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बाबरी विध्वंस : 25 साल बाद तय हुए आरोप;आडवाणी, जोशी, उमा भारती समेत 12 पर चलेगा आपराधिक साजिश का केस

लखनऊ , 31 मई : उत्तर प्रदेश की राजधानी में मंगलवार को दिन भर सियासी गहमागहमी रही। वर्ष 1992 के 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती समेत छह आरोपी सीबीआई की अदालत में पेश हुए। अदालत ने इन सभी को पहले जमानत दे दी, उसके बाद आपराधिक साजिश रचने का आरोप तय कर दिया। विशेष न्यायाधीश एस़ क़े यादव ने याचिका खारिज करते हुए सभी 12 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया। इससे पहले, आरोपियों को 20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी गई।

बचाव पक्ष के वकील प्रशांत सिंह अटल ने मीडिया को बताया, “अदालत ने सुनवाई के बाद सभी 12 आरोपियों को जमानत दे दी। हमने अपनी बात रखी है। हमने अदालत को बताया है कि बाबरी मामले में इन लोगों की कोई संलिप्तता नहीं थी।”

आडवाणी, ऋतंभरा, उमा भारती, मुरली मनोहर जोशी, विनय कटियार और विष्णु हरि डालमिया के हाजिर होते ही अदालत ने इन्हें आपराधिक साजिश (120बी) के आरोप में न्यायिक हिरासत में ले लिया।

इसके बाद बचाव पक्ष के वकील ने सभी की जमानत अर्जी दाखिल की और अदालत ने सभी की जमानत मंजूर कर ली।

बचाव पक्ष के वकील ने अदालत में दलील दी कि आरोपियों पर 120बी का आरोप नहीं बनता। सीबीआई के पास कोई सबूत नहीं है। मगर सीबीआई की ओर से इस दलील का विरोध किया गया।

 

साभार-गूगल
साभार-गूगल

गौरतलब है कि अदालत बाबरी मस्जिद विध्वंस से संबद्ध दो मामलों की सुनवाई कर रही है। आडवाणी, जोशी, उमा, कटियार, डालमिया और साध्वी पर एक मामले में आरोप तय हो गए हैं, जबकि जबकि दूसरे मामले में महंत नृत्य गोपाल दास, महंत राम विलास वेदांती, बैकुंठ लाल शर्मा उर्फ प्रेमजी, चंपत राय बंसल, महंत धर्म दास और सतीश प्रधान के खिलाफ आरोप तय होंगे।

आडवाणी और जोशी लखनऊ एयरपोर्ट से पहले वीवीआईपी गेस्ट हाउस पहुंचे। वहां उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। वहीं मौजूद केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा, “मैं खुद को अपराधी नहीं मानती।” कांग्रेस ने उनके इस्तीफे की मांग की है, क्योंकि उन पर आरोप तय हो गया है, ऐसे में वह केंद्रीय मंत्री के पद पर कैसे रह सकती हैं।

उमा ने कहा, “वो खुला आंदोलन था, जैसा इमरजेंसी के खिलाफ हुआ था। इस आंदोलन में क्या साजिश थी, मुझे नहीं पता।”

वहीं, महंत राम विलास वेदांती ने कहा कि अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहाने वालों में वह भी शामिल थे। उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को क्लीनचिट देते हुए कहा, “मैं शामिल था, लेकिन इनकी इसमें कोई भूमिका नहीं है, ये निर्दोष हैं।”

सीबीआई की विशेष अदालत में पेश होने आए वेदांती ने कहा कि वह अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं।

वेदांती ने कहा, “मोदी और योगी मिलकर अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनवाएंगे। केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है। अब भव्य राम मंदिर बनकर रहेगा। विवादित स्थल पर कभी मस्जिद नहीं थी, देश का मुसलमान भी मंदिर चाहता है।”

वीवीआईपी गेस्ट हाउस में सांसद विनय कटियार ने कहा कि उन्हें ढांचा विध्वंस मामले में कोई मलाल नहीं है। लाखों रामभक्तों की इच्छा थी कि खंडहर ढांचा ध्वंस्त हो और वहां भव्य राम मंदिर बने, इसलिए ऐसा हुआ।

उन्होंेने कहा, “हाईकोर्ट ने भी कह दिया है कि वह रामलला का स्थान है। फिर केस किस बात का? उस वक्त लाखों लोग वहां मौजूद थे तो फिर साजिश कैसी!”

सांसद कटियार ने कहा, “मुलायम सिंह यादव ने माना था कि उनसे गलती हुई। गोलीबारी में 16 लोग मारे गए थे, इसलिए मुलायम के खिलाफ भी मामला चलना चाहिए। जितनी भी साजिश कर ली जाए, कोई भी साजिश काम नहीं आने वाली।”

अदालत ने 19 अप्रैल को निर्देश दिया था कि आडवाणी (89), जोशी (83) और उमा (58) के अलावा बाकी सभी आरोपी अदालत में पेश हों। अदालत ने मामले की सुनवाई रोजाना कराने और दो साल में सुनवाई खत्म करने का निर्देश दिया है।

अदालत ने कहा कि इस मामले में भाजपा नेता कल्याण सिंह भी आरोपी हैं, लेकिन जब तक वह राज्यपाल पद पर हैं, उनके खिलाफ मुकदमा नहीं चल सकता।

राजस्थान के मौजूदा राज्यपाल कल्याण सिंह जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, उसी समय बाबरी मस्जिद ढहाई गई थी। अदालत ने रायबरेली की अदालत में आडवाणी, जोशी, उमा और तीन अन्य आरोपियों पर चल रहे मुकदमे को भी लखनऊ लाने का आदेश दिया, दोनों मामलों की एक साथ सुनवाई हो सके।

–आईएएनएस

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