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दूसरे आतंकी हमले की आशंकाओं-धमकियों के कारण हुआ बालाकोट हमला

JEM के सबसे बड़े आतंकी शिविर को ख़त्म करने का प्लान बना 200 घंटे में

To end JEM’s biggest terrorist camp Plan made in 200 hours

नई दिल्ली, 26 फरवरी : JEM के सबसे बड़े आतंकी शिविर को ख़त्म करने का प्लान बना 200 घंटे में l 

दूसरें आतंकी हमले की आशंकाओं-धमकियों के कारण हुआ बालाकोट हमला l 

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बालाकोट में स्थित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के

सबसे बड़े आतंकी शिविर पर मंगलवार तड़के भारतीय वायुसेना द्वारा किए गए हमले की योजना बनाने में 200 घंटे से ज्यादा का वक्त लगा है।

भारत में किसी भी स्थान पर दूसरे आत्मघाती हमले से संबंधित खुफिया जानकारी के बाद इस हमले की योजना शुरू हुई थी।

उच्च पदस्थ सूत्रों ने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को हुए

आत्मघाती हमले के महज दो दिनों बाद सरकार को खुफिया जानकारी मिली थी। 

सूत्र ने कहा कि खुफिया जानकारी में भारत के किसी भी हिस्से में अन्य आत्मघाती हमले के बारे में चेतावनी दी गई थी,

जिसके पुलवामा की तुलना में ज्यादा बड़ा होने की बात कही गई थी।

जानकारी मिलने के तुरंत बाद सरकार के शीर्ष अधिकारियों व संबंधित मंत्रियों, सेना, नौसेना और वायुसेना के प्रमुखों,

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बीच सिलसिलेवार बैठकें हुईं, ताकि जेईएम आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके।

To end JEM’s biggest terrorist camp Plan made in 200 hours

पाकिस्तान समर्थित आतंकी शिविरों पर हवाई हमले करने का अंतिम फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में लिया गया,

जिसमें गृहमंत्री राजनाथ सिंह, रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण, डोभाल और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीरेंद्र सिंह धनोआ मौजूद थे।

सूत्र ने कहा, “बैठक में आतंकी शिविरों पर हवाई हमले करने का फैसला किया गया,

क्योंकि पुलवामा हमले में शहीद सुरक्षाकर्मियों का बदला लेने और भारत में

किसी भी हमले की साजिश रचने वाले जेईएम को तगड़ा झटका देने का यही एकमात्र विकल्प था।

हवाई हमले के लिए 200 से ज्यादा घंटों तक योजना बनाई गई, जिसमें सभी पहलुओं का ध्यान रखा गया।”

सूत्र ने कहा, “फैसला किया गया था कि बदला पुलवामा हमले के 13वें दिन लिया जाएगा,

जो जम्मू एवं श्रीनगर राजमार्ग पर 78 वाहनों के काफिले पर आत्मघाती हमले में शहीद हुए

सीआरपीएफ जवानों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।” 

To end JEM’s biggest terrorist camp Plan made in 200 hours

अन्य सूत्र ने कहा कि 16 सुखोई लड़ाकू विमान 12 से ज्यादा मिराज 2000 लड़ाकू विमानों के पीछे थे,

जिन्होंने नियंत्रण रेखा पार कई आतंकी शिविरों को निशाना बनाया।

भारत ने करीब पांच दशकों में पहली बार सीमा पार कर हवाई हमले किए हैं।

उन्होंने कहा, “मिराज लड़ाकू विमानों ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित अपने सैन्य अड्डे से उड़ान भरी

और पंजाब के आदमपुर में मध्य हवा में ईंधन भरने के बाद बालाकोट में आतंकी शिविरों पर धावा बोला।”

पुलवामा हमले के बाद जब भारत ने जवाबी कार्रवाई का फैसला किया तब से

बालाकोट भारतीय खुफिया एजेंसियों के निशाने पर था, जो जेईएम का ठिकाना है।

खुफिया एजेंसियों को यकीन है कि पुलवामा हमले की साजिश बालाकोट आतंकी शिविर में ही बनाई गई थी,

जिसका अध्यक्ष जेईएम प्रमुख मसूद अजहर का साला मौलाना यूसुफ अजहर था।

बालाकोट नियंत्रण रेखा से काफी दूर है, जो आतंकियों के प्रशिक्षण के लिए एक सुरक्षित स्थान है।

और तो और नियंत्रण रेखा पर स्थित भारतीय चौकियों पर कार्रवाई करने वाले

पाकिस्तानी सेना की बॉर्डर एक्शन टीम (बैट) को भी बालाकोट में प्रशिक्षण दिया जाता है।

विदेश सचिव विजय. के. गोखले ने मंगलवार को मीडिया को बताया,

“इस अभियान में बड़ी संख्या में जेईएम आतंकी, प्रशिक्षक, शीर्ष कमांडर

और फिदायीन हमले के लिए प्रशिक्षण ले रहे जिहादी समूह मारे गए हैं।”

गोखले ने कहा, “भारत ने बालाकोट में जेईएम के सबसे बड़े आतंकी शिविर को निशाना बनाया।

पुख्ता जानकारी मिली थी कि जेईएम देश (भारत) के विभिन्न हिस्सों में आत्मघाती हमले का प्रयास कर रहा था

और इस मकसद के लिए फिदायीन जिहादियों को प्रशिक्षित किया जा रहा था।”

To end JEM’s biggest terrorist camp Plan made in 200 hours

पाकिस्तान ने स्वीकार किया कि भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में धावा बोला है,

लेकिन उसने दावा किया कि जब उसके युद्धक विमानों ने जवाबी कार्रवाई की तो वे लौट गए।

–आईएएनएस

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