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‘राष्ट्रपिता की समाधि व अस्थि कलश’ को ‘उखड़वाने’ का ‘घिनौना काम’ शिवराज के इशारे पर हुआ: कांग्रेस

दूसरे राजघाट को तोड़े जाने को कांग्रेस ने 'घिनौना कृत्य' करार दिया है और इसे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इशारे पर हुई कार्रवाई बताया है (साभार-एनडीटीवी)

भोपाल, 28 जुलाई : मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में नर्मदा नदी के तट पर स्थित दूसरे राजघाट को तोड़े जाने को कांग्रेस ने ‘घिनौना कृत्य’ करार दिया है और इसे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इशारे पर हुई कार्रवाई बताया है। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अरुण यादव व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह शुक्रवार को बड़वानी पहुंचकर डूब प्रभावितों से मिलेंगे। यादव ने गुरुवार को एक बयान जारी कर कहा है, “जिस विचारधारा के लोगों ने गांधीजी की हत्या की, उसी विचारधारा की सरकार ने आज उनकी समाधि और अस्थि कलश को उखड़वा दिया। राष्ट्रपिता की समाधि और अस्थि कलश को उखड़वाने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।”

उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस राज्य सरकार और प्रशासन द्वारा की गई इस शर्मनाक कार्रवाई के विरोध में धरना-प्रदर्शन करेगी, जिसमें पार्टी पदाधिकारी, सांसद, विधायक, कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहेंगे।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि वह और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह 28 जुलाई को बड़वानी जाएंगे, जहां वे दोपहर 12 बजे डूब प्रभावितों के हक एवं उनकी मांगों को लेकर किए जा रहे आंदोलन में शामिल होंगे तथा आमसभा को संबोधित करेंगे।

सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई बढ़ाकर 138 मीटर की जा रही है। बांध की ऊंचाई बढ़ने से मध्यप्रदेश के 192 गांव और एक शहर के लगभग 40 हजार परिवार प्रभावित होने वाले हैं।

–आईएएनएस