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ममता दीदी आज भी मुझे मिठाई-कुर्ता भेजती है: पीएम मोदी अक्षय कुमार से इंटरव्यू में

अक्षय कुमार ने नरेंद्र मोदी से उनके व्यक्तिगत जीवन से संबंधित बातें पूछी और फोकस उनकी पर्सनैलिटी के अनछूएं पहलूओं को जानने पर रहा

नई दिल्ली, 24 अप्रैल:PM Modi give first non-political interview to Akshay Kumar- पीएम नरेंद्र मोदी (PM Modi)  ने बॉलिवुड एक्टर अक्षय कुमार (Akshay Kumar) को अपना पहला गैरराजनीतिक मुद्दों पर इंटरव्यू(first  non-political interview)  दिया है। बॉलिवुड एक्टर अक्षय कुमार ने पीएम मोदी का इंटरव्यू लिया। अक्षय कुमार ने पहले ही साफ कर दिया कि वे कोई राजनीतिक इंटरव्यू नहीं ले रहे इसलिए राजनीति से जुड़े सवाल नहीं पूछेंगे बल्कि मोदी जी की शख्सियत से जुड़े सवाल ही पूछेंगे।

अक्षय कुमार ने नरेंद्र मोदी से उनके व्यक्तिगत जीवन से संबंधित बातें पूछी और फोकस उनकी पर्सनैलिटी  के अनछूएं पहलूओं को जानने पर रहा।

पेश है इस इंटरव्यू के कुछ अंश:

अक्षय कुमार- आपको आम खाना पसंद है।

मोदी- जी हां, मुझे पेड़ पर लटकें आम खाना पसंद है।

अक्षय कुमार- क्या आपको गुस्सा आता है।

मोदी- मैं कभी गुस्सा करके या अपमानित करके काम नहीं करता। 

अक्षय कुमार- मां के साथ रहने का मन करता है।

मोदी- नहीं, बचपन में छोटी आयु में ही घर छोड़ दिया और उस उम्र मे मेरी जो ट्रेनिंग हुई तो मुझे अलगाव की आदत सी हो गई। फिर भी कभी मां को बुला लेता हूं या जाकर मिल लेता हूं।अब जीवन उसी तरह ढल गया है।

अक्षय कुमार- प्रधानमंत्री बनने के बाद क्या आपका ह्यूमर अभी भी बरकरार है। चूंकि छवि सख्त हेडमास्टर की है कि आप बहुत काम करवाते है।

मोदी- मेरी छवि सही नहीं बनाई गई है। मैं किसी पर दबाव डालकर काम नहीं करवाता। मैं मेहनत करता हूं तो वे लोग भी मुझे देखकर काम करने लगते है। इसलिए मैं काम नहीं करवाता। खुदबखुद वर्क कल्चर बन जाता है। मेरी सख्त छवि ठीक नहीं है। आप झूठ बोलकर लंबे समय तक किसी को इंप्रेस नहीं कर सकते । अनुशासन थोपने से नहीं आता। मैं अनुशासन से जीता हूं। मैं परिवार में एक मिनट में माहौल को हल्का कर देता था। आज शब्दों को तोड़मरोडकर पेश किया जाता है। मेरे जूनियर अफसर के साथ मैं दोस्ताना व्यवहार करता हूं।

अक्षय कुमार- अपोजिशन में कौन दोस्त है?

मोदी- बहुत दोस्त है। हम साल में एक बार खाना भी खाते थे। एक बार गुलाम नबी आजाद औऱ मैं दोस्ताना आवाज में गप्पे मार रहे थे। किसी ने कहा कि अरे, तुम तो आरएसएस वाले हो फिर इनसे दोस्ती कैसे। तब गुलाम नबी ने कहा कि हम एक फैमिली के रूप में रहते है आपके सामने एक और बात का खुलासा करता  हूं हालांकि चुनावी मौसम है तो इस बात का मुझे नुकसान भी हो सकता है लेकिन बताता हूं कि  ममता दीदी आज भी साल मे एक बार मुझे कुर्ता या तीन-चार बार बंगाली मिठाई भेज देती है। विपक्षी नेता भी परिवार की तरह है।

अक्षय कुमार- आज आपका बैंक बैलेंस कितना है?

मोदी- गुजरात सीएम रूप में मेरा कोई बैंक अकाउंट नहीं था। बचपन में बैंक अकाउंट था। 30-35 साल तक कोई बैंक अकाउंट नहीं था।फिर सीएम और एमएलए बना तो वेतन आना शुरू हो गया। फिर जब मैं वहां से निकला तो मैंने अपना बैंक अकाउंट का 21 लाख रुपया दे दिया  था। मैनें पार्टी और कर्मचारियों को पैसे दिए। मैनें अपना प्लॉट और पैसा दोनों दान कर दिए थे जब मैं सीएम था। इस पर अक्षय कुमार ने चुटकी लेते हुए पूछा क्या आप सच में गुजराती है? चूंकि गुजराती अपने पैसों को बहुत संभालकर रखते है। पैसों से दूर नहीं रह सकते। तब पीएम मोदी ने भी चुटकुला सुनाया।

अक्षय कुमार- अगर अलाउद्दीन का चिराग मिल जाए तो तीन विश क्या होगी?

मोदी- मुझे अगर अलाउद्दीन का चिराग मिलता है तो मैं उसे कहूंगा कि जितने भी समाजशास्त्री और शिक्षाविद् है उनके दिमाग में ये भर दो कि आने वाली पीढ़ियों को ये अलाउद्दीन की चिराग वाली कहानी पढ़ाना छोड़ दे। ये मुल्क परिश्रम का है।

अक्षय कुमार- आपका रिटायरमेंट प्लान क्या है

मोदी- एक रोचक चीज बताता हूं। अटल जी, अडवाणी जी थे और प्रमोद महाजन थे। प्रमोद जी ने पूछा रिटायरमेंट का प्लान क्या है। मैने कहा मेरे लिए बहुत कठिन है। मुझे कुछ नहीं आता। मुझे कल्पना नहीं होती कि मैं रिटायर होउंगा। मैं शरीर का पल-पल किसी न किसी काम में बिताऊंगा।

अक्षय कुमार-  सबसे वेल्यूएबल चीज क्या रही थी

मोदी- प्रधानमंत्री बनते समय शायद और प्रधानमंत्रियों को ये बेनिफिट नहीं मिला जो मुझे मिला है वो ये है कि मैं लंबे अर्से तक मुख्यमंत्री गुजरात का रहकर आया हूं। मैं सिटिंग मुख्यमंत्री रहा हूं। ये तजुर्बा शायद किसी और को नहीं मिला और मैं समझता हू कि इसने ही मुझे देश की सेवा करने की ताकत दी और यही मुझे फायदा दे रहा है।

अक्षय कुमार- आप तीन-चार घंटे सोते है?

हां, आपकी बात सही है। मेरे जानने वाले या ओबामा जी ने भी पूछा आप कम क्यों सोते हो? काम के नशे में क्यों नींद खराब करते हो। मेरी नींद कम समय में ही पूरी हो जाती है। मेरी बॉडी का साइकल ऐसा हो गया है। आंख खुलते ही मेरा पैर जमीन पर होता है। डॉक्टर नींद बढ़ाने को बोलते है लेकिन मैं आदी हो चुका हूं।

अक्षय कुमार-नरेंद्र मोदी को जुकाम लगता है तो क्या लेते है?

मोदी- मैंने इतनी कठिन जिंदगी जी है कि डॉक्टर क्या होता है या दवाई क्या होती है इसका मुझे पता नहीं। मैं  हमेशा अपने कंधे पर गमछा रखता था। उसे पैर पर बांध देता था और लकड़ी लगाकर खुद मसाज करता था। बहुत साल पहले मैनें पैदल कैलाश यात्रा की। जुकाम के समय पूरा समय गर्म पानी पीता हूं। हो सकें तो फास्टिंग करता हूं 24-48 घंटे या फिर सरसों का तेल रात को दो-तीन बूंद डाल लेता हूं। आयुर्वेद पर विश्वास है।

अक्षय कुमार- मैं एक गस्सा चालीस बार चबाता हूं और सुना है कि शास्त्रो के हिसाब से ये ठीक है क्या आप इसे सही मानते है?

