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केरल में कुदरत का कहर, 24घंटे-24 मौत

केरल में बीते 24 घंटों में भारी बारिश के कारण मरने वालों की संख्या 24 हो गई

तिरुवनंतपुरम, 10 अगस्त :  केरल में कुदरत का कहर, 24घंटे-24 मौत l 

केरल में बीते 24 घंटों में भारी बारिश के कारण मरने वालों की संख्या गुरुवार को 24 हो गई।

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने मौसम पूर्वानुमान के मद्देनजर अलप्पुज्हा में शनिवार को होने वाली सालाना नेहरू बोट रेस स्थगित कर दी है।

इदामालयर बांध को खोले जाने के बाद पेरियार नदी में बाढ़ आ गई और पानी कोचीन अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे के परिसर तक पहुंच गया,

जो दोपहर बाद सभी पहुंचने वाले विमानों के लिए बंद था।

लेकिन, पानी 3 बजे हटने के बाद, हवाईअड्डे को फिर खोला गया।

गृह मंत्रालय के एक बयान में कहा गया कि केरल के विभिन्न

जिलों में 8-9 अगस्त की रात को भारी बारिश व भूस्खलन की वजह से 22 लोगों की मौत हो गई।

इसमें इडुक्की में 11, मल्लपुरम में पांच, वयानाड में तीन, कन्नूर व एर्नाकुलम में दो-दो व कोझीकोड में एक व्यक्ति की मौत हुई।

कक्षा 12वीं के दो छात्र जो कोच्चि के निकट बाढ़ के पानी में मछली मार रहे थे, बह गए। बाद में उनका शव पाया गया।

बयान में कहा गया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की चार टीमें

चेन्नई से केरल के लिए रवाना हुई है। एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल बाढ़ के

इलाके का दौरा कर रही है और बेंगलुरू से सैन्य मदद भेजी गई है।

इससे पहले मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि बारिश ने राज्य भर में जीवन व संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया है।

उन्होंने कहा, “चूंकि अधिक बारिश की संभावना है, अधिक सावधानी बरतने के कारण

पुन्नामादा झील पर आगामी नेहरू वोट रेस स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।

आयोजकों द्वारा नई तिथियों की घोषणा की जाएगी।”

उन्होंने कहा कि केंद्रीय दल ने सभी तरह का सहयोग मुहैया कराने के लिए सहमत है।

विजयन ने कहा, “चूंकि भारी बारिश से व्यापक नुकसान और विनाश हुआ है,

इसलिए पैसों की आवश्यकता है और हम उन सभी का आह्वान करते हैं, जो दान करना चाहते हैं।

वे इसे मुख्यमंत्री के फंड में कर सकते हैं।”

इससे पहले इडुक्की के विद्युत मंत्री एम.एम मणि ने कहा कि जिले में स्थिति बहुत बुरी है।

मणि ने कहा, “इदामालयर बांध के द्वार खोले गए। हम इडुक्की बांध का भी एक द्वार खोलेंगे।”

उल्लेखनीय है कि 26 वर्षो के अंतराल के बाद दोपहर 12.30 बजे इडुक्की बांध का

एक द्वार परीक्षण और पानी के प्रवाह के आकलन के लिए खोला गया।

इसे रात भर के लिए खोला रखा जाएगा। अगर पानी का स्तर नहीं गिरता है तो दूसरे द्वारों को भी शुक्रवार की सुबह खोला जा सकता है।

इससे पहले विजयन ने स्थिति का आकलन करने के लिए आपातकालीन बैठक

आयोजित की और बचाव और राहत अभियान का नेतृत्व करने के लिए वरिष्ठ अधिकारी पी.एच. कुरियन को नियुक्त किया। 

राज्य सचिवालय में एक विशेष निगरानी प्रकोष्ठ भी खोला गया है

और सभी 14 जिला कलेक्टरों को हर जिले में एक निगरानी केंद्र खोलने का निर्देश दिया गया है।

दक्षिणी नौसेना कमांड ने चार डाइविंग टीमों व एक सी किंग हेलीकॉप्टर भेजा है।

–आईएएनएस

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