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बिना वैचारिक गठबंधन महागठबंधन नहीं ‘राजनीतिक दुस्साहस’ : मोदी

उनका अभियान 'विकास, तीव्र विकास और सबका विकास' पर आधारित : मोदी

नई दिल्ली, 12 अगस्त : बिना वैचारिक गठबंधन महागठबंधन नहीं ‘राजनीतिक दुस्साहस’ : मोदी

 उनका अभियान ‘विकास, तीव्र विकास और सबका विकास’ पर आधारित : मोदी 

विपक्ष के महागठबंधन को एक असफल विचार करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुआई में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) 2019 में होने वाले

अगले लोकसभा चुनाव में 2014 के लोकसभा चुनाव से भी ज्यादा सीटें हासिल करेगा और सारे रिकार्ड तोड़ेगा।

टाइम्स ऑफ इंडिया समाचार पत्र में रविवार को प्रकाशित एक साक्षात्कार में मोदी ने कहा है

कि जनता एक मजबूत और निर्णय लेने वाली सरकार चाहती है

और उनका अभियान ‘विकास, तीव्र विकास और सबका विकास’ पर आधारित रहेगा।

उन्होंने कहा, “आगामी चुनाव में हम निश्चित रूप से पिछले चुनाव से ज्यादा सीटें हासिल करेंगे

और मुझे पूरा विश्वास है कि हम राजग द्वारा पिछले चुनाव में जीती सीटों का रिकार्ड तोड़ देंगे

तथा और अधिक प्रतिष्ठा हासिल करेंगे। जनता हमारे साथ है और हमें डरने की कोई जरूरत नहीं है।”

विपक्ष के महागठबंधन पर मोदी ने कहा कि उनके सत्ता में आने के बाद भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा में सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा, “30 सालों के बाद केंद्र में क्रियाशील, मजबूत और स्थिर सरकार आई है।

जनता के मन में राजनीतिक मजबूरियों के कारण गठित गठबंधन सरकार को लेकर बुरे अनुभव हैं।”

उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि जनता अपना मत अलग-अलग विचारों वाले

ऐसे दलों को देकर बरबाद नहीं करेगी, जिनका लक्ष्य मोदी को हटाने के अतिरिक्त और कुछ नहीं है।”

मोदी ने कहा, “निराश और अलग-अलग मतों के दलों का बिना वैचारिक गठबंधन महागठबंधन नहीं ‘राजनीतिक दुस्साहस’ है।”

उन्होंने कहा, “यह एक असफल विचार है, जो कभी सफल नहीं हुआ है।

इतिहास हमें बताता है कि ऐसे दुस्साहस 1979, 1990 और 1996 में असफल रहे हैं।

जनता मजबूत और निर्णय लेने वाली सरकार चाहती है।”

भाजपा की अगुआई वाले सत्तारूढ़ गठबंधन में मतभेदों के सवाल पर मोदी ने कहा कि हालिया

राज्यसभा के उपसभापति के चुनाव में राजग के उम्मीदवार ने

बहुमत नहीं होने के बावजूद जीतकर सभी लोगों की आशंकाएं समाप्त कर दी होंगी।

मोदी ने संसद में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान उन्हें गले लगाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए उन्हें ‘नामदार’ बताया।

उन्होंने कहा, “नामदारों के अपने नियम होते हैं। वे निर्णय लेते हैं कि कब घृणा करनी है,

कहां घृणा करनी है और कैसे घृणा करनी है।

वे यह भी निर्णय लेते हैं कि प्यार कब जताना है। हम कामदार हैं। हमारे ऐसे कोई विशेषाधिकार नहीं हैं।”

मोदी ने कहा कि सरकार के काम करने का तरीका चुनाव को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाना नहीं है।

उन्होंने कहा, “2022 तक का मेरा लक्ष्य सार्वजनिक है।

सभी नीतियां और कार्यवाहियां उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बनाई गई हैं।”

–आईएएनएस

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