने कहा कि यह संशोधन इसलिए लाया गया है, क्योंकि विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है, “लोगों को काले धन को फिर से काला करने का मौका देने के बदले सरकार को भारी जुर्माना लगाकर उन्हें सफेद करने का मौका देना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि ऐसा करने से सरकार को गरीबों के कल्याण से संबंधित कार्य करने के लिए अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा, लेकिन साथ ही अघोषित आय वैध तरीके से औपचारिक अर्थव्यवस्था का हो जाएगा।

–आईएएनएस

–आईएएनएस

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समय धारा

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