Breaking: पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के खिलाफ राम रहीम दोषी करार

नई दिल्ली,11 जनवरी: #CBI court convicted Ram Rahim in murder of journalist Ramchandra Chattrapati’s assassination- राम रहीम की काली करतूतों का सबसे पहले खुलासा करने वाले शहीद जाबांज पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के लिए राम रहीम को सीबीआई कोर्ट ने दोषी करार दिया है। `17 जनवरी को सजा पर फैसला आएगा।

16 साल बाद स्वर्गीय पत्रकार  के हत्यारे को उसका अंजाम मिला है। रामचंद्र छत्रपति ही वो पहले पत्रकार थे जिन्होंने राम रहीम के डेरा में मासूम लड़कियों के साथ हो रहे बलात्कार और यौन शोषण के खिलाफ खबर छापी थी। इसी के चलते राम रहीम ने सहयोगियों के साथ मिलकर उन्हें गोलियों से भून दिया था

राम रहीम के खिलाफ फैसले आने से पहले ही हरियाणा पुलिस ने पूरे राज्य में सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी है। राम रहीम इस समय रोहतक की सोनारिया जेल में साध्वी यौन-शोषण मामले में 20 साल की सजा झेल रहे है।

गौरतलब है कि हरियाणा के पंचकूला स्थित केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने शुक्रवार को सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को दोषी करार दिया। अदालत ने तीन अन्य को भी मामले में दोषी करार दिया है। ये तीनों डेरा प्रमुख राम रहीम के करीबी सहयोगी रहे हैं।

अदालत में मौजूद कृष्ण लाल, कुलदीप व निर्मल को पुलिस ने तत्काल हिरासत में ले लिया और तीनों को अंबाला जेल भेज दिया गया।

पंचकूला में सीबीआई अदालत के न्यायाधीश जगदीप सिह ने इस फैसले की घोषणा की।

पत्रकार रामचंद्र छत्रपति को अक्टूबर 2002 में गोली मारी गई थी। छत्रपति की अस्पताल में कई दिनों तक जिंदगी के लिए जूझने के बाद नवंबर में मौत हो गई।

डेरा प्रमुख अदालत के समक्ष रोहतक के निकट स्थित सुनारिया जेल से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए पेश हुए।

हरियाणा पुलिस व सरकार द्वारा सुरक्षा चिंता जताए जाने के मद्देनजर राम रहीम की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई।

सीबीआई अदालत मामले में 17 जनवरी को सजा सुनाएगी।

न्यायाधीश जगदीप सिंह ने ही 25 अगस्त, 2017 को दुष्कर्म के दो मामलों में गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिया था और राम रहीम को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी।

अदालत की सुनवाई के मद्देजर पंचकूला अदालत परिसर के बाहर और भीतर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

अदालत के फैसले से पहले पंजाब में और हरियाणा के रोहतक व सिरसा शहरों में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।

पुलिस हरियाणा और पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति को संभालने के लिए ‘नाम चर्चा घरों’ के निकट मौजूद थी।

सिरसा शहर के बाहर और डेरा मुख्यालय परिसर के चारों तरफ सुरक्षा बढ़ाई गई थी।

डेरा के अनुयायियों को बड़ी संख्या में एकत्र होने की अनुमति नहीं थी।

राम रहीम का पूर्व चालक खट्टा सिंह ने पहले ही अदालत में बयान दे चुका था कि राम रहीम ने पत्रकार की हत्या करने का आदेश दिया था।

गुरमीत अपनी शिष्याओं के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद जेल की सजा काट रहा है।

गुरमीत का पंजाब और हरियाणा की राजनीतिक पार्टियों व नेताओं के बीच काफी सम्मान था, क्योंकि उसके पास अनुयायियों का बड़ा वोट बैंक था।

डेरा प्रमुख को दोषी करार दिए जाने के बाद हरियाणा के सिरसा और पंचकूला में हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई थी और 260 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।

पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले के अलावा गुरमीत पूर्व डेरा प्रबंधक रंजीत सिंह के हत्या मामले का सामना कर रहा है।

इस मामले की सीबीआई अदालत में सुनवाई चल रही है।

रंजीत सिंह को जुलाई 2003 में गोली मारी गई थी। माना जाता है कि रंजीत, डेरा प्रमुख के बहुत से गलत कार्यो का राजदार था।

(कुछ इनपुट आईएएनएस से भी)

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