मोदी-बिल्कुल सही, हमारे देश के किसान या मजदूर सुबह थोड़ा लंच जैसा नाश्ता ही खाते है और चबाकर ही खाते है।

अक्षय कुमार- आपका फैशन स्टेटमेंट बढ़िया है। कभी छोटी बांह का कुर्ता, लंबी दाढ़ी, आपका फैशन आपने खुद किया है या किसी और ने..

मोदी- मैनें सीएम बनने तक भी कपड़े खुद धोएं है। लंबी बांह के कुर्ते से मुझे ज्यादा धोना पड़ता था, इसलिए मैनें छोटी बाह के कुर्ते पहने। मुझे गरीबी के कारण हीनभावना महसूस होती थी। इसलिए मैं बर्तन के लोटे से गर्म कोयला भर देता था और उससे कपड़े प्रेस करके पहनता था लेकिन जूते नहीं थे तो एक दिन कैनवस के जूते मामा जी ने दिए। मैनें सोचा थोड़े दिन में ये गंदे हो जाएंगे तो जब स्कूल के बच्चे क्लास से चले जाते थे तो चॉक के टुकड़ो को जूतों पर लगा देता था और उससे जूते चमकाता था।

अक्षय कुमार-  घड़ी उल्टी क्यों पहनते है

 मोदी– दूसरों के सम्मान में उल्टी घड़ी पहनता हूं।

अक्षय कुमार-मोदी जी सोशल मीडिया का पूरा जमाना है। लोग आपसे प्रश्न पूछते है या बात करते है तो क्या सोशल मीडिया अकाउंट निजी रूप से देखते है?

मोदी- जी हां, मैं आपका और ट्विंकल खन्ना का भी ट्विटर अकाउंट खुद देखता हूं। ट्विंकल खन्ना जी जो गुस्सा मेरे ऊपर निकालती है उससे आप बच जाते होंगे। मैं ट्वीट पढ़ मजे लेता हूं।

अक्षय कुमार-  सोशल मीडिया पर मीम्स देखते हो तो कैसा लगता है?

मोदी- मैं उसमें मोदी को कम क्रिएटिविटी को ज्यादा देखता हूं। क्या सोचते है ये लोग। मीम देखकर एंजॉय करता हूं।

कुछ लोग चुभने वाले मीम बनाते है। उस समय आप खुद को संतुलित रखें तो दूसरे की नींद हराम हो जाती है। ऐसे में वो परेशान हो जाता है।

आपसे बात करके मैं पहेल भी मिल चुका हूं। मुझे बहुत मजा आता है। एक इंसान के तौर पर आप बहुत अच्छे है। आप एक ऐसे शख्स है कि आपने बहुत त्याग किया है। ये मेरी निजी सोच है।

अक्षय कुमार-क्या आप अपनी मंथली सैलरी में से कुछ  अपनी माता जी को भेजते है

मोदी- मेरी माताजी मुझे आज भी पैसा देती है। वो मुझे आज भी सवा रुपया देती है। मैनें देश को अपना परिवार बना लिया है।

अक्षय कुमार- बचपन में कौनसा खेल था जो आप खेलते थे?

मोदी- मैं बचपन में संघ की शाखाओं में जाता था। वहां वैज्ञानिक खेल होते थे।इसलिए खेलों के द्वारा टीम स्पिरिट क्या होती है। ये चीजें समझ आने लगी। मैं योगा में रुचि लेता था। मैं ग्रुप खेल खेलता था। इंडिविजुअल खेल नहीं खेलता था। जिंदगी जीने के लिए ग्रुप वाले खेल खेलने चाहिए।

अक्षय कुमार-मोदी जी आपने गुल्ली-डंडा खेला है

मोदी- जी हां, लेकिन ज्यादातर मैं तैरने चला जाता था. कारण एक बड़ा ये था कि पूरे परिवार के कपड़े मैं ही धोता था।

अक्षय कुमार- मैनें यूनाइटेड नेशन्स में एक स्पीच देखी थी। क्या उस स्पीच में आप नर्वस थे?

