breaking_newsअन्य ताजा खबरेंदेशबीमारियां व इलाजराज्यों की खबरेंहेल्थ
Trending

बिहार इंसेफेलाइटिस से बच्चों की मौत- कोर्ट ने दिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ जांच के आदेश

हर्षवर्धन और मंगल पांडे के खिलाफ यह केस सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी ने दर्ज कराया है।

नई दिल्ली, 24 जून: Bihar Encephalitis deaths case- बिहार में मासूम 150 बच्चों की मौत इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (चमकी बुखार) के कारण हुई है और ये आकंड़ा अब तक बढ़ता ही जा रहा है।

अब इस मामले में (Bihar Encephalitis deaths case) लापरवाही बरतने के आरोप में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (Harshvardhan) और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे (Bihar health minister Mangal Pandey) के खिलाफ मुजफ्फरपुर सीजेएम कोर्ट ने जांच के आदेश दे दिए है।

अब इनके खिलाफ बच्चों की जिंदगी के साथ लापरवाही बरतने का केस दर्ज हुआ है।

ध्यान दें कि अकेले मुजफ्फरपुर में बच्चों की मौत का आंकड़ा 130 के भी पार पहुंच चुका है।

हर्षवर्धन और मंगल पांडे के खिलाफ यह केस सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी ने दर्ज कराया है।

बकौल तमन्ना हाशमी एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (Acute Encephalitis Syndrome) को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए सरकार की ओर से अभी तक कितने कदम उठाएं गए है? क्या-क्या किया गया है। यदि इस बीमारी को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया होता तो इतने बच्चों की मौत न हुई होती।

सुप्रीम कोर्ट ने भी लिया संज्ञान

सोमवार को बिहार चमकी बुखार (Chamki Bukhar) मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने भी संज्ञान लिया है और उत्तर प्रदेश,बिहार,केंद्र सरकार को इंसेफेलाइटिस से पीड़ित बच्चों की मौत को लेकर नोटिस जारी किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने इनसे सात दिनों के भीतर ही हलफनामा दायर करके जवाब तलब किया है। सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी स्तर की सरकारों से पूछा है कि इंसेफेलाइटिस (Encephalitis) से पीड़ित बच्चों की मृत्यु को रोकने के लिए क्या जरूरी कदम उठाए गए है।

कोर्ट ने इंसेफलाइटिस से पीड़ित (Bihar Encephalitis deaths case) बच्चों के पोषण, सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी सुविधाओं का ब्यौरा मांगा है।

हेल्थ मिनिस्ट्री के अनुमान के अनुसार, दिमागी बुखार या चमकी बुखार (Chamki Bukhar) के 5-35 प्रतिशत मामले जापानी बुखार वायरस के कारण होते है।

बिहार में एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (चमकी बुखार) से मरने वाले बच्चों की मौत की संख्या 150 तक पहुंच गई है।

ऑफिशियल आंकड़ों के अनुसार, मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्णा मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल (एसकेएमसीएच) में अभी तक 110 बच्चों की मौत हो चुकी है।

इतना ही नहीं, मुजफ्फरपुर केजरीवाल हॉस्पिटल में भी चमकी बुखार के कारण 20 बच्चों की मौत हो गई है।

(इनपुट एजेंसी से भी)

Tags

Reena Arya

रीना आर्य एक ज्वलंत और साहसी पत्रकार व लेखिका है। वे समयधारा.कॉम की एडिटर-इन-चीफ और फाउंडर भी है। लेखन के प्रति अपने जुनून की बदौलत रीना आर्य ने न केवल बड़े-बड़े ब्रांड्स में अपने काम के बल पर अपनी पहचान बनाई बल्कि अपनी काबलियत को प्रूव करते हुए पत्रकारिता के पांच से छह साल के सफर में ही अपने बल खुद एक नए ब्रैंड www.samaydhara.com की नींव रखी।रीना आर्य हर मुद्दे पर अपनी बेबाक राय रखने पर विश्वास करती है और अपने लेखन को लगभग हर विधा में आजमा चुकी है

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: