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कानपुर रेल हादसा : मृतकों की संख्या बढ़कर 114 हुई

कानपुर, 20 नवंबर:   इंदौर से पटना जा रही इंदौर-राजेन्द्र नगर एक्सप्रेस रविवार तड़के कानपुर में पुखरायां के पास भीषण हादसे का शिकार हो गई। इस दुघर्टना में मृतकों की संख्या 91 तक पहुंच गई है। इस हादसे में 150 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। एनडीआरएफ की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

उत्तरप्रदेश के एडीजी (कानून एवं व्यवस्था) दलजीत चौधरी और कानपुर के आईजी जकी अहमद ने बताया कि दुर्घटना में मृतकों की संख्या 91 पहुंच चुकी है जबकि करीब 150 लोग घायल हैं। सभी घायलों का इलाज अस्पतालों में किया जा रहा है। मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कानपुर के पुखरायां स्टेशन के पास रविवार सुबह हुई रेल दुर्घटना में यात्रियों के मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त करते हुये मृतकों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये और मामूली रूप से घायलों के लिए 25-25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

यह आर्थिक सहायता रेलवे विभाग द्वारा दी जाने वाली सहायता के अतिरिक्त होगी।

मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त कानुपर को निर्देश दिए हैं कि रेलवे अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर राहत एवं बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाया जाए।

इधर, रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पटना के लिए जाने वाली यह ट्रेन रात में झांसी से रवाना हुई थी। उस समय ट्रेन के एस 1 बोगी के डिब्बे के पहिये चलने में आवाज कर रहे थे। रास्ते में यात्रियों ने शिकायत भी की, लेकिन ट्रेन में स्टाफ ने कुछ सुना नहीं। रात 3.30 बजे कानपुर देहात में पुखरायां के निकट अचानक ट्रेन की एस 1 बोगी बुरी तरह लड़खड़ा गई और उसके बाद एक के बाद एक बोगियां पटरी से उतर गईं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दुर्घटना में ट्रेन की एस1 और एस 2 बोगी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। जिस समय यह दुर्घटना हुई, उस समय पूरी तरह से अंधेरा था और चीख पुकार के अलावा कुछ सुनाई नहीं दे रहा था। दिन निकलने और लगभग डेढ़ घंटे के बाद रेलवे, पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचना शुरू हो गए। उसके बाद यात्रियों को मदद मिलना शुरू हुआ।

हादसे में यात्री बुरी तरह से बोगी में फंसे हुए थे, जिनको बोगी काट काटकर निकाला जा रहा है। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल है। कानपुर देहात के साथ ही आसपास के जिलों से एंबुलेंस बुलाकर घायलों को ले जाया जा रहा है।

दुर्घटनास्थल पर हजारों लोगों के जमा हो जाने पर मदद करने में प्रशसन को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

यात्रियों के मुताबिक, झांसी से ही ट्रेन चलने में बहुत आवाज कर रही थी, उसे दो बार रोका भी गया था, लेकिन उसके बाद फिर ट्रेन को चला दिया गया।

इधर, 11109 झांसी-लखनऊ इंटरसिटी और 51803 झांसी-कानपुर पैसेंजर ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। 12542 और 12522 आगरा और कानपुर के रास्ते चलेंगी। 12541 भीमसेन, बांदा, इटारसी होकर चलेगी। 12534 को ग्वालियर और इटावा होकर चलाया जाएगा। मौके पर रेलवे तथा जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद हैं।

रेलवे सूत्रों के मुताबिक, अभी भी कई यात्री डिब्बे में फंसे हुए हैं। हादसे की भयावहता को देखते हुए मरने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी की आशंका है। इस हादसे में घायल हुए लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से कई घायलों की हालत बेहद गंभीर और नाजुक बताई गई है।

यात्रियों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। हालांकि, इन नंबरों पर संपर्क नहीं हो पा रहा है। झांसी का हेल्पलाइन नंबर 0510-1072 है जबकि उरई का हेल्पलाइन नंबर 0516-21072 है। कानपुर का हेल्पलाइन नंबर 0512-1072 है। इसके अतिरिक्त पुखरायां का हेल्पलाइन नंबर 05113-270239 है। कानपुर देहात जिला प्रशासन का हेल्पलाइन नंबर 0511-271050 है।

एनडीआरएफ के अधिकारी आलोक सिंह के मुताबिक, हादसे की संख्या 100 से अधिक है। यहां से लोगों को नजदीकी अस्पतालों में शिफ्ट किया जा रहा है। राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

–आईएएनएस

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समय धारा

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