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कोर्ट का फैसला लोकतंत्र की जीत, बीजेपी अल्पमत में, हमारे पास संख्या बल : कांग्रेस

नई दिल्ली/हैदराबाद, 19 मई : कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को यहां कांग्रेस के विधायकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।

उन्होंने इस बैठक के दौरान शनिवार को सदन में भाजपा के विश्वासमत परीक्षण के दौरान कांग्रेस द्वारा अपनाए जाने वाली रणनीति पर चर्चा की।

कांग्रेस और जनता दल-सेक्युलर के विधायकों को विधानसभा में बहुमत परीक्षण से पहले खरीद-फरोख्त से बचाने के लिए हैदराबाद ले जाने के कुछ ही घंटों के बाद सिद्धारमैया भी हैदराबाद पहुंचे।

सिद्धारमैया ने होटल ताज कृष्णा पहुंचकर शनिवार को विश्वासमत परीक्षण के संबंध में विधायकों से चर्चा की।

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, “वरिष्ठ नेता ने विधायकों को विश्वासमत के दौरान भाजपा को पराजित करने के लिए सामंजस्य बिठाने का निर्देश दिया। बैठक में पार्टी के सभी 76 विधायक शामिल हुए।”

जेडी-एस के विधायकों को नोवोटल होटल में ठहराया गया है। सूत्रों ने दोनों पार्टी के विधायकों के संयुक्त बैठक से हालांकि इंकार नहीं किया है।

पुलिस ने दोनों होटलों के बाहर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। पत्रकारों को होटल में प्रवेश करने से रोक दिया गया है और सुरक्षाकर्मी लोगों से होटल में प्रवेश करने से पहले पूछताछ कर रहे हैं।

तेलंगाना कांग्रेस प्रमुख उत्तम कुमार रेड्डी, वरिष्ठ नेता मोहम्मद अली शब्बीर और अन्य ने पार्टी विधायकों से ताज कृष्णा होटल में मुलाकात की।

कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शनिवार को कर्नाटक विधानसभा में बहुमत परीक्षण में हार जाएगी। कांग्रेस नेता और प्रसिद्ध वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “आज एक ऐतिहासिक दिन है, हम इस परिप्रेक्ष्य में बात रखना चाहते हैं। पहली बार राज्यपाल की भूमिका पर और संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार किस पार्टी को आमंत्रित किया जा सकता है, इस पर सवाल उठाया गया।”

भाजपा पर कटाक्ष करते हुए राज्यसभा सदस्य ने कहा, “यह हास्यास्पद है कि लोग कह रहे हैं कि कांग्रेस हताश हैं..जबकि खुद उनके चेहरे पर हार का तनाव स्पष्ट दिख रहा है।”

उन्होंने कहा, “अदालत द्वारा कल (शनिवार) बहुमत परीक्षण की बात कहे जाने के बाद येदियुरप्पा के वकील ने कहा कि 15 दिन ज्यादा नहीं हैं, फिर उन्होंने इसे 10 दिन और फिर सात दिन करने का दबाव बनाया और आखिरकार कहा कि इसे सोमवार से पहले नहीं किया जाए।”

कांग्रेस नेता ने कहा, “इससे संदेश साफ है। सोमवार क्यों? आप ने 15 को पत्र लिखा और आज 18 है और आगे आपको सोमवार तक समय की जरूरत है, क्या करने के लिए, जो आप बीते तीन दिन नहीं कर सके। यह आपके डर को दिखाता है।”

सिंघवी ने कहा कि येदियुरप्पा के वकील शनिवार को विश्वास मत परीक्षण के दौरान गुप्त मतदान चाहते थे, लेकिन शीर्ष अदालत ने उनकी मांग खारिज कर दी।

उन्होंने कहा, “भाजपा चाहती थी कि विश्वास मत पर मतदान गुप्त वोट के जरिए हो। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश में लिखा है कि शनिवार को विश्वास मत साबित करने के दौरान गुप्त मतदान नहीं होगा।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा, “15 दिनों का समय व गुप्त मतदान दोनों सवालों का जवाब उस व्यक्ति को देना चाहिए, जिसका नाम अंग्रेजी के एम अक्षर से शुरू होता है।”

येदियुरप्पा की आलोचना करते हुए सिंघवी ने कहा, “मैंने इस तरह की बेताबी नहीं देखी, जिस तरह की येदियुरप्पा ने कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनने में दिखाई है।”

इससे पहले,

कांग्रेस के वरिष्ठ अधिवक्ता और नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने सर्वोच्च न्यायालय के कर्नाटक विधानसभा में शनिवार चार बजे बहुमत साबित करने के फैसले को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने अदालत के बाहर संवाददाताओं से कहा, “यह एक ऐतिहासिक अंतरिम आदेश है क्योंकि अदालत ने 36 घंटे से भी कम समय में विश्वास मत हासिल करने का निर्देश दिया है।”

सर्वोच्च न्यायालय ने एंग्लो-इंडियन सदस्य के नामांकन पर रोक लगा दी है क्योंकि अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में कहा कि राज्य विधानसभा में एक एंग्लो-इंडियन सदस्य को नामित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

अदालत ने पुलिस महानिदेशक को नव निर्वाचित सांसदों की सुरक्षा की निगरानी निजी तौर करने का निर्देश दिया है।

उन्होंने कहा,”यह स्पष्ट है कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा के पत्रों में खुलासा नहीं किया गया है कि उन्होंने किस आधार पर दावा किया कि वह सरकार बनाएंगे। उनके पास राज्य में सरकार बनाने का कोई आधार नहीं था।”

–आईएएनएस

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