भारत के व्यस्त जलमार्गो को आधुनिक बनाने की दिशा में काम हो रहा है : गडकरी

चेन्नई, 26 फरवरी :  केंद्रीय जहाजरानी व जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को यहां कहा कि केंद्र सरकार नौपरिवहन की लागत कम करने के लिए ईंधन समेत कई नई प्रौद्योगिकी पर कार्य कर रही है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-मद्रास (आईआईटीएम) परिसर में बंदरगाह, जलमार्ग और समुद्रतट राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी केंद्र (एनटीसीपीडब्ल्यूसी) की आधारशिला रखने के बाद उन्होंने कहा, “हम इन दिनों कई नई प्रौद्योगिकी पर काम कर रहे हैं। हम नौपरिवहन के लिए मेथनॉल का इस्तेमाल ईंधन के रूप में करने की योजना बना रहे हैं, जो काफी लागत प्रभावी है और डीजल की तुलना में कम प्रदूषण फैलाने वाला है।”

उन्होंने कहा कि एनटीसीपीडब्ल्यूसी भारत के पत्तनों और व्यस्त जलमार्गो को आधुनिक बनाने की दिशा में काम करेगा। 

गडकरी ने कहा कि यह केंद्र एक रणनीतिक, नवाचार प्रेरित कदम साबित होगा जिसे भारत के पत्तनों, जलमार्गो और समुद्री क्षेत्र में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी लाने का कार्य सौंपा गया है। 

हालांकि कार्यक्रम में छात्रों द्वारा संस्कृत में वंदना करने को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। कुछ लोगों ने केंद्र सरकार पर संस्कृत थोपने की कोशिश करने का आरोप लगाया। 

पीएमके संस्थापक एस. रामदौस ने तमिझ ताई वांझतू (माता तमिल की वंदना) नहीं गाने को लेकर एतराज जताया। 

हालांकि आईआईटीएम के निदेशक भाकर राममूर्ति ने इसका खंडन करते हुए कहा कि छात्र खुद संस्कृत में वंदना करने आए थे। 

उन्होंने कहा कि आईआईटीएम में रिकार्ड किए गए गाने बजाने की परंपरा नहीं है। उन्होंने कहा कि तमिझ ताई वांझतू गाने में कोई दिक्कत नहीं है। भविष्य में इसे यहां गाया जाएगा।

–आईएएनएस

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