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Live कर्नाटक सरकार गठन: येदियुरप्पा शपथ ग्रहण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची कांग्रेस, आधी रात में चल रही है सुनवाई

Breaking News: Supreme Court seeks list of BJP legislators, Yeddyurappa will take oath on time today
The Supreme Court of India. (File Photo: IANS)

Live कर्नाटक सरकार गठन: येदियुरप्पा शपथ ग्रहण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची कांग्रेस, आधी रात में चल रही है सुनवाई

नई दिल्ली, 17 मई: कांग्रेस पार्टी कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई  के फैसले से खासी नाराज है कि उन्होंने बीजेपी को बतौर सबसे बड़ा दल मानकर कर्नाटक में सरकार बनाने का न्यौता पहले दे दिया जबकि कांग्रेस और जेडीएस के गठबंधन को मिलाकर सरकार बनाने का आंकड़ा जरूरी आकंड़े से कहीं ज्यादा बैठता है। इसी के खिलाफ कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर की और इसी मुद्दे पर इस समय सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

दरअसल, येदियुरप्पा का गुरुवार की सुबह 9 बजे होने वाले शपथ ग्रहण समारोह होने वाला है और इसी पर कांग्रेस-जेडीएस ने रोक लगाने की मांग की। कांग्रेस और जेडीएस कर्नाटक के राज्यपाल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में इस बात पर भी गुहार लगाई है कि उन्होंने बीजेपी को 15 दिन का समय बहुमत जुटाने के लिए कैसे दे दिया।

अब बुधवार आधी रात 1:45 बजे से सुप्रीम कोर्ट की बेंच इस मुद्दे पर सुनवाई कर रही है। कांग्रेस की ओर से पक्ष रखने का काम अभिषेक मनु सिंघवी कर रहे है और बीजेपी की ओर से पूर्व अटॉर्नी जरनल मुकुल रोहतगी के साथ-साथ सरकार की ओऱ से एएसजी तुषार मेहता इस समय कोर्ट में मौजूद है।

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सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच कर्नाटक में सरकार गठन के मुद्दे की सुनवाई कर रही है। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ही इस बात का पता चलेगा कि येदियुरप्पा सुबह शपथ ग्रहण कर पाएंगे या नहीं और कर्नाटक में बीजेपी एक बार फिर पांच साल बाद सरकार बना पाएंगी या नहीं।

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई कोर्ट रुम नंबर 6 में चल रही है। अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा है कि बीजेपी के पास महज 104 विधायक है ऐसे में गवर्नर उन्हें कैसे पहले सरकार बनाने का न्यौता दे सकते है और येदियुरप्पा कैसे सुबह 9 बजे शपथ ग्रहण कर सकते है।

इस पर मुकुल रोहतगी ने कहा है कि राज्यपाल के आदेश पर रोक नहीं लगाई जा सकती यानि वे कहना चाहते है कि येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण पर रोक लगाना सही नहीं है। अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि कांग्रेस-जेडीएस के पास 117 विधायक है जबकि भाजपा के पास महज 104 विधायक है ऐसे में वे कर्नाटक में सरकार कैसे बना सकते है और राज्यपाल कैसे उन्हें पहले न्यौता दे सकते है जबकि गोवा और मणिपुर में बड़ा दल होने पर भी कांग्रेस को राज्यपाल ने पहले न्यौता नहीं दिया था।

इस पर मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि गोवा में कांग्रेस ने अपना पक्ष ही नहीं रखा था। दोनों केसों की तुलना ही नहीं हो सकती। सिंघवी के सवाल पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकारिया रिपोर्ट में बीजेपी सबसे बड़े दल के रूप में कर्नाटक में आई है। कांग्रेस-जेडीएस ने चुनाव के बाद गठबंधन बनाया। 

अभिषेक मनु सिंघवी ने राज्यपाल द्वारा बीजेपी को दिए 15 दिन के वक्त पर भी सवाल उठाएं। सुप्रीम कोर्ट की ओर से जस्टिस सीकरी ने कहा कि बीजेपी के बहुमत के दावे को भी परखना होगा।

कांग्रेस ने दलील दी कि बहुमत के दावे के सुबूत के बावजूद भी राज्यपाल ने कांग्रेस-जेडीएस को मौका नहीं दिया।मेघालय और गोवा में भी पोस्ट पोल अलायंस (चुनाव बाद गठबंधन) को मौका दिया गया फिर कर्नाटक में क्यों नहीं। सिंघवी ने कहा कि शपथग्रहण करने की क्यों जल्दी है।झारखंड में भी चुनाव बाद सरकार बनी।

कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल अपने विवेक से फैसला ले सकते है तो हम कैसे उनके फैसले पर उंगली उठा सकते है। सिंघवी ने कहा कि दिल्ली में भी आप और कांग्रेस की चुनाव बाद सरकार बनी और जम्मू-कश्मीर में भी पीडीपी और बीजेपी की गठबंधन सरकार बनीं।

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समय धारा

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