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देश डेयरी के क्षेत्र में एक ताकत के रूप में उभर रहा है, देश में 16.37 करोड़ टन दूध का उत्पादन : राधा मोहन सिंह

मोतिहारी (बिहार), 28 अक्टूबर :  केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि भारत डेयरी उत्पादक राष्ट्रों के बीच एक नेतृत्व के रूप में उभर रहा है। देश में 2016-17 के दौरान 16.37 करोड़ टन दूध का उत्पादन किया गया है, जिसकी कीमत चार लाख करोड़ रुपये से अधिक है। मोतिहारी जिले के सेमवापुर (केसरिया) में शनिवार को पशु आरोग्य मेले में लोगों को संबोधित करते हुए राधा मोहन सिंह ने कहा, “बिहार में कुल दूध उत्पादन वर्ष 2015-16 में 82.9 लाख मीट्रिक टन था जो पूरे देश का 5.33 फीसदी है। बिहार में देश के कुल पशु का 6.67 फीसदी है। अत: बिहार में दूध उत्पादन एवं दूध उत्पादकता बढ़ाने की आवश्यकता है। बिहार में कोंफेड/सुधा दुग्ध संग्रह, प्रसंस्करण एवं विपणन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।”

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “देश में वर्तमान में 19 करोड़ गोपशु हैं जो विश्व के कुल गोपशु का 14 फीसदी हैं। देश की डेयरी सहकारिताएं किसानों को औसत रूप से अपनी बिक्री का 75 से 80 प्रतिशत प्रदान करती हैं। बिहार में कॉमफेड या सुधा, सहकारी मंडलियों के माध्यम से किसानों को दूध का उचित मूल्य प्रदान कर रहा है। इस क्षेत्र में 1.5 करोड़ पुरुषों की तुलना में 7.5 करोड़ महिलाएं कार्यरत हैं।”

सिंह ने कहा, “भारत में 30 करोड़ बोवाईन (गोजातीय) हैं, जो विश्व की कुल बोवाईन आबादी का 18 प्रतिशत हैं। पारंपरिक तथा वैज्ञानिक ज्ञान के माध्यम से सैकड़ों वर्षो की मेहनत के बाद देश के देशी बोवाईन आनुवंशिक संसाधन विकसित हुए हैं और आज हमारे पास गोपशुओं की 40 नस्लों के साथ याक और मिथुन के अलावा भैंसों की 13 नस्लें हैं।”

उन्होंने कहा, “भारत सरकार ने ‘राष्ट्रीय गोकुल मिशन’ नामक कार्यक्रम संगठित तथा वैज्ञानिक ढंग से स्वदेशी नस्लों के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से देश में पहली बार शुरू किया है। योजना के अंतर्गत अब तक 27 राज्यों से आए प्रस्तावों को 1,077 करोड़ रुपये की राशि के साथ स्वीकृत किया जा चुका है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 499.08 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है।”

सिंह ने कहा, “बिहार को ‘राष्ट्रीय गोकुल मिशन’ के तहत 67 करोड़ रुपये की राशि की स्वीकृति दी गई है। योजना के कार्यान्वायन के लिए अब तक 22.5 करोड़ रुपये की राशि जारी की जा चुकी है। इस के तहत कृत्रिम गर्भाधान को किसान के घर द्वार तक पहुंचाने के लिए 1250 मैत्री केंद्रों को भी स्थापित किया जा रहा है।”

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय गोकुल मिशन के ही अंतर्गत गोकुल ग्राम स्थापित करना अन्य घटकों के साथ शामिल है। एक गोकुल ग्राम बिहार के बक्सर जिले में स्थापित किया जाएगा। गोकुल ग्राम, 500 उच्च आनुवांशिक गुणों वाले पशुओं के लिए होगा इनमें से 300 प्रजनन योग्य पशु होंगे।

–आईएएनएस

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