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जम्मू-कश्मीर के माछिल में 3जवान शहीद, पाक सैनिकों ने एक भारतीय सैनिक के शव से की बर्बरता

(साभार-गूगल)

श्रीनगर, 23 नवंबर:  जम्मू एवं कश्मीर में पाकिस्तानी गोलीबारी में तीन जवान शहीद हो गए। इनमें से एक जवान का शव सरकटी अवस्था में मिला। शहीद भारतीय जवान के शव को क्षत-विक्षत करने की एक महीने के अंदर यह दूसरी घटना है। भारतीय सेना ने इसे पाकिस्तानी सेना की बॉर्डर ऐक्शन टीम की हरकत बताया है। यह घटना नियंत्रण रेखा के माछिल सेक्टर की है, जो कुपवाड़ा जिले में भारत व पाकिस्तान को विभाजित करता है।

भारतीय सेना ने यह भी कहा है कि पाकिस्तानी सेना की ‘इस बर्बर और कायराना’ हरकत का बदला लिया जाएगा। हालांकि पाकिस्तान ने इन आरोपों से इनकार किया है।

सेना के अधिकारियों ने कहा कि सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत ने रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को पूरी घटना से अवगत कराया है।

अधिकारियों ने कहा, “भारतीय जवान के शव को क्षत-विक्षत करने की कायराना हरकत बॉर्डर एक्शन टीम (बीएटी) का किया धरा है, जिसे पाकिस्तानी सेना ने आतंकवादियों व अपने सैनिकों के सहयोग से अंजाम दिया है।”

उत्तरी कमान ने ट्वीट किया, “माछिल में नियंत्रण रेखा पर गोलाबारी में तीन जवान शहीद हो गए। एक जवान के शव को क्षत-विक्षत कर दिया गया। इस कायराना हरकत के लिए (पाकिस्तान को) बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।”

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एम. नफीस जकारिया ने पाकिस्तानी सेना द्वारा भारतीय सैनिक का सिर काटने की घटना से इनकार किया है।

जकारिया ने ट्वीट किया, “पाकिस्तान भारतीय मीडिया में आई उन झूठी और आधारहीन खबरों का खंडन करता है जिसमें नियंत्रण रेखा पर एक भारतीय सैनिक का सिर काटने के आरोप लगाए गए हैं।”

उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा, “यह खबरें गढ़ी हुई हैं और पाकिस्तान को बदनाम करने की कोशिश है।”

घटना पर प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार से सवाल किया है कि अब वे आगे क्या करने वाले हैं।

कांग्रेस नेता मनीष तेवारी ने कहा, “अगर हमारे सैनिकों की इतनी निर्मम तरीके से हत्या की जा रही है तो इसके लिए सीधे-सीधे सरकार जिम्मेदार है। इस समय सबसे अहम सवाल है कि सरकार अब क्या करने वाली है।”

बीते 28 अक्टूबर को आतंकवादी भारतीय सेना के एक शहीद जवान के शव को क्षत-विक्षत करने के बाद पाकिस्तानी सैनिकों की कवर फायरिंग की आड़ में पाकिस्तान की तरफ भाग निकले थे।

हमले की प्रतिक्रिया में भारतीय सेना ने जम्मू एवं कश्मीर के केरन सेक्टर में भारी हमला कर पाकिस्तान की चार चौकियों को तबाह कर दिया था।

पिछले सप्ताह लोकसभा में रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे द्वारा दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस साल 14 नवंबर तक सेना के आठ जवान शहीद हो चुके हैं जबकि 59 घायल हुए हैं।

राज्यसभा में मंगलवार को एक लिखित जवाब में भामरे ने यह भी कहा कि आठ जुलाई को हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद घुसपैठ के प्रयास की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है।

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, जब पाकिस्तानी घुसपैठियों ने भारतीय सेना के शहीद जवान का शव क्षत-विक्षत किया है।

सन् 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान, 4 जाट रेजिमेंट के कैप्टन सौरभ कालिया तथा सिपाही अर्जुनराम बासवाना, मूला राम बिदियासर, नरेश सिंह सिनसिनवार, भंवर लाल बागड़िया तथा भीखा राम मुध को पाकिस्तानी सैनिकों ने जिंदा पकड़ लिया था और उनके साथ यातनाओं की इंतेहा कर दी थी।

इन सैनिकों के कानों के पर्दे में गरम लोहे की छड़ से छेद कर दिया गया था, आंखें फोड़ दी गई थी और यौन अंगों को काट दिया गया था। शवों के अंत्यपरीक्षण में यह खुलासा हुआ था कि उनके शरीर को जलते सिगरेट से दागा भी गया था। उनके पैर काट दिए गए थे, दांत तोड़ दिए गए थे और सिर की हड्डियों को तोड़ दिया गया था। यहां तक कि उनके नाक व होंठ तक काट दिए गए थे।

पाकिस्तानी सेना ने आठ जनवरी, 2013 को सीमा के कृष्णा घाटी सेक्टर में भारतीय क्षेत्र में दाखिल होकर दो भारतीय सैनिकों लांसनायाक हेमराज तथा लांसनायक सुधाकर सिंह को मार डाला था। भारतीय अधिकारियों ने कहा था कि दोनों के शवों को क्षत-विक्षत कर दिया गया था और शहीद हेमराज का सिर काट दिया गया था।

–आईएएनएस

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समय धारा

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