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सीतारमण ने ‘वर्ल्ड-क्लास’ बेजोड़ मारक क्षमता वाले तीन हथियार राष्ट्र को समर्पित किए

नासिक, 10 नवंबर : सीतारमण ने ‘वर्ल्ड-क्लास’ बेजोड़ मारक क्षमता वाले तीन हथियार राष्ट्र को समर्पित किए l 

रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने सेना की क्षमता बढ़ाने के क्रम में वैश्विक स्तर पर प्रमाणित बेजोड़

मारक क्षमता वाले तीन हथियार शुक्रवार को राष्ट्र को समर्पित किए। इसके तीन दशक पहले देश को

बोफोर्स हॉवित्जर तोपें मिली थीं। हाल में अधिग्रहित हथियारों में एम-777 ए-2 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर,

के-9 वज्र सेल्फ प्रोपेल्ड गन के अलावा छह गुना छह फील्ड आर्टिलरी ट्रैक्टर शामिल हैं।

नासिक स्थित देवलाली फील्ड फायरिंग रेंज में इन्हें लांच किया गया। 

सेना कुल 145 एम-777 और 100 के-9 तोपें खरीदेगी, जिनकी आपूर्ति अगले दो सालों में होगी

और इनकी लागत क्रमश: 5,000 करोड़ रुपये और 4,366 करोड़ रुपये होगी। 

155 एमएम व 39 कैलिबर वाली अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर तोपें अमेरिका से खरीदी गई हैं

और भारत में इनकी असेंबलिंग महिंद्रा डिफेंस की साझेदारी में बीएई सिस्टम्स द्वारा की जाएगी। 

30 किलोमीटर मारक क्षमता वाली एम-777 तोप को हेलीकॉप्टर और सर्विस एयरक्राफ्ट से ले जाया जा सकता है।

इस प्रकार विभिन्न इलाकों में तैनाती के लिए ये उपयुक्त हैं।

हॉवित्जर इस समय अमेरिका, कनाडा, आस्ट्रेलिया और कई अन्य देशों की सेना में शामिल हैं। 

पहली बार 10 के-9 वज्र 155 एमएम 52 कैलिबर की तोपें दक्षिण कोरिया के हनव्हा टेकविन से आयात की गई हैं

और इसे भारत में एल एंड टी द्वारा असेंबल किया गया है। 

बाकी 90 के-9 वज्र तोपें मुख्य रूप से भारत में बनाई जाएंगी, जिसके लिए दक्षिण कोरिया से कुछ प्रमुख कल-पुर्जे मंगाए जाएंगे।

40 तोपों की अगली खेप की आपूर्ति अगले साल नवंबर में होगी और बाकी 50 तोपों की आपूर्ति नवंबर 2020 में होगी। 

रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा,

“इन तोपों को शामिल किए जाने से पश्चिमी सीमा पर भारतीय सेना की आग्नेयास्त्र की क्षमता को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।”

सेल्फ प्रोपेल्ड के-9 वज्र की मारक क्षमता 28-38 किलोमीटर है और यह विस्फोट मोड में

30 सेकेंड में तीन चक्र गोलाबारी कर सकती है। वहीं, इंटेंस मोड में तीन मिनट में 15 चक्र

और सस्टेंड मोड में 60 मिनट में 60 चक्र गोलाबारी करने में समर्थ है। 

छह गुना छह फील्ड आर्टिलरी ट्रैक्टर अशोक लीलैंड द्वारा देसी तकनीक से तैयार किया गया है।

यह तोप ले जाने वाले वाहन के तौर पर पुराने बेड़े की जगह लेगा। 

आईएएनएस

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