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हिरासत में गए महेश शाह, बोले-घोषित 13,860 करोड़ रुपये मेरे नहीं, नेता, बाबू, बिल्डर्स के है

13,680 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति का खुलासा करने वाले गुजरात के कारोबारी महेश शाह (Photo: IANS)

अहमदाबाद, 4दिसंबर, समयधारा : अपनी आय का गलत ब्यौरा देने वाले गुजरात के व्यापारी महेश शाह को आयकर विभाग ने हिरासत में ले लिया है। गौरतलब है कि 13800 करोड़ के काले धन का महेश शाह ने आयकर विभाग के समक्ष खुलासा किया था जोकि अब तक का सबसे बड़ी आय का खुलासा था, लेकिन बाद में पता चला कि यह आय का गलत ब्यौरा है और तभी से महेश शाह फरार था। कहा जाता है कि महेश शाह दक्षिण भारत, महाराष्ट्र और गुजरात में जमीन का बिजनेस करता था और उसका कहना है कि उसने जो आय का खुलासा किया, वह कुछ रसूखदार बड़े नेताओं के कहने पर किया और जब उन लोगों ने अपने हाथ पीछे खींच लिए तब अंतत: उसे एक टीवी स्टूडियो में आकर यह बताना पड़ा कि वह पैसा मेरा नहीं बल्कि कई लोगों का है जिनमें नेता, बाबू और बिल्डर्स शामिल है।

असल में इनकम डिक्लरेशन स्कीम (आईडीएस) के तहत महेश शाह ने अपने कालेधन का खुलासा किया है और उसके बाद वह अचानक गायब हो गए और फिर शनिवार को एक ड्रामा के तहत वह एक लोकप्रिय टीवी चैनल में पहुंच गया और वहां आयकर विभाग को भी बुला लिया, तब आयकर विभाग ने उन्हें हिरासत में ले लिया। स्टूडियो पहुंचकर महेश शाह ने बताया कि वह पैसा उनका नहीं है बल्कि कई और प्रभावशाली लोगों का है।

गौरतलब है कि आयकर घोषणा योजना (आईडीएस) के तहत दो महीने पहले 13,680 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति का खुलासा करने वाले गुजरात के कारोबारी महेश शाह ने शनिवार को कहा कि कुछ कारोबारियों व राजनेताओं ने अपने पैसे की घोषणा करने के लिए उनका इस्तेमाल किया, जिनके नाम वह जल्द ही सामने लाएंगे। बीते 29 नवंबर को फरार होने के लगभग एक सप्ताह बाद शाह अहमदाबाद में टेलीविजन चैनल ईटीवी के स्टूडियो में दिखाई दिए, जहां आयकर विभाग ने प्रॉपर्टी डीलर शाह को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया।

 इससे पहले उन्होंने टेलीविजन चैनल से कहा, “आईडीएस के तहत मैंने 13,860 करोड़ की संपत्ति की जो घोषणा की है, वह मेरे नहीं हैं।”

कारोबारी ने कहा कि ऐसा करने के लिए किसी ने मुझे मजबूर नहीं किया था, बल्कि इस संपत्ति की घोषणा करने के लिए मुझे कमीशन देने का वादा किया गया था।

शाह ने कहा, “जिन लोगों के पैसों की घोषणा आईडीएस के तहत की गई थी, वे अपनी बात से पीछे हट गए, जिस कारण मैं पहली किस्त अदा नहीं कर सका।”

उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी गलती का अहसास हो चुका है और आयकर विभाग को सभी सूचनाएं मुहैया कराने के बाद जल्द ही वह सारा खुलासा कर देंगे।

शाह ने कहा, “जिनके पैसों की घोषणा की गई है, वे कारोबारी और राजनीतिज्ञ हैं।”

शाह (67) तब सुर्खियों में आए, जब आम माफी योजना के तहत घोषित संपत्ति की पहली किश्त देने में नाकाम होने के बाद आयकर अधिकारियों ने उनके आवास तथा अहमदाबाद स्थित उनके कार्यालय पर छापेमारी की थी।

आयकर अधिकारियों के समक्ष घोषणा को सामने रखने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट तहमूल सेठना ने शुक्रवार को कहा कि अपने मुवक्किल से उनकी अंतिम बातचीत 29 नवंबर को हुई थी।

आईडीएस के अंतिम दिन 30 सितंबर की रात शाह आयकर कार्यालय गए थे।

उन्होंने 14 अक्टूबर को आईडीएस के तहत सांविधिक फॉर्म नंबर-2 दिया था। आयकर विभाग ने बाद में फॉर्म नंबर-2 के प्रतिवेदन की पुष्टि की थी, जिसका मतलब होता है कि आयकर विभाग ने उनकी घोषणा को स्वीकार कर लिया है।

आईडीएस उन लोगों को कानून से राहत प्रदान करता है, जो अपनी अघोषित आय की घोषणा करते हैं और कर का भुगतान करते हैं।

शाह को कुल घोषित पैसों का 45 फीसदी यानी लगभग 6,237 करोड़ रुपये कर के रूप में भुगतान करना था। 30 नवंबर को 1,560 करोड़ रुपये की पहली किस्त दी जानी थी।

 लेकिन जब वह पहली किस्त अदा करने में नाकाम हुए, तो आयकर विभाग के अधिकारियों ने फाइनेंस एक्ट, 2016 (आईडीएस) की धारा 193 के तहत उनके फॉर्म नंबर-2 को रद्द कर दिया और शाह तथा उनकी कंपनी के पते पर छापेमारी शुरू कर दी।

(इनपुट आईएएनएस से भी)

 

 

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समय धारा

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