breaking_newsअन्य ताजा खबरेंदेशराजनीति
Trending

भाजपा ने बदला अपना संविधान, पहली बार कार्यकारी अध्यक्ष-जे पी नड्डा,अमित शाह बने रहेंगे पार्टी अध्यक्ष

पार्टी इस वर्ष हरियाणा, झारखंड और महाराष्ट्र में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव शाह और नड्डा के नेतृत्व में लड़ सकती है।

नयी दिल्ली,18 जून:JP Nadda BJP working presidentमोदी-शाह की जोड़ी ने भाजपा के संविधान को भी बदलकर रख दिया है। भाजपा ने पहली बार कोई कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है।

जे पी नड्डा को भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया(JP Nadda BJP working president) है और अमित शाह अभी भी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनें रहेंगे।

भाजपा को कैडर बेस पार्टी माना जाता रहा है। अमित शाह-नरेंद्र मोदी ने इसे व्यक्तिवादी पार्टी बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है

और हो भी क्यों न अमित शाह (Amit Shah) की चाणक्य नीतियों के कारण ही भाजपा आज 2 से 350 सीटों का आंकड़ा पा सकी है। अमित शाह (Amit Shah) के नेतृत्व में ही भाजपा ने वो मुकाम पाया है जो सदियों से पार्टी चाहती रही है।

इसलिए अमित शाह के लिए भाजपा ने अपने संविधान ‘एक व्यक्ति एक पद’ के साथ समझौता कर लिया था। अमित शाह का भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष कार्यकाल इसी साल जनवरी 2019 में खत्म हो गया था

लेकिन आगामी लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर पार्टी ने उन्हें अध्यक्ष पद पर बनाएं रखा और अब जे पी नड्डा को भी कार्यकारी अध्यक्ष बनाकर भाजपा ने पार्टी के भीतर एक नई परंपरा शुरू की है

जिसके तहत पहली बार भाजपा में कोई कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है और पहली बार भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष (अमित शाह) वो शख्स है जो पहले से ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में गृहमंत्री के पद पर आसिन है जोकि पार्टी के संविधान एक व्यक्ति एक पद के विरूद्ध है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री जे पी नड्डा को सोमवार को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष (JP Nadda BJP working president) नियुक्त किया गया है।

पार्टी की संसदीय बोर्ड की बैठक में यह फैसला किया गया।

संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यह घोषणा की। बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा प्रमुख अमित शाह शामिल हुए।

शाह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहेंगे।

सिंह ने पत्रकारों से कहा, ‘‘जे पी नड्डा पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष होंगे (JP Nadda selected BJP working president)।’’

सूत्रों के अनुसार बोर्ड ने शाह से पार्टी के सदस्यता अभियान और संगठनात्मक चुनाव संपन्न होने तक पद पर बने रहने का अनुरोध किया। हालांकि, शाह ने कहा कि गृह मंत्री होने के नाते वह कई अन्य मामलों में भी व्यस्त रहेंगे।

सूत्रों ने बताया कि शाह का कार्यकाल दिसम्बर 2019 में समाप्त होना है और वह पार्टी के ‘एक व्यक्ति, एक पद’ के सिद्धांत के चलते फिर से पार्टी अध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल में विस्तार नहीं लेना चाहेंगे।

सूत्रों ने बताया कि वर्तमान में भाजपा के संसदीय बोर्ड के सचिव नड्डा भाजपा के संगठनात्मक चुनाव संपन्न होने तक कार्यकारी अध्यक्ष रहेंगे और ऐसे संकेत हैं कि वह शाह का स्थान ले सकते है।

नड्डा (58) को लोकसभा चुनाव के मद्देनजर उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई थी जहां भाजपा ने 80 सीटों में से 62 सीटें हासिल की थी।

तीन बार विधायक रहे नड्डा राज्यसभा में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह मोदी सरकार के पिछले कार्यकाल में स्वास्थ्य मंत्री थे।

पार्टी श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती छह जुलाई से सदस्यता अभियान शुरू करेगी।

इस प्रक्रिया के पूरी होने में कुछ महीने लग सकते है जिसका मतलब है कि पार्टी इस वर्ष हरियाणा, झारखंड और महाराष्ट्र में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव शाह और नड्डा के नेतृत्व में लड़ सकती है।

(इनपुट एजेंसी से भी)

Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: