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कर्नाटक में संविधान का मजाक, आज का दिन लोकतंत्र की हार के शोक का – राहुल गांधी

The joke of the constitution in Karnataka, today's mourning for the defeat of democracy - Rahul Gandhi
कर्नाटक में संविधान का मजाक, आज का दिन लोकतंत्र की हार के शोक का - राहुल गांधी

 नई दिल्ली, 17 मई : कर्नाटक में संविधान का मजाक, आज का दिन लोकतंत्र की हार के शोक का – राहुल गांधी 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता बी.एस.येदियुरप्पा के कर्नाटक के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने को संविधान का मजाक उड़ाने के समान करार दिया।

येदियुरप्पा ने सर्वोच्च न्यायालय से हरी झंडी मिलने के बाद गुरुवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। 

राहुल ने ट्वीट कर कहा, “भाजपा का यह तर्कहीन आग्रह कि वह कर्नाटक में सरकार बनाएगी, जबकि उनके पास पूर्ण संख्या नहीं है।

यह हमारे संविधान का मजाक उड़ाने के समान है।”

उन्होंने कहा, “इस सुबह जब भाजपा अपनी खोखली जीत का जश्न मना रही है, भारत लोकतंत्र की हार का शोक मनाएगा।”
राज्यपाल वजुभाई वाला ने गुरुवार को कड़ी सुरक्षा एवं व्यवस्था के बीच सुबह नौ बजे राजभवन में येदियुरप्पा को शपथ दिलाई।

येदियुरप्पा (75) ने भाजपा के केंद्रीय और राज्य के नेताओं और नवनिर्वाचित विधायकों के बीच कन्नड़ भाषा में शपथ ली।

इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय की तीन सदस्यीय पीठ ने येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण पर रोक लगाने संबंधी कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) की संयुक्त रिट याचिका खारिज कर दी। 

शीर्ष अदालत ने कहा कि येदियुरप्पा का शपथ ग्रहण मामले के अंतिम नतीजे के अधीन है और इस मामले में अगली सुनवाई शुक्रवार को 10.30 बजे होगी।

न्यायाधीश ए.के.सीकरी के नेतृत्व में पीठ ने उस पत्र को पेश करने को कहा, जिसे येदियुरप्पा ने बुधवार को राज्यपाल को लिखते हुए उन्हें सूचित किया था कि कर्नाटक में भाजपा के विधायक दल के नेता के रूप में उनका चुनाव किया गया है।

कांग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी.चिदंबरम ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा कि येदियुरप्पा के राज्यपाल को दिए पत्र से उनका भाग्य निर्धारित होगा।

उन्होंने कहा, “येदियुरप्पा के राज्यपाल को दिए पत्र से उनका भाग्य निर्धारित होगा। भाजपा ने 104 से अधिक संख्या का उल्लेख नहीं किया है। राज्यपाल के न्योते में किसी संख्या का उल्लेख नहीं किया गया है।”

उन्होंने कहा, “मैं सर्वोच्च न्यायालय को सलाम करता हूं। यदि मैं येदियुरप्पा होता तो मैं शुक्रवार को मामले की 10.30 बजे होने वाली सुनवाई तक शपथ नहीं लेता।”

–आईएएनएस

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समय धारा

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