मोदी- मैं उस स्पीच मेरा ओवरकॉन्फिडेंस था। सुषमा जी पहले से ही वहां थी। सुषमा जी ने पूछा कि आप स्पीच लिखकर लाएं और मैनें कहा कि मैं लिखकर नहीं लाया मैं खुद बोलता हूं और फिर मैनें अपनी बोलने वाली बातों को लिख दिया। मुझे पढ़कर बोलने में परेशानी होती है। मैं बिना पढ़े आराम से बोल लेता हूं।

 अक्षय कुमार -फिल्में देखते है

मोदी- अभी नहीं देख पाता। मेरे गांव मे एक थियेटर था। थियेटर में जाने का मौका मिलता था तो मैं और मेरा दोस्त दशरथ जाकर बैठकर मूवी देखते थे.  बाद में तो मौका नहीं मिला। जब सीएम बना तो अमिताभ जी के साथ पापा देखी थी और बाद में अनुपम जी के साथ वेडनसडे फिल्म देखी थी।

अक्षय कुमार- पहली बार पीएम बनकर आपने स्वच्छता पर बात की? आपको डर नहीं लगा कि आप पीएम बनकर स्वच्छता या टॉयलेट की बात कर रहे है।

मोदी- मैनें गांधी जी को पढ़ा है। मैनें स्वच्छता का महत्व सीखा है। भारत जैसे देश में पिछड़ेपन का एक कारण गंदगी है इसलिए मैनें स्वच्छता को एक जनआंदोलन बना लिया। 98% देश में टॉयलेट बन गए है।देश में गरीबी औऱ बीमारी बड़ा मुद्दा।

अक्षय कुमार-  बतौर प्रधानमंत्री क्या आप गार्डन में बैठकर आराम करते है?

मोदी- मुझे सुबह पांच बजे बिना चीनी की चाय पीने की आदत है। मुझे शाम को छह बजे चाय की आदत है, वो भी खुले में। मैं कभी दीवाली नहीं मनाता। मै दीवाली पर चार-पांच दिन कहीं चला जाता था। कभी पेड़ के नीचे या कभी कहीं चला जाता था और चार-पांच दिन प्रकृति को देखता था। मैं मुझसे मिलने जाता हूं। अब ये सब नहीं कर पाता हूं। इससे मुझे बहुत ताकत मिलती थी।

जब मैं चाय बेचता था तो बहुत लोगों से मिलने का मौका मिलता था. बहुत कुछ सीखा। मैं हिंदी में  बात करता था तो लोग बहुत हैरत में होते थे कि तू तो गुजराती है। इसका कारण ये था कि जब चाय बेेचता था तो माल ढोने वाली मालगाड़ी के ड्राइवरों से मैनें हिंदी सीख ली…जब मैं उन्हें चाय परोसता था।

अक्षय कुमार-  क्या कोई हिंदी गाना गुनगुनाते हो

मोदी- पवनवेग से उड़ने वाले घोड़े…ऐसे गाने अच्छे लगते थे।

मुझे आपसे बात करके अच्छा लगा। मुझे अच्छा लगा कि चुनावी आपाधापी के बीच हल्क-फुल्का भाषण रहा।

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Reena Arya

रीना आर्य एक ज्वलंत और साहसी पत्रकार व लेखिका है। वे समयधारा.कॉम की एडिटर-इन-चीफ और फाउंडर भी है। लेखन के प्रति अपने जुनून की बदौलत रीना आर्य ने न केवल बड़े-बड़े ब्रांड्स में अपने काम के बल पर अपनी पहचान बनाई बल्कि अपनी काबलियत को प्रूव करते हुए पत्रकारिता के पांच से छह साल के सफर में ही अपने बल खुद एक नए ब्रैंड www.samaydhara.com की नींव रखी।रीना आर्य हर मुद्दे पर अपनी बेबाक राय रखने पर विश्वास करती है और अपने लेखन को लगभग हर विधा में आजमा चुकी है

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